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Bijnor News: पिंजरे में कैद हुआ गुलदार
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अफजलगढ़ के गांव मानियावाला में पिंजरे में कैद गुलदार। स्रोत वन विभाग
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अफजलगढ़/कासमपुरगढ़ी। गांव मानियावाला में एक माह से दिखाई दे रहा गुलदार आखिरकार पिंजरे में कैद हो गया। वन विभाग को गांव में पिंजरा लगाने के पांच दिन के भीतर कामयाबी हासिल हुई। वन विभाग की टीम उसे पीली डैम कार्यालय पर ले गई है।
रविवार सुबह ग्रामीणों ने गांव के उत्तर दिशा में तेंदुए की गुर्राहट सुनी। उन्हें वहां पिंजरे में गुलदार कैद मिला। मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची ओर गुलदार को पिंजरे सहित कब्जे में ले लिया। गांव मानियावाला में करीब एक माह से दो गुलदार अलग- अलग स्थानों पर दिखाई दे रहे थे। करीब पांच दिन पूर्व वन विभाग की टीम ने दो पिंजरे लगाए थे। गुलदार को लुभाने के लिए पिंजरे में मुर्गा रखा गया था। नगीना रेंजर प्रदीप शर्मा ने बताया कि पिंजरे में कैद गुलदार मादा है। उसकी उम्र करीब ढाई से तीन वर्ष आंकी गई है। वन दरोगा सुनील राजौरा ने बताया कि करीब 20 के करीब गुलदार मुर्गा खाने के चक्कर में पिंजरे में फंसे हैं।
गुलदार के खौफ से खेतों पर जाने से डर रहे ग्रामीण
बरूकी। ग्राम शादीपुर के पास जंगल में गुलदार की मौजूदगी से ग्रामीण खौफजदा हैं। तीन दिन पहले गांव से पश्चिम दिशा की ओर बरूकी नहर के पास कमल कुमार के खेत में गुलदार की मौजूदगी मिली थी। वहां एक आम के पेड़ पर कुत्ता और गीदड़ के अधखाए शव लटके मिले थे। पेड़ के नीचे गुलदार के पंजों के निशान मिले थे। इसके साथ ही गांव के उत्तर दिशा में भी एक गुलदार नजर आया था। गुलदार के खौफ से ग्रामीण खेतों पर जाने से डर रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से पिंजरा लगाकर गुलदार को पकड़ने की मांग की है। संवाद
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रविवार सुबह ग्रामीणों ने गांव के उत्तर दिशा में तेंदुए की गुर्राहट सुनी। उन्हें वहां पिंजरे में गुलदार कैद मिला। मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची ओर गुलदार को पिंजरे सहित कब्जे में ले लिया। गांव मानियावाला में करीब एक माह से दो गुलदार अलग- अलग स्थानों पर दिखाई दे रहे थे। करीब पांच दिन पूर्व वन विभाग की टीम ने दो पिंजरे लगाए थे। गुलदार को लुभाने के लिए पिंजरे में मुर्गा रखा गया था। नगीना रेंजर प्रदीप शर्मा ने बताया कि पिंजरे में कैद गुलदार मादा है। उसकी उम्र करीब ढाई से तीन वर्ष आंकी गई है। वन दरोगा सुनील राजौरा ने बताया कि करीब 20 के करीब गुलदार मुर्गा खाने के चक्कर में पिंजरे में फंसे हैं।
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गुलदार के खौफ से खेतों पर जाने से डर रहे ग्रामीण
बरूकी। ग्राम शादीपुर के पास जंगल में गुलदार की मौजूदगी से ग्रामीण खौफजदा हैं। तीन दिन पहले गांव से पश्चिम दिशा की ओर बरूकी नहर के पास कमल कुमार के खेत में गुलदार की मौजूदगी मिली थी। वहां एक आम के पेड़ पर कुत्ता और गीदड़ के अधखाए शव लटके मिले थे। पेड़ के नीचे गुलदार के पंजों के निशान मिले थे। इसके साथ ही गांव के उत्तर दिशा में भी एक गुलदार नजर आया था। गुलदार के खौफ से ग्रामीण खेतों पर जाने से डर रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से पिंजरा लगाकर गुलदार को पकड़ने की मांग की है। संवाद