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Bijnor News: महिलाओं से ज्यादा पुरुषों में उच्च रक्तचाप और शुगर का खतरा
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-तनावपूर्ण जीवनशैली की वजह से है बीमारियों की चपेट में ज्यादा आ रहे पुरुष
नंबर गेम
- 8886 महिलाएं और 9384 पुरुष शुगर की समस्या लेकर पिछले चार महीने में सरकारी अस्पताल पहुंचे
- 8294 महिलाएं और 9925 पुरुष उच्च रक्तचाप की समस्या से ग्रसित सरकारी अस्पताल दवा लेने पहुंचे
अमन कुमार शर्मा
बिजनौर। तनावपूर्ण जीवनशैली, अनियमित खानपान, हार्मोनल, शारीरिक गतिविधियों में कमी का असर अब पुरुषों की सेहत पर अधिक दिखाई देने लगा है। महिलाओं की तुलना में पुरुषों में उच्च रक्तचाप और मधुमेह का अधिक खतरा है। इसका आकलन सरकारी अस्पतालों में पिछले चार महीने में दवा लेने पहुंचे मरीजों से हुआ है। इसकी वजह से पुरुषों में हार्टअटैक, किडनी फेल का खतरा कई गुना बढ़ रहा है।
जिले की सीएचसी, पीएचसी पर अप्रैल माह से जुलाई तक 18,270 डायबिटीज के मरीज दवाई लेने पहुंचे। इनमें में 9384 पुरुष और 8886 महिलाएं शामिल हैं। इससे साफ जाहिर है कि महिलाओं की तुलना में 498 पुरुषों ने डायबिटीज का इलाज कराया जबकि 18219 उच्च रक्तचाप के मरीज सरकारी अस्पताल दवाई लेने आए। उच्च रक्तचाप की दवाई लेने वालों में 9925 पुरुष और 8294 महिलाएं रहीं। पिछले चार महीनों में महिलाओं के सापेक्ष 1631 ज्यादा पुरुष उच्च रक्तचाप की दवाई लेने पहुंचे।
डॉ. समीर भटनागर ने बताया कि सरकारी अस्पताल की ओपीडी में मधुमेह और उच्च रक्तचाप से ग्रसित सभी मरीज 30 वर्ष से अधिक आयु के हैं। इस उम्र के बाद अनियमित दिनचर्या, तनाव, असंतुलित खानपान इन बीमारियों का जोखिम बढ़ा देते हैं।
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पुरुषों में मधुमेह और हाई बीपी के यह कारण मिले
सरकारी अस्पतालों में पहुंचे उच्च रक्तचाप और मधुमेह के मरीजों से जब चिकित्सक ने बात की तो बीमारी के कई कारण समझ आए। इनमें तनावपूर्ण जीवनशैली, नौकरी, परिवार, व्यवसाय, आर्थिक दबाव, अनियमित खानपान, डिब्बा बंद खाना, तैलीय खानपान, शारीरिक गतिविधि की कमी, तंबाकू और शराब का सेवन, जांच कराने में लापरवाही सबसे मुख्य रही।
चिकित्सकों ने दी सलाह, ऐसे करें बचाव
-हरी सब्जी, दाल और फल, पर्याप्त प्रोटीनयुक्त भोजन लें
-रोजाना 30 मिनट पैदल चलें और व्यायाम करें
-नमक और चीनी का सेवन कम करें
-वजन नियंत्रित रखें, तनाव दूर करने को योग करें
-रोजाना आठ घंटे की नींद लें, नियमित जांच कराएं
-- --
केस नंबर एक
मेडिकल कॉलेज पहुंचे बिजनौर निवासी 45 वर्षीय रूपचंद मधुमेह बीमारी से ग्रसित है। इसकी वजह से कमजोरी, थकान सहित अन्य लक्षण दिखाई दे रहे हैं। पिछले चार साल से लगातार दवाई का सेवन कर रहे हैं। तनाव, अनियमित दिनचर्या की वजह से समस्या बढ़ गई।
--
केस नंबर दो
मेडिकल कॉलेज में इलाज करा रहे बिजनौर निवासी 48 वर्षीय हरस्वरूप शुगर और उच्च रक्तचाप की चपेट में है। पिछले छह सालों से लगातार दवाई का सेवन कर रहा है। नौकरी और पारिवारिक तनाव की वजह से धीरे-धीरे समस्या बढ़ती चली गई। जांच कराने पर बीमारी का पता चला।
मरीजों में यह मिले मधुमेह लक्षण
-बार-बार पेशाब आना
-ज्यादा प्यास और भूख लगना
-पर्याप्त सोने के बाद भी कमजोरी महसूस होना
-धुंधला दिखना, घाव का धीरे भरना
-हाथ-पैरों में सुन्नपन
उच्च रक्तचाप के मरीजों में मिले यह लक्षण
-सिरदर्द होना, चक्कर आना
-सांस फूलना, सीने में भारीपन
-नाक से खून आना
वर्जन::
महिलाओं की तुलना में पुरुषों की जीवनशैली अधिक तनावपूर्ण है। इसका असर उनके शरीर पर पड़ रहा है। यही वजह है कि अस्पताल पहुंचने वाले मधुमेह और उच्च रक्तचाप रोगियों में पुरुषों की संख्या अधिक है। नियमित रूप से जांच कराएं। लापरवाही बरतने पर समस्या बढ़ सकती है। ....डॉ. कौशलेंद्र सिंह सीएमओ बिजनौर
