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Bijnor News: दिन-रात हो रहा हाईवे का निर्माण, विरोध में सड़क पर उतरा बंगाली समाज
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बिजनौर में प्रदर्शन करते हुए कलक्ट्रेट जाते बंगाली समाज के लोग व किसान। संवाद
- फोटो : credit
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- भारतीय किसान संघ के बैनर तले बंगाली समाज और अन्य लोगों ने किया धरना प्रदर्शन
- प्रदर्शन कर फोरलेन हाईवे में अंडरपास के निर्माण की मांग को दोहराया
- प्रदर्शनकारी बोले, नजरबंद करके धरना स्थल पर बनाई जा रही सड़क
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। मेरठ-पौड़ी नेशनल हाईवे पर एक किलोमीटर की दूरी में सड़क बनाने के लिए सरकारी अमले ने पूरी ताकत झोंक दी है। पुलिस को तैनात कर दिन रात सड़क बनाने का काम चल रहा है। उधर अंडरपास नहीं बनता देख बंगाली समाज और आस पास के गांव वाले विरोध में उतर आए, इन्होंने कलक्ट्रेट पहुंचकर धरना प्रदर्शन किया। इन्होंने अंडरपास बनाने की मांग को दोहराया।
सोमवार को भारतीय किसान संघ के बैनर तले हेमराज कॉलोनी में रहने वाले बंगाली समाज और अन्य ग्रामीण प्रदर्शनी मैदान में एकत्र हुए। प्रदर्शन को देखते हुए भारी पुलिस फोर्स को तैनात किया। इन्हें शुरुआत में पुलिस ने कलेक्ट्रेट जाने से रोका तो नुमाइश ग्राउंड में धरना लगाया, बाद में पुलिस की घेराबंदी तोड़कर से नारेबाजी करते हुए प्रदर्शनकारी कलक्ट्रेट में पहुंचे और धरना लगा दिया। जिन्होंने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन कर रहे लोगों के बीच पहुंचकर डीएम ने वार्ता की और ज्ञापन लिया। ज्ञापन में कहा गया कि नेशनल हाईवे पर बिजनौर और गंगा बैराज के बीच हेमराज कॉलोनी चौराहा पर अंडरपास की मांग की जा रही थी। जिसके लिए 18 अप्रैल से उस जगह पर धरना भी चल रहा था। आरोप लगाया कि 17 जनवरी की रात में धरना स्थल और गांव में लोगों को नजरबंद कर दिया गया। धरनास्थल पर लगे टैंट पर मिट्टी डालकर जबरन सड़क का निर्माण किया गया। कहा कि जिस जगह पर अंडरपास की जरूरत नहीं थी, वहां पर दो अंडरपास बना दिए गए जबकि हेमराज कॉलोनी के सामने अंडरपास नहीं दिया गया है। इन्होंने अंडरपास बनवाने की मांग उठाई।
डीएम ने लोगोंं को समझा बुझाकर शांत किया। प्रदर्शनकारियों में दीपक कुमार, पंकज डाली, बाबू अधिकारी, पंकज अधिकारी, नेपाल मंडल, ग्राम प्रधान सपन, गोविंद्र प्रधान, निरंजन, कलाईनी, गीता, संगीता, सावित्री, शैफाली, सरोला, सोती रानी आदि रहे।
- दिग्गज नेता भी प्रस्ताव नहीं करा सके पास
हेमराज कॉलोनी के सामने अंडरपास बनवाने के लिए प्रस्ताव बनाकर एनएच के मुख्यालय को भेजा गया था। इसमें जनप्रतिनिधियों और दिग्गज नेताओं ने भी धरनारत लोगों को प्रस्ताव पास कराने का भरोसा भी दिलाया। मगर फिर भी नेशनल हाईवे अथॉरिटी ने प्रस्ताव को खारिज कर दिया और सड़क बनाने के निर्देश दिए।
- सड़क निर्माण को जुटा है पूरा अमला
पिछले आठ महीनों से एक किलोमीटर के हिस्से में सड़क निर्माण लटका हुआ था, इस जगह पर अंडरपास की आस में लोग सड़क नहीं बनने दे रहे थे। अब इस जगह पर सड़क बनाने के लिए दिनरात काम चल रहा है। प्रशासन और एनएच के अधिकारी किसी भी विरोध या रुकावट की आशंका लेकर सतर्क हैं। बाकी अन्य जगहों की मशीनरी भी इसी स्थान पर सड़क बनाने की लगा दी गई है। इतना ही नहीं, इस दूरी में सड़क बनने में महीनाभर भी लग सकता था, अब तीन या चार दिनों का लक्ष्य बनाकर काम किया जा रहा है। पुलिस भी निर्माणस्थल पर तैनात है।
अंडरपास के विरोध में उतरे तमाम कारोबारी, ज्ञापन दिया
फोटो...
