सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   9,852 vehicles running without HSRP, now a heavy fine of Rs 15,000 has been fixed.

Budaun News: बिना एचएसआरपी के दौड़ रहे 9,852 वाहन, अब 15 हजार का भारी जुर्माना तय

संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं Updated Tue, 07 Apr 2026 12:48 AM IST
विज्ञापन
9,852 vehicles running without HSRP, now a heavy fine of Rs 15,000 has been fixed.
कलेक्ट्रेट परिसर में खड़ी बिना एचएसआरपी  और उत्तर प्रदेश सरकार लिखी गाड़ी। संवाद
विज्ञापन
बदायूं। जिले की सड़कों पर बिना हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) के दौड़ रहे हजारों वाहनों पर अब परिवहन विभाग शिकंजा कसने की तैयारी में है। नियमों को ताक पर रखकर चल रहे ऐसे वाहन चालकों की मुश्किलें अब कई गुना बढ़ने वाली हैं। विभाग के नए निर्देशों के तहत अब बिना एचएसआरपी नंबर प्लेट वाले वाहनों का प्रदूषण प्रमाणपत्र (पीयूसी) जारी नहीं किया जाएगा, इससे वाहन चालकों को भारी आर्थिक दंड झेलना पड़ेगा।
Trending Videos

परिवहन विभाग में दर्ज आंकड़ों के अनुसार जिले में इस समय 9,852 वाहन ऐसे हैं जिन पर अब तक एचएसआरपी नंबर प्लेट नहीं लगी है, जबकि 3,37,475 वाहनों पर यह प्लेट लगाई जा चुकी है। परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अब ऐसे वाहनों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

----------------------------

15 हजार रुपये तक का लगेगा जुर्माना
पहले बिना एचएसआरपी नंबर प्लेट पकड़े जाने पर पांच हजार रुपये का चालान किया जाता था, लेकिन अब नियमों में बदलाव के बाद वाहन चालकों को दोहरी मार झेलनी पड़ेगी। एचएसआरपी न होने पर 5 हजार रुपये और प्रदूषण प्रमाणपत्र न होने पर 10 हजार रुपये, यानी कुल 15 हजार रुपये तक का जुर्माना देना होगा।
---------------------------------

2019 से अनिवार्य, फिर भी लापरवाही
सरकार ने अप्रैल 2019 से सभी वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट अनिवार्य कर दी थी। नए वाहनों में यह प्लेट कंपनी स्तर पर ही लगाई जा रही है। लेकिन अप्रैल 2023 में इसे अनिवार्य कर दिया गया। अब नया वाहन बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के कंपनी से बाहर भी नहीं निकल सकता है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग अब भी इस नियम की अनदेखी कर रहे हैं।
----------------------------------

सरकारी वाहन भी पीछे नहीं
चौंकाने वाली बात यह है कि नियमों की अनदेखी सिर्फ निजी वाहन मालिक ही नहीं, बल्कि सरकारी और व्यावसायिक वाहन स्वामी भी कर रहे हैं। जिले की सड़कों पर कई ऐसे वाहन खुलेआम दौड़ते देखे जा सकते हैं जिन पर एचएसआरपी नहीं लगी है। इतना ही नहीं, कुछ वाहनों पर ‘उत्तर प्रदेश सरकार’ या ‘पुलिस’ का स्टीकर लगाकर नियमों से बचने की कोशिश की जा रही है, जिससे कार्रवाई करने में भी ढिलाई बरती जाती है।
--------------------------------------

पुलिस का स्टीकर और टोपी बना ‘भौकाल’ का नया तरीका
वाहनों पर ‘पुलिस’ लिखवाकर चलना अब पुराना तरीका हो चुका है। अब लोग गाड़ियों में पुलिस का स्टीकर लगाने के साथ-साथ डैशबोर्ड पर पुलिस की टोपी रखकर चल रहे हैं, ताकि चेकिंग के दौरान उन्हें रोका न जाए। यह नया ट्रेंड तेजी से फैल रहा है और नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
-------------------------------------

अब तक 10.40 लाख रुपये की वसूली
परिवहन विभाग द्वारा अप्रैल 2023 से लगातार अभियान चलाकर बिना एचएसआरपी वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। अब तक 1,186 वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 10.40 लाख रुपये का राजस्व वसूला जा चुका है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में अभियान और तेज किया जाएगा।
-------------------------------------
वर्जन-

बिना एचएसआरपी और प्रदूषण प्रमाणपत्र वाले वाहनों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। चेकिंग अभियान को और तेज करते हुए ऐसे वाहनों को चिन्हित कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। अब तक 1,186 वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 10.40 लाख रुपये का जुर्माना वसूला जा चुका है।
- हरिओम कुमार, एआरटीओ

कलेक्ट्रेट परिसर में खड़ी बिना एचएसआरपी  और उत्तर प्रदेश सरकार लिखी गाड़ी। संवाद

कलेक्ट्रेट परिसर में खड़ी बिना एचएसआरपी  और उत्तर प्रदेश सरकार लिखी गाड़ी। संवाद

कलेक्ट्रेट परिसर में खड़ी बिना एचएसआरपी  और उत्तर प्रदेश सरकार लिखी गाड़ी। संवाद

कलेक्ट्रेट परिसर में खड़ी बिना एचएसआरपी  और उत्तर प्रदेश सरकार लिखी गाड़ी। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed