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Budaun News: किसी को शान पर धब्बा लगाने हम नहीं देंगे...
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नगर पालिका में आयोजित कवि सम्मेलन के मंच पर कविगण। स्रोत स्वयं
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बदायूं। स्वतंत्रता दिवस की 80वीं वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर नगर पालिका परिषद प्रांगण में कौमी एकता को समर्पित कवि सम्मेलन एवं मुशायरे का आयोजन आशा राठौर की अध्यक्षता में हुआ।
शुरूआत कवयित्री सरिता चौहान की सरस्वती वंदना और सगीर सैफी के नात-ए-पाक से हुई। शैलेंद्र मिश्र देव ने पढ़ा-हिफाजत में वतन की जान जाती है चली जाए, किसी को शान पर धब्बा लगाने हम नहीं देंगे। वरिष्ठ साहित्यकार अशोक खुराना ने पढ़ा- अन्न नीर फल फूल से, सुरभित भारत देश, सभी रखें सद्भावना, तब महके परिवेश।
डॉ. शम्स मुजाहिदी ने कहा कि हर बार हार कर भी न समझा ये राज तू, हरगिज न जीत पाएगा हिंदोस्तान से। संचालक सुनील शर्मा समर्थ ने कहा- देश में सौहार्द की फिर से बहे गंगा, राष्ट्र को वंदन बनाने की करो कोशिश। युवा कवि राजवीर सिंह तरंग ने सुनाया- भारत की आन-बान, वीरता की पहचान, तीन रंग का तिरंगा, गगन में छा रहा। शायर नासिर बदायूंनी ने पढ़ा- हम अपने वतन की अजमत को इस तरह बढ़ाया करते हैं। सुरमे की जगह हम खाक-ए-वतन आंखों में लगाया करते हैं।
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इनके अलावा अहमद अमजदी, असरार अहमद मुजतर, डॉ. कमला माहेश्वरी कमल, सरिता चौहान, षट्वदन शंखधार, जयवीर चंद्रवंशी, मो. सगीर बदायूंनी, अमन मयंक शर्मा, हैदर खान ने भी देशभक्ति से ओतप्रोत रचनाएं प्रस्तुत कर खूब वाहवाही लूटी। मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री आबिद रजा व विशिष्ट अतिथि चेयरपर्सन फात्मा रजा व कार्यालय अधीक्षक सूर्य प्रकाश व पालिका स्टाफ ने सभी कवियों व शायरों का शाॅल ओढ़ाकर एवं माल्यार्पण कर सम्मानित किया। मुख्य संयोजन अशोक खुराना ने किया। देर रात तक चले कार्यक्रम में कवि पवन शंखधार, सभासद अनवर खां, नवेद अली, अरविंद राठौर, नवेद गनी, साहिर अंसारी, छोटू, रिजवान खां बब्लू, मकसूद, शहजाद, नाजिम आदि श्रोता मौजूद रहे।
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शुरूआत कवयित्री सरिता चौहान की सरस्वती वंदना और सगीर सैफी के नात-ए-पाक से हुई। शैलेंद्र मिश्र देव ने पढ़ा-हिफाजत में वतन की जान जाती है चली जाए, किसी को शान पर धब्बा लगाने हम नहीं देंगे। वरिष्ठ साहित्यकार अशोक खुराना ने पढ़ा- अन्न नीर फल फूल से, सुरभित भारत देश, सभी रखें सद्भावना, तब महके परिवेश।
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डॉ. शम्स मुजाहिदी ने कहा कि हर बार हार कर भी न समझा ये राज तू, हरगिज न जीत पाएगा हिंदोस्तान से। संचालक सुनील शर्मा समर्थ ने कहा- देश में सौहार्द की फिर से बहे गंगा, राष्ट्र को वंदन बनाने की करो कोशिश। युवा कवि राजवीर सिंह तरंग ने सुनाया- भारत की आन-बान, वीरता की पहचान, तीन रंग का तिरंगा, गगन में छा रहा। शायर नासिर बदायूंनी ने पढ़ा- हम अपने वतन की अजमत को इस तरह बढ़ाया करते हैं। सुरमे की जगह हम खाक-ए-वतन आंखों में लगाया करते हैं।
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इनके अलावा अहमद अमजदी, असरार अहमद मुजतर, डॉ. कमला माहेश्वरी कमल, सरिता चौहान, षट्वदन शंखधार, जयवीर चंद्रवंशी, मो. सगीर बदायूंनी, अमन मयंक शर्मा, हैदर खान ने भी देशभक्ति से ओतप्रोत रचनाएं प्रस्तुत कर खूब वाहवाही लूटी। मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री आबिद रजा व विशिष्ट अतिथि चेयरपर्सन फात्मा रजा व कार्यालय अधीक्षक सूर्य प्रकाश व पालिका स्टाफ ने सभी कवियों व शायरों का शाॅल ओढ़ाकर एवं माल्यार्पण कर सम्मानित किया। मुख्य संयोजन अशोक खुराना ने किया। देर रात तक चले कार्यक्रम में कवि पवन शंखधार, सभासद अनवर खां, नवेद अली, अरविंद राठौर, नवेद गनी, साहिर अंसारी, छोटू, रिजवान खां बब्लू, मकसूद, शहजाद, नाजिम आदि श्रोता मौजूद रहे।