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Bijnor News: स्कूलों में निजी प्रकाशकों की महंगी किताबों से अभिभावक परेशान
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किरतपुर। अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में महंगे कोर्स और यूनिफार्म के कारण अभिभावक परेशान हैं। उनका कहना है कि एनसीईआरटी की तर्ज पर किताबें सस्ती की जाएं और स्कूलों की मनमानी पर रोक लगे।
नए सत्र के साथ कॉपी-किताबों की खरीद शुरू हो गई है। दुकानों पर अभिभावक महंगी किताबों के दाम देखकर परेशान हैं। छोटे बच्चों का कोर्स भी काफी महंगा बताया जा रहा है। अभिभावकों ने मांग की कि शिक्षा विभाग एक कमेटी बनाकर फीस, किताबों और ड्रेस की कीमतों पर नियंत्रण लगाए। उनका कहना है कि कई स्कूल दो-दो ड्रेस अनिवार्य कर देते हैं, जिससे खर्च बढ़ जाता है। कुछ स्कूल बिल्डिंग फंड के नाम पर अभिभावकों से मोटी राशि ले रहे हैं। अभिभावकों ने कहा कि हर साल कोर्स, यूनिफार्म और ट्रांसपोर्ट का खर्च बढ़ रहा है। इस पऱ नियंत्रण नहीं किया गया तो बच्चों की शिक्षा और महंगी हो जाएगी। उन्होंने सस्ती शिक्षा व्यवस्था लागू करने और नियमों का सख्ती से पालन कराने की मांग की है।
अभिभावक दीपक अरोड़ा का कहना है कि सभी विद्यालयों में एनसीईआरटी की किताबें ही लागू की जाएं। सरकारी मानक से अलग की महंगी किताबों की अनिवार्यता खत्म होनी चाहिए। बिल्डिंग फंड के नाम पर वसूली बंद होनी चाहिए।
एडवोकेट तल्हा मकरानी का कहना है कि स्कूलों में हर वर्ष यूनिफार्म बदलने के प्रचलन को बंद किया जाए। पांच वर्षों तक एक ही यूनिफार्म लागू रहे। सरकार को एक ही दुकान से यूनिफार्म व किताबें खरीदने की जबरदस्ती पर रोक लगानी चाहिए।
अभिभावक शोभित अग्रवाल का कहना है कि सीबीएसई की महंगी किताबों के दाम कम होने चाहिए। उच्च स्तर पर बढ़ रहे शिक्षा के कारोबार को बंद किया जाए। अचानक बढ़ने वाली फीस पर रोक लगाई जाए।
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नए सत्र के साथ कॉपी-किताबों की खरीद शुरू हो गई है। दुकानों पर अभिभावक महंगी किताबों के दाम देखकर परेशान हैं। छोटे बच्चों का कोर्स भी काफी महंगा बताया जा रहा है। अभिभावकों ने मांग की कि शिक्षा विभाग एक कमेटी बनाकर फीस, किताबों और ड्रेस की कीमतों पर नियंत्रण लगाए। उनका कहना है कि कई स्कूल दो-दो ड्रेस अनिवार्य कर देते हैं, जिससे खर्च बढ़ जाता है। कुछ स्कूल बिल्डिंग फंड के नाम पर अभिभावकों से मोटी राशि ले रहे हैं। अभिभावकों ने कहा कि हर साल कोर्स, यूनिफार्म और ट्रांसपोर्ट का खर्च बढ़ रहा है। इस पऱ नियंत्रण नहीं किया गया तो बच्चों की शिक्षा और महंगी हो जाएगी। उन्होंने सस्ती शिक्षा व्यवस्था लागू करने और नियमों का सख्ती से पालन कराने की मांग की है।
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अभिभावक दीपक अरोड़ा का कहना है कि सभी विद्यालयों में एनसीईआरटी की किताबें ही लागू की जाएं। सरकारी मानक से अलग की महंगी किताबों की अनिवार्यता खत्म होनी चाहिए। बिल्डिंग फंड के नाम पर वसूली बंद होनी चाहिए।
एडवोकेट तल्हा मकरानी का कहना है कि स्कूलों में हर वर्ष यूनिफार्म बदलने के प्रचलन को बंद किया जाए। पांच वर्षों तक एक ही यूनिफार्म लागू रहे। सरकार को एक ही दुकान से यूनिफार्म व किताबें खरीदने की जबरदस्ती पर रोक लगानी चाहिए।
अभिभावक शोभित अग्रवाल का कहना है कि सीबीएसई की महंगी किताबों के दाम कम होने चाहिए। उच्च स्तर पर बढ़ रहे शिक्षा के कारोबार को बंद किया जाए। अचानक बढ़ने वाली फीस पर रोक लगाई जाए।