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Bijnor News: कई दिन चला प्रदर्शन, विधायक का भी किया था घेराव
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बिजनौर। प्रबल की हत्या के बाद पूरे बिजनौर में सैकड़ों लोगों ने प्रदर्शन किया था। सभी आरोपी रसूखदार थे तो प्रबल सामान्य परिवार से था। हर वर्ग के लोग उसके परिवार के साथ खड़े थे। हत्या के दिन से शव मिलने तक हर रोज शहर में कैंडल मार्च, प्रदर्शन हो रहे थे। 16 जनवरी 2013 को जब शव बिजनौर आया तो जजी पर सैकड़ों लोगों ने जाम लगा दिया था।
प्रबल की हत्या के बाद सात अभियुक्तों को आजीवन कारावास होने के बाद लोगों के जहन में उस समय की टाइमलाइन दोहराने लगी है। 19 दिसंबर 2012 को प्रबल की हत्या हुई, लेकिन शव नहीं मिला था। पुलिस यही कहती रही कि वह कहीं चला गया। शुरुआत में गुमशुदगी दर्ज अपना पीछा छुड़ा लिया था। इसे लेकर दो दिन में ही हर वर्ग के लोग प्रबल के परिवार से जुड़ गए। प्रबल के लिए इंसाफ की मांग करने लगे।
बच्चे से लेकर बड़ों तक के हाथ में प्रबल को इंसाफ दो लिखी तख्तियां थी। पूरे शहर में सैकड़ों लोगों ने कई बार कैंडल मार्च भी निकाला। सबसे ज्यादा हंगामा प्रबल के शव मिलने के बाद हुआ। क्योंकि इससे पहले पुलिस न तो प्रबल की हत्या होना स्वीकार रही थी और न ही इसमें किसी की गिरफ्तारी हुई थी। 16 जनवरी 2013 को बिजनौर के जजी चौक पर सैकड़ों लोगों ने कार्रवाई की मांग को लेकर जाम लगा दिया था।
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प्रदर्शन करने वालों पर दर्ज हुआ था केस : उस वक्त प्रदर्शन करने वालों पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली थी। मृतक प्रबल के पिता आलोक अग्रवाल और बहन प्राची को भी आरोपी बनाया गया था। यह मुकदमा अदालत में भी चला। प्राची ने बताया कि उक्त मुकदमे में उन्होंने अपने पिता का मृत्यु प्रमाणपत्र जमा कर दिया था।
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प्रबल की हत्या के बाद सात अभियुक्तों को आजीवन कारावास होने के बाद लोगों के जहन में उस समय की टाइमलाइन दोहराने लगी है। 19 दिसंबर 2012 को प्रबल की हत्या हुई, लेकिन शव नहीं मिला था। पुलिस यही कहती रही कि वह कहीं चला गया। शुरुआत में गुमशुदगी दर्ज अपना पीछा छुड़ा लिया था। इसे लेकर दो दिन में ही हर वर्ग के लोग प्रबल के परिवार से जुड़ गए। प्रबल के लिए इंसाफ की मांग करने लगे।
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बच्चे से लेकर बड़ों तक के हाथ में प्रबल को इंसाफ दो लिखी तख्तियां थी। पूरे शहर में सैकड़ों लोगों ने कई बार कैंडल मार्च भी निकाला। सबसे ज्यादा हंगामा प्रबल के शव मिलने के बाद हुआ। क्योंकि इससे पहले पुलिस न तो प्रबल की हत्या होना स्वीकार रही थी और न ही इसमें किसी की गिरफ्तारी हुई थी। 16 जनवरी 2013 को बिजनौर के जजी चौक पर सैकड़ों लोगों ने कार्रवाई की मांग को लेकर जाम लगा दिया था।
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प्रदर्शन करने वालों पर दर्ज हुआ था केस : उस वक्त प्रदर्शन करने वालों पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली थी। मृतक प्रबल के पिता आलोक अग्रवाल और बहन प्राची को भी आरोपी बनाया गया था। यह मुकदमा अदालत में भी चला। प्राची ने बताया कि उक्त मुकदमे में उन्होंने अपने पिता का मृत्यु प्रमाणपत्र जमा कर दिया था।