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Bijnor News: नकारा सिस्टम, 40 घंटे तक नहीं बदल सका जला ट्रांसफार्मर, बिन बिजली रात भर रोते रहे बच्चे, बेबस बड़ों ने घर छोड़ा
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धामपुर। 33/11 केवी क्षमता वाले विद्युत उपकेंद्र से जुड़े 10 एमवीए ट्रांसफार्मर के जलने के धामपुर में 40 घंटे तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। आपूर्ति बाधित होने से लोग भीषण गर्मी में बिलबिला गए। रात भर बच्चे रोते रहे तो बड़ों ने सड़कों पर जागकर सुबह की। उमस में बेबस लोगों को घर छोड़कर होटलों में शरण लेनी पड़ी। जो कमरा एक हजार रुपये में बुक होता का था, होटल मालिकों ने दो हजार रुपये से अधिक में दिया। हलात यह थी कि कस्बे में कोई भी ऐसा होटल नहीं बचा था, जिसमें कमरा खाली हो।
शुक्रवार शाम को 33/11 बिजलीघर पर टाउन -वन का 10 एमवी का रखा ट्रांसफार्मर फुंक गया। इससे बिजली आपूर्ति ठप हो गई। पूरी रात बिजली नहीं आई। लोगों के इन्वर्टर भी ठप हो गए। विद्युत आपूर्ति नहीं होने से पानी की किल्लत का भी सामना करना पड़ा। रात होने पर जिन लोगों के पास क्षमता थी, उन्होंने होटलों की शरण ली। लेकिन, आम जनता को कष्ट का सामना करना पड़ा। मम्मी-पापा की गोद में रात भर बच्चे रोते रहे। उन्हें सुलाने के लिए परिजन हाथ के पंखे झलते थक गए।
पीने के पानी को भी तरसे लोग
बिजली न होने से फ्रिज-कूलर भी ठप पड़ गए। पीने के लिए ठंडा पानी भी नहीं मिल सका। उम्मीद थी कि बिजली शनिवार रात एक बजे तक सुचारू हो जाएगी, लेकिन प्रयास के बाद भी सफलता नहीं मिली। कर्मचारी और अधिकारी रात भर टाइम पास में लगे रहे। रविवार सवेरे आठ बजे बिजली आपूर्ति शुरू होने पर लोगों ने राहत की सांस ली।
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लोगों के धैर्य को सराहा
विद्युत वितरण मंडल धामपुर के अधीक्षण अभियंता सतीश कुमार सिंह ने लोगों के धैर्य को सराहा। अधीक्षण अभियंता के मुताबिक शुक्रवार रात में ही सहारनपुर सरकारी गाड़ी को भेजकर मैकेनिकों की टीम बुलाई गई। रामपुर से इलेक्ट्रो मैक कंपनी के इंजीनियर को बुलाया गया, लेकिन जब ट्रांसफार्मर ठीक नहीं हुआ तो रामपुर से 10 एमवी का दूसरा ट्रांसफार्मर मंगा कर क्रेन से रखवाया गया।
अंडर गारंटी था, इसलिए जल्द हो गया काम
विद्युत वितरण खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता संजीव कुमार पटेल के मुताबिक ट्रांसफार्मर को लगाए एक साल भी नहीं हुआ था। इसे करीब 90 लाख की लागत से लगवाया गया था। अभी अंडर गारंटी था। इस वजह से कंपनी ने बदल दिया, नहीं तो और ज्यादा दिक्कत हो सकती थी।
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शुक्रवार शाम को 33/11 बिजलीघर पर टाउन -वन का 10 एमवी का रखा ट्रांसफार्मर फुंक गया। इससे बिजली आपूर्ति ठप हो गई। पूरी रात बिजली नहीं आई। लोगों के इन्वर्टर भी ठप हो गए। विद्युत आपूर्ति नहीं होने से पानी की किल्लत का भी सामना करना पड़ा। रात होने पर जिन लोगों के पास क्षमता थी, उन्होंने होटलों की शरण ली। लेकिन, आम जनता को कष्ट का सामना करना पड़ा। मम्मी-पापा की गोद में रात भर बच्चे रोते रहे। उन्हें सुलाने के लिए परिजन हाथ के पंखे झलते थक गए।
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पीने के पानी को भी तरसे लोग
बिजली न होने से फ्रिज-कूलर भी ठप पड़ गए। पीने के लिए ठंडा पानी भी नहीं मिल सका। उम्मीद थी कि बिजली शनिवार रात एक बजे तक सुचारू हो जाएगी, लेकिन प्रयास के बाद भी सफलता नहीं मिली। कर्मचारी और अधिकारी रात भर टाइम पास में लगे रहे। रविवार सवेरे आठ बजे बिजली आपूर्ति शुरू होने पर लोगों ने राहत की सांस ली।
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लोगों के धैर्य को सराहा
विद्युत वितरण मंडल धामपुर के अधीक्षण अभियंता सतीश कुमार सिंह ने लोगों के धैर्य को सराहा। अधीक्षण अभियंता के मुताबिक शुक्रवार रात में ही सहारनपुर सरकारी गाड़ी को भेजकर मैकेनिकों की टीम बुलाई गई। रामपुर से इलेक्ट्रो मैक कंपनी के इंजीनियर को बुलाया गया, लेकिन जब ट्रांसफार्मर ठीक नहीं हुआ तो रामपुर से 10 एमवी का दूसरा ट्रांसफार्मर मंगा कर क्रेन से रखवाया गया।
अंडर गारंटी था, इसलिए जल्द हो गया काम
विद्युत वितरण खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता संजीव कुमार पटेल के मुताबिक ट्रांसफार्मर को लगाए एक साल भी नहीं हुआ था। इसे करीब 90 लाख की लागत से लगवाया गया था। अभी अंडर गारंटी था। इस वजह से कंपनी ने बदल दिया, नहीं तो और ज्यादा दिक्कत हो सकती थी।