बिजनौर। अंडरपास बनवाने के लिए एक ओर बंगाली समाज सड़क पर उतरा हुआ है जबकि व्यापार मंडल के तमाम पदाधिकारी विरोध में आ चुके हैं। इन्होंने जिले के विकास का हवाला देते हुए बिना अंडरपास ही सड़क निर्माण कराने की मांग उठाई।
डीएम को दिए ज्ञापन में कहा गया कि मेरठ-पौड़ी नेशनल हाईवे का चौड़ीकरण चल रहा है, पिछले आठ महीनों से बंगाली समुदाय अंडरपास की मांग कर रहा था, मगर उनकी मांग को निरस्त कर दिया गया है। कहा कि फोरलेन बनने के बाद तमाम व्यापारी एवं कंपनियां अपने अपने उत्पाद की बिक्री के लिए आउटलेट लगाएंगी। जिससे जिले का विकास होगा। कहा कि यदि अंडरपास बना तो जिले का विकास भी प्रभावित होगा। इन्होंने जल्द से जल्द सड़क बनाने की मांग उठाई। ज्ञापन देने वालों में विकास शर्मा, अंकित सिंह, राजेश कुमार, देवेश कुमार, वीरदेव सिंह, अंकुर अग्रवाल, सुमित कुमार, निमिश चौधरी आदि शामिल रहे।
- ऊंची उठती सड़क तो गिर जाते जमीनों के दाम
बिजनौर। बंगाली समाज अंडरपास बनवाने के लिए प्रयासरत रहा, मगर कुछ लोगों का हित इस अंडरपास के नहीं बनने से जुड़ा हुआ है। क्योंकि इस जगह पर अगर अंडरपास बन जाता तो सड़क की ऊंचाई करीब बीस फीट तक हो जाती है। ऐसे में आसपास की जमीनों पर व्यवसायिक गतिविधि होना संभव नहीं था। अब एक किलोमीटर की दूरी में हाईवे के किनारे जमीनों के दाम आसमान छू रहे हैं, अंडरपास के बनने और सड़क के ऊंचा उठने से इनके दाम गिर जाते।
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- प्रदर्शन कर फोरलेन हाईवे में अंडरपास के निर्माण की मांग को दोहराया
- प्रदर्शनकारी बोले, नजरबंद करके धरना स्थल पर बनाई जा रही सड़क
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। मेरठ-पौड़ी नेशनल हाईवे पर एक किलोमीटर की दूरी में सड़क बनाने के लिए सरकारी अमले ने पूरी ताकत झोंक दी है। पुलिस को तैनात कर दिन रात सड़क बनाने का काम चल रहा है। उधर अंडरपास नहीं बनता देख बंगाली समाज और आस पास के गांव वाले विरोध में उतर आए, इन्होंने कलक्ट्रेट पहुंचकर धरना प्रदर्शन किया। इन्होंने अंडरपास बनाने की मांग को दोहराया।
सोमवार को भारतीय किसान संघ के बैनर तले हेमराज कॉलोनी में रहने वाले बंगाली समाज और अन्य ग्रामीण प्रदर्शनी मैदान में एकत्र हुए। प्रदर्शन को देखते हुए भारी पुलिस फोर्स को तैनात किया। इन्हें शुरुआत में पुलिस ने कलेक्ट्रेट जाने से रोका तो नुमाइश ग्राउंड में धरना लगाया, बाद में पुलिस की घेराबंदी तोड़कर से नारेबाजी करते हुए प्रदर्शनकारी कलक्ट्रेट में पहुंचे और धरना लगा दिया। जिन्होंने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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प्रदर्शन कर रहे लोगों के बीच पहुंचकर डीएम ने वार्ता की और ज्ञापन लिया। ज्ञापन में कहा गया कि नेशनल हाईवे पर बिजनौर और गंगा बैराज के बीच हेमराज कॉलोनी चौराहा पर अंडरपास की मांग की जा रही थी। जिसके लिए 18 अप्रैल से उस जगह पर धरना भी चल रहा था। आरोप लगाया कि 17 जनवरी की रात में धरना स्थल और गांव में लोगों को नजरबंद कर दिया गया। धरनास्थल पर लगे टैंट पर मिट्टी डालकर जबरन सड़क का निर्माण किया गया। कहा कि जिस जगह पर अंडरपास की जरूरत नहीं थी, वहां पर दो अंडरपास बना दिए गए जबकि हेमराज कॉलोनी के सामने अंडरपास नहीं दिया गया है। इन्होंने अंडरपास बनवाने की मांग उठाई।
