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Bijnor News: समस्याओं के बाढ़ में बह गए रामसहायवाला और हिम्मतपुर बेला के वोट
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- बिजनौर विधानसभा में हैं यह दोनों गांव, दयालवाला लगता है इनका बूथ-530 मतदाताओं के सूची में थे नाम, अब मात्र 172 ही बचे हैं
- एसआईआर सर्वे में पता चला, उत्तराखंड में बनवाए हैं अधिकांश ने वोट
संवाद न्यूज एजेंसी
चंदक/बिजनौर। बिजनौर विधानसभा के दो गांव रामसहायवाला और हिम्मतपुर बेला हैं। यह गंगा की धारा के उस पार हैं। हर चुनाव में यहां के लोग समस्याओं के समाधान को बहिष्कार करने की चेतावनी देते हैं और बहुत कम संख्या में ही वोट डालने आते हैं। अब एसआईआर सर्वे हुआ तो 530 मतदाताओं में से मात्र 172 वोट ही बचे हैं। बाकी वोट कट गए। इनमें से अधिकांश ने उत्तराखंड के लक्सर क्षेत्र में अपने वोट बनवा लिए हैं।
बिजनौर विधानसभा में एसआईआर सर्वे के तहत सबसे ज्यादा वोट कटे हैं। यहां पर 83,116 वोट मतदाता सूची से काट दिए गए हैं। अब इस विधानसभा में वोट कटने के मामले में सबसे पहले नंबर पर दयालवाला बूथ हैं। यहां पर भी रामसहायवाला और हिम्मतपुर बेला में सबसे ज्यादा वोट काटे गए हैं। इन दोनों गांव में कुल 530 वोट थे। एसआईआर सर्वे हुआ तो पता चला कि यहां से 186 मतदाता दूसरी जगह शिफ्ट हो गए हैं। इनका पता लगाया गया तो पता चला उत्तराखंड के लक्सर में इन्होंने अपने घर या नौकरी के लिए मकान किराये पर लिए हैं और वहीं अपने वोट भी बनवा लिए।
इसके अलावा 160 ने अपना फार्म और डाटा ही उपलब्ध नहीं कराया है। वहीं 12 मतदाता ऐसे मिले, जिनकी मृत्यु हो गई थी। इन सभी के वोट मतदाता सूची से काट दिए गए। अब इन दोनों गांव में मात्र 172 वोट ही बचे हैं।
इस बूथ के अलावा वोट कटने की सबसे बड़ी संख्या शहर की पॉश कॉलोनियों में रही। शहर में 595 वोट बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय मतदान केंद्र, कक्ष संख्या-2 में 500, नई बस्ती बी-14 क्षेत्र स्थित दयानंद बालिका विद्या मंदिर, आर्य समाज मतदान केंद्र पर 545, प्राथमिक विद्यालय नई बस्ती काशीराम आवास कॉलोनी के कक्ष संख्या-1 में 472 और कक्ष संख्या-3 में 375 वोट कटे हैं।
लुइसली पार्कर प्राथमिक विद्यालय, सिविल लाइन प्रथम के कक्ष संख्या-1 मतदान केंद्र पर 464, लुइसली पार्क गर्ल्स हाई स्कूल के कक्ष संख्या-2 मतदान केंद्र पर 441 और कक्ष संख्या-1 में 412 वोट कटे हैं। यहां पर अधिकांश ऐसे वोट कटे हैं, जो किराये पर रह रहे थे या फिर उनका वोट गांव में भी बना था। उन्होंने शहर से वोट कटवा लिया।
2003 का डाटा न देने वालों को नोटिस, सुनवाई को बढ़ाए अधिकारी
बिजनौर: जिले में नौ मैपिंग वाले 89,822 मतदाता हैं। यह सभी वह मतदाता हैं, जिन्होंने एसआइआर सर्वे के दौरान 2003 में हुए एसआईआर सर्वे का डाटा उपलब्ध नहीं कराया था। अब इन्हें नोटिस जारी हो रहे हैं और डाटा मांगा जा रहा है। डाटा उपलब्ध न कराने वाले मतदाताओं के नाम भी मतदाता सूची से हटा दिया जाएगा।
इनके आंकड़ों पर नजर डालें तो नजीबाबाद में 13,103, नगीनाममें 426, बढ़ापुर में 9,462, धामपुर में 11,407, नहटौर में 8,147, बिजनौर में 19,262, चांदपुर में 11,836, नूरपुर में 8,129 मतदाता शामिल हैंं।
एसडीएम सदर रीतू रानी ने बताया कि नौ मैपिंग केस की सुनवाई करने के लिए अब तक 04 एईआरओ थे, अब दस एईआरओ सुनवाई करेंगे।
