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Bijnor News: 34 साल संरक्षण के सुखद परिणाम, कार्बेट में मौजूद हैं 1224 हाथी
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हाथी दिवस पर विशेष...
नेपाल की सीमा तक विचरण करते हैं कार्बेट के हाथी
संवाद न्यूज एजेंसी
कालागढ़ (बिजनौर)। कार्बेट टाइगर रिजर्व में संचालित हाथी परियोजना के अंतर्गत 34 साल की मेहनत और संरक्षण के सुखद परिणाम देखने को मिल रहे हैं, जिसके चलते कार्बेट में हाथियों की संख्या 1224 दर्ज की जा चुकी है। कार्बेट के हाथी नेपाल देश की सीमा तक विचरण करते हैं।
देश में हाथी परियोजना फरवरी 1992 में शुरू की गई। भारतीय उप महाद्वीप का सबसे पुराना टाइगर रिजर्व कार्बेट टाइगर रिजर्व है। इसमें कालागढ़ टाइगर रिजर्व, कार्बेट राष्ट्रीय उद्यान व सोना नदी वन्यजीव अभ्यारण्य शामिल हैं। कालागढ़ में हाथीशाला में हाथियों का लालन-पालन व बीमार आदि का उपचार कार्बेट टाइगर रिजर्व के चिकित्सा विभाग द्वारा किया जाता है। कर्नाटक से कालागढ़ की हाथीशाला में नौ हाथी व प्रशिक्षित महावत लाए गए थे। हाथीशाला में पहले सावन, खुशी और अब मालिनी की किलकारियां गूंज रहीं हैं।
कार्बेट के वनों में हाथीघास, रोहिणी आदि हाथी चारे के कारण हाथियों का प्राकृतावास समृद्ध है। इसके अलावा अमानगढ़ टाइगर रिजर्व अब बिजनौर का क्षेत्र, नजीबाबाद से कोटद्वार होकर रामगंगा नदी के तटों से कालागढ़ तक हाथी गलियारा विकसित है। दुनिया में कार्बेट को हाथी की चिंघाड़ के लिए विशेष ख्याति मिली है। यहां एशियाई प्रजाति के हाथी पाए जाते हैं। कालागढ़ के रामगंगा बांध, सैंडिल बांध, झिरना, बिजरानी, ढिकाला, अमानगढ़ टाइगर रिजर्व के वनों में हाथियों के झुंड नजर आ रहे हैं।
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हाथी दिवस पर होगा विशेष कार्यक्रम
प्रत्येक वर्ष 12 अगस्त को हाथी दिवस मनाया जाता है। इसके लिए कालागढ़ की हाथीशाला में विशेष तैयारियां की जा रही हैं। उप प्रभागीय वनाधिकारी व पार्क वार्डन बिंदरपाल का कहना है कि सुबह हाथीशाला में स्कूली बच्चे हाथियों के दर्शन कर सकेंगे। इसके लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। वनक्षेत्राधिकारी एनके रूवाली के अनुसार हाथीशाला में बच्चों को हाथियों के व्यवहार आदि के बारे में जानकारी दी जाएगी। सुरक्षा के तौर पर गश्ती दल व महावत हाथीशाला में मौजूद रहेंगे।
इस बार बढ़ सकती है कार्बेट में हाथियों की संख्या
मुख्य वन संरक्षक व कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. साकेत बड़ोला का कहना है कि इन दिनों कार्बेट टाइगर रिजर्व के जंगलों में हाथियों के झुंड में छोटे बच्चे काफी नजर आ रहे हैं। 2020 में कार्बेट में 1224 हाथी दर्ज किए गए थे। वन्यजीव संरक्षण के चलते हाथी परियोजना के उत्तम परिणाम आने की आशा है। कार्बेट में हाथियों का कुनबा बढ़ जाएगा।
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नेपाल की सीमा तक विचरण करते हैं कार्बेट के हाथी
संवाद न्यूज एजेंसी
कालागढ़ (बिजनौर)। कार्बेट टाइगर रिजर्व में संचालित हाथी परियोजना के अंतर्गत 34 साल की मेहनत और संरक्षण के सुखद परिणाम देखने को मिल रहे हैं, जिसके चलते कार्बेट में हाथियों की संख्या 1224 दर्ज की जा चुकी है। कार्बेट के हाथी नेपाल देश की सीमा तक विचरण करते हैं।
देश में हाथी परियोजना फरवरी 1992 में शुरू की गई। भारतीय उप महाद्वीप का सबसे पुराना टाइगर रिजर्व कार्बेट टाइगर रिजर्व है। इसमें कालागढ़ टाइगर रिजर्व, कार्बेट राष्ट्रीय उद्यान व सोना नदी वन्यजीव अभ्यारण्य शामिल हैं। कालागढ़ में हाथीशाला में हाथियों का लालन-पालन व बीमार आदि का उपचार कार्बेट टाइगर रिजर्व के चिकित्सा विभाग द्वारा किया जाता है। कर्नाटक से कालागढ़ की हाथीशाला में नौ हाथी व प्रशिक्षित महावत लाए गए थे। हाथीशाला में पहले सावन, खुशी और अब मालिनी की किलकारियां गूंज रहीं हैं।
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कार्बेट के वनों में हाथीघास, रोहिणी आदि हाथी चारे के कारण हाथियों का प्राकृतावास समृद्ध है। इसके अलावा अमानगढ़ टाइगर रिजर्व अब बिजनौर का क्षेत्र, नजीबाबाद से कोटद्वार होकर रामगंगा नदी के तटों से कालागढ़ तक हाथी गलियारा विकसित है। दुनिया में कार्बेट को हाथी की चिंघाड़ के लिए विशेष ख्याति मिली है। यहां एशियाई प्रजाति के हाथी पाए जाते हैं। कालागढ़ के रामगंगा बांध, सैंडिल बांध, झिरना, बिजरानी, ढिकाला, अमानगढ़ टाइगर रिजर्व के वनों में हाथियों के झुंड नजर आ रहे हैं।
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हाथी दिवस पर होगा विशेष कार्यक्रम
प्रत्येक वर्ष 12 अगस्त को हाथी दिवस मनाया जाता है। इसके लिए कालागढ़ की हाथीशाला में विशेष तैयारियां की जा रही हैं। उप प्रभागीय वनाधिकारी व पार्क वार्डन बिंदरपाल का कहना है कि सुबह हाथीशाला में स्कूली बच्चे हाथियों के दर्शन कर सकेंगे। इसके लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। वनक्षेत्राधिकारी एनके रूवाली के अनुसार हाथीशाला में बच्चों को हाथियों के व्यवहार आदि के बारे में जानकारी दी जाएगी। सुरक्षा के तौर पर गश्ती दल व महावत हाथीशाला में मौजूद रहेंगे।
इस बार बढ़ सकती है कार्बेट में हाथियों की संख्या
मुख्य वन संरक्षक व कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. साकेत बड़ोला का कहना है कि इन दिनों कार्बेट टाइगर रिजर्व के जंगलों में हाथियों के झुंड में छोटे बच्चे काफी नजर आ रहे हैं। 2020 में कार्बेट में 1224 हाथी दर्ज किए गए थे। वन्यजीव संरक्षण के चलते हाथी परियोजना के उत्तम परिणाम आने की आशा है। कार्बेट में हाथियों का कुनबा बढ़ जाएगा।