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Bijnor News: तापमान में 5.8 डिग्री की बढ़ोतरी, शीतलहर का असर बरकरार
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बिजनौर। जिले के तापमान में बीते 24 घंटे के दौरान 5.8 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई, इसके बावजूद शीतलहर का असर कम नहीं हुआ है। बृहस्पतिवार को जिले का अधिकतम तापमान 15.6 डिग्री और न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि बुधवार को अधिकतम तापमान 9.8 डिग्री सेल्सियस रहा था।
दिन में धूप निकलने से लोगों को कुछ राहत जरूर मिली, लेकिन ठंडी हवाओं के चलते ठिठुरन बनी रही। सुबह और शाम के समय कोहरा व सर्दी का प्रकोप अधिक महसूस किया गया, जिससे जनजीवन प्रभावित रहा। मौसम का असर आम आदमी ही नहीं फसलों पर भी पड़ रहा है।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार शीतलहर से गेहूं, सरसों और आलू की फसलों को लाभ हो सकता है, लेकिन अत्यधिक ठंड और पाला पड़ने की स्थिति में नुकसान की आशंका भी बनी रहती है। किसानों को सलाह दी गई है कि फसलों में हल्की सिंचाई करें और पाले से बचाव के उपाय अपनाएं। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, जिससे ठंड से पूरी तरह राहत मिलने में अभी समय लगेगा।
नगीना अनुसंधान केंद्र की वेधशाला के अनुसार बृहस्पतिवार को जिले का अधिकतम तापमान 15.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि बुधवार को अधिकतम तापमान 9.8 डिग्री और न्यूनतम 5.5 डिग्री सेल्सियस मापा गया था। तापमान में वृद्धि के बावजूद शीतलहर के कारण ठंड का अहसास बना हुआ है।
- सर्दी, खांसी, बुखार और सांस से जुड़ी बीमारियों के मरीज बढ़ रहे
ठंड और शीतलहर के चलते अस्पतालों में सर्दी, खांसी, बुखार और सांस से जुड़ी बीमारियों के मरीज बढ़ रहे हैं। मेडिकल अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। सुबह-शाम गर्म कपड़े पहनें, ठंडे पानी से बचें और पौष्टिक भोजन लें। हृदय और अस्थमा के मरीजों को ठंड में बाहर निकलने से परहेज करना चाहिए।
- 36 घंटे के बाद निकला सूरज
कालागढ़। बृहस्पतिवार को कालागढ़ में 36 घंटे के घने कोहरे के बाद सूरज निकला, तो लोगों को ठिठुरन से राहत मिली। गत मंगलवार रात्रि से कालागढ़ में घना कोहरा छा गया था। तब से बृहस्पतिवार दोपहर को धूप निकली। धूप निकलने से सर्दी का प्रकोप कुछ कम हुआ। पर्वतों की ओर से लगातार शीतलहर चल रही है।
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दिन में धूप निकलने से लोगों को कुछ राहत जरूर मिली, लेकिन ठंडी हवाओं के चलते ठिठुरन बनी रही। सुबह और शाम के समय कोहरा व सर्दी का प्रकोप अधिक महसूस किया गया, जिससे जनजीवन प्रभावित रहा। मौसम का असर आम आदमी ही नहीं फसलों पर भी पड़ रहा है।
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कृषि विशेषज्ञों के अनुसार शीतलहर से गेहूं, सरसों और आलू की फसलों को लाभ हो सकता है, लेकिन अत्यधिक ठंड और पाला पड़ने की स्थिति में नुकसान की आशंका भी बनी रहती है। किसानों को सलाह दी गई है कि फसलों में हल्की सिंचाई करें और पाले से बचाव के उपाय अपनाएं। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, जिससे ठंड से पूरी तरह राहत मिलने में अभी समय लगेगा।
नगीना अनुसंधान केंद्र की वेधशाला के अनुसार बृहस्पतिवार को जिले का अधिकतम तापमान 15.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि बुधवार को अधिकतम तापमान 9.8 डिग्री और न्यूनतम 5.5 डिग्री सेल्सियस मापा गया था। तापमान में वृद्धि के बावजूद शीतलहर के कारण ठंड का अहसास बना हुआ है।
- सर्दी, खांसी, बुखार और सांस से जुड़ी बीमारियों के मरीज बढ़ रहे
ठंड और शीतलहर के चलते अस्पतालों में सर्दी, खांसी, बुखार और सांस से जुड़ी बीमारियों के मरीज बढ़ रहे हैं। मेडिकल अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। सुबह-शाम गर्म कपड़े पहनें, ठंडे पानी से बचें और पौष्टिक भोजन लें। हृदय और अस्थमा के मरीजों को ठंड में बाहर निकलने से परहेज करना चाहिए।
- 36 घंटे के बाद निकला सूरज
कालागढ़। बृहस्पतिवार को कालागढ़ में 36 घंटे के घने कोहरे के बाद सूरज निकला, तो लोगों को ठिठुरन से राहत मिली। गत मंगलवार रात्रि से कालागढ़ में घना कोहरा छा गया था। तब से बृहस्पतिवार दोपहर को धूप निकली। धूप निकलने से सर्दी का प्रकोप कुछ कम हुआ। पर्वतों की ओर से लगातार शीतलहर चल रही है।