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नंबर गेम
- 8886 महिलाएं और 9384 पुरुष शुगर की समस्या लेकर पिछले चार महीने में सरकारी अस्पताल पहुंचे
- 8294 महिलाएं और 9925 पुरुष उच्च रक्तचाप की समस्या से ग्रसित सरकारी अस्पताल दवा लेने पहुंचे
अमन कुमार शर्मा
बिजनौर। तनावपूर्ण जीवनशैली, अनियमित खानपान, हार्मोनल, शारीरिक गतिविधियों में कमी का असर अब पुरुषों की सेहत पर अधिक दिखाई देने लगा है। महिलाओं की तुलना में पुरुषों में उच्च रक्तचाप और मधुमेह का अधिक खतरा है। इसका आकलन सरकारी अस्पतालों में पिछले चार महीने में दवा लेने पहुंचे मरीजों से हुआ है। इसकी वजह से पुरुषों में हार्टअटैक, किडनी फेल का खतरा कई गुना बढ़ रहा है।
जिले की सीएचसी, पीएचसी पर अप्रैल माह से जुलाई तक 18,270 डायबिटीज के मरीज दवाई लेने पहुंचे। इनमें में 9384 पुरुष और 8886 महिलाएं शामिल हैं। इससे साफ जाहिर है कि महिलाओं की तुलना में 498 पुरुषों ने डायबिटीज का इलाज कराया जबकि 18219 उच्च रक्तचाप के मरीज सरकारी अस्पताल दवाई लेने आए। उच्च रक्तचाप की दवाई लेने वालों में 9925 पुरुष और 8294 महिलाएं रहीं। पिछले चार महीनों में महिलाओं के सापेक्ष 1631 ज्यादा पुरुष उच्च रक्तचाप की दवाई लेने पहुंचे।
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डॉ. समीर भटनागर ने बताया कि सरकारी अस्पताल की ओपीडी में मधुमेह और उच्च रक्तचाप से ग्रसित सभी मरीज 30 वर्ष से अधिक आयु के हैं। इस उम्र के बाद अनियमित दिनचर्या, तनाव, असंतुलित खानपान इन बीमारियों का जोखिम बढ़ा देते हैं।
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पुरुषों में मधुमेह और हाई बीपी के यह कारण मिले
सरकारी अस्पतालों में पहुंचे उच्च रक्तचाप और मधुमेह के मरीजों से जब चिकित्सक ने बात की तो बीमारी के कई कारण समझ आए। इनमें तनावपूर्ण जीवनशैली, नौकरी, परिवार, व्यवसाय, आर्थिक दबाव, अनियमित खानपान, डिब्बा बंद खाना, तैलीय खानपान, शारीरिक गतिविधि की कमी, तंबाकू और शराब का सेवन, जांच कराने में लापरवाही सबसे मुख्य रही।
चिकित्सकों ने दी सलाह, ऐसे करें बचाव
-हरी सब्जी, दाल और फल, पर्याप्त प्रोटीनयुक्त भोजन लें
-रोजाना 30 मिनट पैदल चलें और व्यायाम करें
-नमक और चीनी का सेवन कम करें
-वजन नियंत्रित रखें, तनाव दूर करने को योग करें
-रोजाना आठ घंटे की नींद लें, नियमित जांच कराएं
केस नंबर एक
मेडिकल कॉलेज पहुंचे बिजनौर निवासी 45 वर्षीय रूपचंद मधुमेह बीमारी से ग्रसित है। इसकी वजह से कमजोरी, थकान सहित अन्य लक्षण दिखाई दे रहे हैं। पिछले चार साल से लगातार दवाई का सेवन कर रहे हैं। तनाव, अनियमित दिनचर्या की वजह से समस्या बढ़ गई।
केस नंबर दो
मेडिकल कॉलेज में इलाज करा रहे बिजनौर निवासी 48 वर्षीय हरस्वरूप शुगर और उच्च रक्तचाप की चपेट में है। पिछले छह सालों से लगातार दवाई का सेवन कर रहा है। नौकरी और पारिवारिक तनाव की वजह से धीरे-धीरे समस्या बढ़ती चली गई। जांच कराने पर बीमारी का पता चला।
मरीजों में यह मिले मधुमेह लक्षण
-बार-बार पेशाब आना
-ज्यादा प्यास और भूख लगना
-पर्याप्त सोने के बाद भी कमजोरी महसूस होना
-धुंधला दिखना, घाव का धीरे भरना
-हाथ-पैरों में सुन्नपन
उच्च रक्तचाप के मरीजों में मिले यह लक्षण
-सिरदर्द होना, चक्कर आना
-सांस फूलना, सीने में भारीपन
-नाक से खून आना
वर्जन::
महिलाओं की तुलना में पुरुषों की जीवनशैली अधिक तनावपूर्ण है। इसका असर उनके शरीर पर पड़ रहा है। यही वजह है कि अस्पताल पहुंचने वाले मधुमेह और उच्च रक्तचाप रोगियों में पुरुषों की संख्या अधिक है। नियमित रूप से जांच कराएं। लापरवाही बरतने पर समस्या बढ़ सकती है। ....डॉ. कौशलेंद्र सिंह सीएमओ बिजनौर