{"_id":"6a834b25be4daa3d0207da41","slug":"a-massive-surge-of-devotees-at-kachhla-ghat-kanwariyas-performed-jalabhishek-badaun-news-c-123-1-sbly1001-171002-2026-08-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Budaun News: कछला घाट पर उमड़ा आस्था का सैलाब, कांवड़ियों ने किया जलाभिषेक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Budaun News: कछला घाट पर उमड़ा आस्था का सैलाब, कांवड़ियों ने किया जलाभिषेक
विज्ञापन
कछला रोड श्रद्धालुओं का विहंगम दृश्य। स्रोत ड्रोन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदायूं। सावन के तीसरे सोमवार को कछला गंगा घाट से जल लेकर पहुंचे कांवड़ियों ने जिले और आसपास के क्षेत्रों के शिवालयों में भगवान शिव का जलाभिषेक किया। सोमवार तड़के से ही कांवड़ियों के जत्थे शिवालयों की ओर बढ़ते नजर आए। इससे पहले रविवार की शाम से देर रात तक कछला गंगा घाट पर लाखों कांवड़ियों की भीड़ उमड़ी रही।
रविवार देर रात तक कछला पुल से लेकर गंगा घाट तक श्रद्धालुओं की भीड़ रही। कांवड़ियों ने गंगा में स्नान करने के बाद कांवड़ में जल भरा और रातभर अपने गंतव्य की ओर रवाना होते रहे। सोमवार तड़के कांवड़ियों ने अपने-अपने क्षेत्रों के शिवालयों में पहुंचकर गंगाजल से भगवान शिव का जलाभिषेक किया।
शहर में मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे पर शहर के मंडी समिति के पास स्थित गौरीशंकर मंदिर, काली सड़क स्थित बिरुआबाड़ी मंदिर और बरेली रोड स्थित हर प्रसाद मंदिर में सोमवार तड़के से ही कांवड़ियों का पहुंचाना शुरू हो गया। दोपहर बाद तक कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की लाइन मंदिरों के बाहर लगी रही।
विज्ञापन
पुलिस-प्रशासन ने संभाली व्यवस्था, नहीं लगा जाम
कांवड़ियों की भीड़ के बावजूद इस बार कछला में जाम की स्थिति नहीं बनी। प्रशासन ने पहले से ही यातायात व्यवस्था के लिए अलग-अलग रूट निर्धारित किए थे। बाइपास और एआरटीओ चौराहे की ओर से आने-जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग मार्ग रखने से भीड़ का दबाव बंटा रहा। वहीं कांवड़ियों के साथ आने वाले डीजे को प्रशासन ने कछला घाट से करीब चार किलोमीटर पहले ही रोक दिया। इससे घाट की ओर जाने वाले रास्ते पर वाहनों का दबाव कम रहा।
बरेली समेत कई जिलों से पहुंचे कांवड़िये
कछला घाट पर बदायूं के अलावा बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर और आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में कांवड़िये पहुंचे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए घाट पर पेयजल, अस्थायी शौचालय, प्रकाश और मेडिकल कैंप की व्यवस्था की गई। सुरक्षा के लिए जल पुलिस और गोताखोर भी तैनात रहे। वहीं, सोमवार सुबह तक कांवड़ियों के जत्थे अपने गंतव्य की ओर जाते दिखाई दिए। कई स्थानों पर स्थानीय लोगों और स्वयंसेवी संगठनों ने कांवड़ियों के लिए भंडारे और जलपान की व्यवस्था की। प्रशासन के अनुसार, यातायात को सुचारू रखने के लिए पुलिस बल लगातार तैनात रहा।
विज्ञापन
रविवार देर रात तक कछला पुल से लेकर गंगा घाट तक श्रद्धालुओं की भीड़ रही। कांवड़ियों ने गंगा में स्नान करने के बाद कांवड़ में जल भरा और रातभर अपने गंतव्य की ओर रवाना होते रहे। सोमवार तड़के कांवड़ियों ने अपने-अपने क्षेत्रों के शिवालयों में पहुंचकर गंगाजल से भगवान शिव का जलाभिषेक किया।
विज्ञापन
शहर में मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे पर शहर के मंडी समिति के पास स्थित गौरीशंकर मंदिर, काली सड़क स्थित बिरुआबाड़ी मंदिर और बरेली रोड स्थित हर प्रसाद मंदिर में सोमवार तड़के से ही कांवड़ियों का पहुंचाना शुरू हो गया। दोपहर बाद तक कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की लाइन मंदिरों के बाहर लगी रही।
विज्ञापन
पुलिस-प्रशासन ने संभाली व्यवस्था, नहीं लगा जाम
कांवड़ियों की भीड़ के बावजूद इस बार कछला में जाम की स्थिति नहीं बनी। प्रशासन ने पहले से ही यातायात व्यवस्था के लिए अलग-अलग रूट निर्धारित किए थे। बाइपास और एआरटीओ चौराहे की ओर से आने-जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग मार्ग रखने से भीड़ का दबाव बंटा रहा। वहीं कांवड़ियों के साथ आने वाले डीजे को प्रशासन ने कछला घाट से करीब चार किलोमीटर पहले ही रोक दिया। इससे घाट की ओर जाने वाले रास्ते पर वाहनों का दबाव कम रहा।
बरेली समेत कई जिलों से पहुंचे कांवड़िये
कछला घाट पर बदायूं के अलावा बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर और आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में कांवड़िये पहुंचे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए घाट पर पेयजल, अस्थायी शौचालय, प्रकाश और मेडिकल कैंप की व्यवस्था की गई। सुरक्षा के लिए जल पुलिस और गोताखोर भी तैनात रहे। वहीं, सोमवार सुबह तक कांवड़ियों के जत्थे अपने गंतव्य की ओर जाते दिखाई दिए। कई स्थानों पर स्थानीय लोगों और स्वयंसेवी संगठनों ने कांवड़ियों के लिए भंडारे और जलपान की व्यवस्था की। प्रशासन के अनुसार, यातायात को सुचारू रखने के लिए पुलिस बल लगातार तैनात रहा।

कछला रोड श्रद्धालुओं का विहंगम दृश्य। स्रोत ड्रोन