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Budaun News: सुकन्या समृद्धि योजना में एक साल में 10,262 खाते खुले
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बदायूं। केंद्र सरकार की ओर से डाकघरों में संचालित सुकन्या समृद्धि योजना जिले में बेटियों के अभिभावकों की पहली पसंद बनती जा रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 2024-25 के मुकाबले 6,955 नए लाभार्थी बढ़े हैं। बढ़ती संख्या से साफ है कि योजना के प्रति लोगों का रुझान तेजी से बढ़ रहा है।
डाक विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जिले में पहले ग्रामीण इलाकों में जागरूकता कम थी। अब डाक कर्मी गांव-गांव जाकर कैंप लगा रहे हैं। योजना में 10 साल से कम उम्र की बेटियों का खाता खुलवाया जाता है। इसमें सालाना न्यूनतम 250 रुपये और अधिकतम 1.50 लाख रुपये तक जमा किए जा सकते हैं। मौजूदा समय में 8.2 फीसदी ब्याज मिल रहा है, जो अन्य योजनाओं से ज्यादा है। इसमें पूरी तरह से आयकर में भी छूट का लाभ मिलता है। 2024-25 वित्तीय वर्ष में जिले में 3307 खाते खुलवाए गए थे। 2025-26 वित्तीय वर्ष में 10,262 खाते खुलवाए गए। वहीं, मौजूदा वित्तीय वर्ष में 1638 खाते खोले जा चुके हैं।
इस योजना में अभिभावक बेटियों की शादी और पढ़ाई के लिए अभी से निवेश कर रहे हैं। बैंक की तुलना में डाकघर की इस योजना में ब्याज ज्यादा है और पैसा पूरी तरह सुरक्षित है। 21 साल बाद मैच्योरिटी पर एकमुश्त रकम दी जाती है। - एनके दुबे, डाक अधीक्षक
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डाक विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जिले में पहले ग्रामीण इलाकों में जागरूकता कम थी। अब डाक कर्मी गांव-गांव जाकर कैंप लगा रहे हैं। योजना में 10 साल से कम उम्र की बेटियों का खाता खुलवाया जाता है। इसमें सालाना न्यूनतम 250 रुपये और अधिकतम 1.50 लाख रुपये तक जमा किए जा सकते हैं। मौजूदा समय में 8.2 फीसदी ब्याज मिल रहा है, जो अन्य योजनाओं से ज्यादा है। इसमें पूरी तरह से आयकर में भी छूट का लाभ मिलता है। 2024-25 वित्तीय वर्ष में जिले में 3307 खाते खुलवाए गए थे। 2025-26 वित्तीय वर्ष में 10,262 खाते खुलवाए गए। वहीं, मौजूदा वित्तीय वर्ष में 1638 खाते खोले जा चुके हैं।
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इस योजना में अभिभावक बेटियों की शादी और पढ़ाई के लिए अभी से निवेश कर रहे हैं। बैंक की तुलना में डाकघर की इस योजना में ब्याज ज्यादा है और पैसा पूरी तरह सुरक्षित है। 21 साल बाद मैच्योरिटी पर एकमुश्त रकम दी जाती है। - एनके दुबे, डाक अधीक्षक
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