डीएम ने लोगोंं को समझा बुझाकर शांत किया। प्रदर्शनकारियों में दीपक कुमार, पंकज डाली, बाबू अधिकारी, पंकज अधिकारी, नेपाल मंडल, ग्राम प्रधान सपन, गोविंद्र प्रधान, निरंजन, कलाईनी, गीता, संगीता, सावित्री, शैफाली, सरोला, सोती रानी आदि रहे।
- दिग्गज नेता भी प्रस्ताव नहीं करा सके पास
हेमराज कॉलोनी के सामने अंडरपास बनवाने के लिए प्रस्ताव बनाकर एनएच के मुख्यालय को भेजा गया था। इसमें जनप्रतिनिधियों और दिग्गज नेताओं ने भी धरनारत लोगों को प्रस्ताव पास कराने का भरोसा भी दिलाया। मगर फिर भी नेशनल हाईवे अथॉरिटी ने प्रस्ताव को खारिज कर दिया और सड़क बनाने के निर्देश दिए।
- सड़क निर्माण को जुटा है पूरा अमला
पिछले आठ महीनों से एक किलोमीटर के हिस्से में सड़क निर्माण लटका हुआ था, इस जगह पर अंडरपास की आस में लोग सड़क नहीं बनने दे रहे थे। अब इस जगह पर सड़क बनाने के लिए दिनरात काम चल रहा है। प्रशासन और एनएच के अधिकारी किसी भी विरोध या रुकावट की आशंका लेकर सतर्क हैं। बाकी अन्य जगहों की मशीनरी भी इसी स्थान पर सड़क बनाने की लगा दी गई है। इतना ही नहीं, इस दूरी में सड़क बनने में महीनाभर भी लग सकता था, अब तीन या चार दिनों का लक्ष्य बनाकर काम किया जा रहा है। पुलिस भी निर्माणस्थल पर तैनात है।
अंडरपास के विरोध में उतरे तमाम कारोबारी, ज्ञापन दिया
फोटो...
बिजनौर। अंडरपास बनवाने के लिए एक ओर बंगाली समाज सड़क पर उतरा हुआ है जबकि व्यापार मंडल के तमाम पदाधिकारी विरोध में आ चुके हैं। इन्होंने जिले के विकास का हवाला देते हुए बिना अंडरपास ही सड़क निर्माण कराने की मांग उठाई।
डीएम को दिए ज्ञापन में कहा गया कि मेरठ-पौड़ी नेशनल हाईवे का चौड़ीकरण चल रहा है, पिछले आठ महीनों से बंगाली समुदाय अंडरपास की मांग कर रहा था, मगर उनकी मांग को निरस्त कर दिया गया है। कहा कि फोरलेन बनने के बाद तमाम व्यापारी एवं कंपनियां अपने अपने उत्पाद की बिक्री के लिए आउटलेट लगाएंगी। जिससे जिले का विकास होगा। कहा कि यदि अंडरपास बना तो जिले का विकास भी प्रभावित होगा। इन्होंने जल्द से जल्द सड़क बनाने की मांग उठाई। ज्ञापन देने वालों में विकास शर्मा, अंकित सिंह, राजेश कुमार, देवेश कुमार, वीरदेव सिंह, अंकुर अग्रवाल, सुमित कुमार, निमिश चौधरी आदि शामिल रहे।
- ऊंची उठती सड़क तो गिर जाते जमीनों के दाम
बिजनौर। बंगाली समाज अंडरपास बनवाने के लिए प्रयासरत रहा, मगर कुछ लोगों का हित इस अंडरपास के नहीं बनने से जुड़ा हुआ है। क्योंकि इस जगह पर अगर अंडरपास बन जाता तो सड़क की ऊंचाई करीब बीस फीट तक हो जाती है। ऐसे में आसपास की जमीनों पर व्यवसायिक गतिविधि होना संभव नहीं था। अब एक किलोमीटर की दूरी में हाईवे के किनारे जमीनों के दाम आसमान छू रहे हैं, अंडरपास के बनने और सड़क के ऊंचा उठने से इनके दाम गिर जाते।

बिजनौर में प्रदर्शन करते हुए कलक्ट्रेट जाते बंगाली समाज के लोग व किसान। संवाद- फोटो : credit

बिजनौर में प्रदर्शन करते हुए कलक्ट्रेट जाते बंगाली समाज के लोग व किसान। संवाद- फोटो : credit