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नौ मैपिंग की सुनवाई चल रही है। इन सभी को नोटिस जारी हो रहे हैं। उनसे डाटा मांगा जा रहा है। जो डाटा नहीं देंगे, उनके वोट कट जाएंगे।
-जसजीत कौर, डीएम बिजनौर
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- एसआईआर सर्वे में पता चला, उत्तराखंड में बनवाए हैं अधिकांश ने वोट
संवाद न्यूज एजेंसी
चंदक/बिजनौर। बिजनौर विधानसभा के दो गांव रामसहायवाला और हिम्मतपुर बेला हैं। यह गंगा की धारा के उस पार हैं। हर चुनाव में यहां के लोग समस्याओं के समाधान को बहिष्कार करने की चेतावनी देते हैं और बहुत कम संख्या में ही वोट डालने आते हैं। अब एसआईआर सर्वे हुआ तो 530 मतदाताओं में से मात्र 172 वोट ही बचे हैं। बाकी वोट कट गए। इनमें से अधिकांश ने उत्तराखंड के लक्सर क्षेत्र में अपने वोट बनवा लिए हैं।
बिजनौर विधानसभा में एसआईआर सर्वे के तहत सबसे ज्यादा वोट कटे हैं। यहां पर 83,116 वोट मतदाता सूची से काट दिए गए हैं। अब इस विधानसभा में वोट कटने के मामले में सबसे पहले नंबर पर दयालवाला बूथ हैं। यहां पर भी रामसहायवाला और हिम्मतपुर बेला में सबसे ज्यादा वोट काटे गए हैं। इन दोनों गांव में कुल 530 वोट थे। एसआईआर सर्वे हुआ तो पता चला कि यहां से 186 मतदाता दूसरी जगह शिफ्ट हो गए हैं। इनका पता लगाया गया तो पता चला उत्तराखंड के लक्सर में इन्होंने अपने घर या नौकरी के लिए मकान किराये पर लिए हैं और वहीं अपने वोट भी बनवा लिए।
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इसके अलावा 160 ने अपना फार्म और डाटा ही उपलब्ध नहीं कराया है। वहीं 12 मतदाता ऐसे मिले, जिनकी मृत्यु हो गई थी। इन सभी के वोट मतदाता सूची से काट दिए गए। अब इन दोनों गांव में मात्र 172 वोट ही बचे हैं।
इस बूथ के अलावा वोट कटने की सबसे बड़ी संख्या शहर की पॉश कॉलोनियों में रही। शहर में 595 वोट बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय मतदान केंद्र, कक्ष संख्या-2 में 500, नई बस्ती बी-14 क्षेत्र स्थित दयानंद बालिका विद्या मंदिर, आर्य समाज मतदान केंद्र पर 545, प्राथमिक विद्यालय नई बस्ती काशीराम आवास कॉलोनी के कक्ष संख्या-1 में 472 और कक्ष संख्या-3 में 375 वोट कटे हैं।
लुइसली पार्कर प्राथमिक विद्यालय, सिविल लाइन प्रथम के कक्ष संख्या-1 मतदान केंद्र पर 464, लुइसली पार्क गर्ल्स हाई स्कूल के कक्ष संख्या-2 मतदान केंद्र पर 441 और कक्ष संख्या-1 में 412 वोट कटे हैं। यहां पर अधिकांश ऐसे वोट कटे हैं, जो किराये पर रह रहे थे या फिर उनका वोट गांव में भी बना था। उन्होंने शहर से वोट कटवा लिया।
2003 का डाटा न देने वालों को नोटिस, सुनवाई को बढ़ाए अधिकारी
बिजनौर: जिले में नौ मैपिंग वाले 89,822 मतदाता हैं। यह सभी वह मतदाता हैं, जिन्होंने एसआइआर सर्वे के दौरान 2003 में हुए एसआईआर सर्वे का डाटा उपलब्ध नहीं कराया था। अब इन्हें नोटिस जारी हो रहे हैं और डाटा मांगा जा रहा है। डाटा उपलब्ध न कराने वाले मतदाताओं के नाम भी मतदाता सूची से हटा दिया जाएगा।
इनके आंकड़ों पर नजर डालें तो नजीबाबाद में 13,103, नगीनाममें 426, बढ़ापुर में 9,462, धामपुर में 11,407, नहटौर में 8,147, बिजनौर में 19,262, चांदपुर में 11,836, नूरपुर में 8,129 मतदाता शामिल हैंं।
एसडीएम सदर रीतू रानी ने बताया कि नौ मैपिंग केस की सुनवाई करने के लिए अब तक 04 एईआरओ थे, अब दस एईआरओ सुनवाई करेंगे।
नौ मैपिंग की सुनवाई चल रही है। इन सभी को नोटिस जारी हो रहे हैं। उनसे डाटा मांगा जा रहा है। जो डाटा नहीं देंगे, उनके वोट कट जाएंगे।
-जसजीत कौर, डीएम बिजनौर