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Budaun News: निजी ब्लड बैंक से खून मंगवाकर प्रसूता को चढ़ाया, हालत बिगड़ने पर मौत
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बदायूं। जिला महिला अस्पताल में भर्ती एक प्रसूता की निजी ब्लड बैंक से मंगाए गए खून को चढ़ाने के दौरान हालात बिगड़ गई। इसके बाद उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, रास्ते में उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि शिशु का जन्म होने के बाद अधिक रक्तस्राव होने पर अस्पताल के स्टाफ ने खून लाने को कहा था। निजी ब्लड बैंक का नाम भी बताया था। उस ब्लड बैंक से ही वह 5500 रुपये देकर खून लेकर आए थे।
उझानी थाना क्षेत्र के मोहल्ला गद्दी टोला निवासी जहीर अहमद की पत्नी शमा को प्रसव पीड़ा होने के चलते रविवार सुबह पांच बजे उझानी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर ले गए। वहां प्रसव के दौरान महिला की हालत बिगड़ी तो उसे बदायूं जिला महिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। अपराह्न करीब ढाई बजे प्रसूता को जिला महिला अस्पताल लेकर आए। यहां पर भर्ती कर उपचार शुरू हुआ। प्रसूता को प्रसव होने के बाद अत्यधिक रक्तस्राव हुआ। स्थिति गंभीर होने पर डॉक्टर ने तत्काल खून चढ़ाने की आवश्यकता बताई।
आरोप है कि अस्पताल स्टाफ ने खुद ही फॉर्म भरकर परिजनों को एक निजी ब्लड बैंक का पता बताया, जहां 5500 रुपये में खून दिया गया। परिजनों का कहना है कि खून चढ़ाने के कुछ समय बाद ही महिला की तबीयत और बिगड़ गई। आनन-फानन में उसे राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया, वहां पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई।
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निजी ब्लड बैंक संचालकों का नेटवर्क सक्रिय
मृतका के पति जहीर अहमद का कहना है कि अस्पताल में पहले से ही निजी ब्लड बैंक संचालकों का नेटवर्क सक्रिय है। मरीजों को सरकारी व्यवस्था का लाभ दिलाने के बजाय निजी संस्थानों की ओर भेजा जाता है, जिससे आर्थिक बोझ भी बढ़ता है। उसने बताया कि जिला महिला अस्पताल में रक्त की जरूरत पड़ने पर कई बार परिजनों को निजी ब्लड बैंक का पता बताया जाता है। जब उससे खून लाने के लिए फॉर्म दिया। तब एक और व्यक्ति से प्राइवेट ब्लड बैंक से खून मंगाया गया था। घटना के बाद परिजनों में आक्रोश है। मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और निजी ब्लड बैंक से रक्त मंगाने की पूरी प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की है।
पांच भर्ती मरीजों के फॉर्म एक वरिष्ठ डॉक्टर ने अपने कब्जे में लिए
चर्चा है कि महिला की मौत की जानकारी जिला महिला अस्पताल की एक वरिष्ठ डॉक्टर को हुई तो तुरंत उन्होंने मरीज को भर्ती करने वाले फॉर्म (बीएचटी) अपने कब्जे में ले लिए, जबकि मरीज से संबंधित रिकॉर्ड को अस्पताल में रखा जाता है। यही नहीं उन्होंने चार अन्य भर्ती करने वाले फॉर्म अपने पास रख लिए।
मामला की जांच कराई जा रही है। जो भी दोषी पाया जाएगा। उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. विकास शर्मा, सीएमओ
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उझानी थाना क्षेत्र के मोहल्ला गद्दी टोला निवासी जहीर अहमद की पत्नी शमा को प्रसव पीड़ा होने के चलते रविवार सुबह पांच बजे उझानी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर ले गए। वहां प्रसव के दौरान महिला की हालत बिगड़ी तो उसे बदायूं जिला महिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। अपराह्न करीब ढाई बजे प्रसूता को जिला महिला अस्पताल लेकर आए। यहां पर भर्ती कर उपचार शुरू हुआ। प्रसूता को प्रसव होने के बाद अत्यधिक रक्तस्राव हुआ। स्थिति गंभीर होने पर डॉक्टर ने तत्काल खून चढ़ाने की आवश्यकता बताई।
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आरोप है कि अस्पताल स्टाफ ने खुद ही फॉर्म भरकर परिजनों को एक निजी ब्लड बैंक का पता बताया, जहां 5500 रुपये में खून दिया गया। परिजनों का कहना है कि खून चढ़ाने के कुछ समय बाद ही महिला की तबीयत और बिगड़ गई। आनन-फानन में उसे राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया, वहां पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई।
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निजी ब्लड बैंक संचालकों का नेटवर्क सक्रिय
मृतका के पति जहीर अहमद का कहना है कि अस्पताल में पहले से ही निजी ब्लड बैंक संचालकों का नेटवर्क सक्रिय है। मरीजों को सरकारी व्यवस्था का लाभ दिलाने के बजाय निजी संस्थानों की ओर भेजा जाता है, जिससे आर्थिक बोझ भी बढ़ता है। उसने बताया कि जिला महिला अस्पताल में रक्त की जरूरत पड़ने पर कई बार परिजनों को निजी ब्लड बैंक का पता बताया जाता है। जब उससे खून लाने के लिए फॉर्म दिया। तब एक और व्यक्ति से प्राइवेट ब्लड बैंक से खून मंगाया गया था। घटना के बाद परिजनों में आक्रोश है। मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और निजी ब्लड बैंक से रक्त मंगाने की पूरी प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की है।
पांच भर्ती मरीजों के फॉर्म एक वरिष्ठ डॉक्टर ने अपने कब्जे में लिए
चर्चा है कि महिला की मौत की जानकारी जिला महिला अस्पताल की एक वरिष्ठ डॉक्टर को हुई तो तुरंत उन्होंने मरीज को भर्ती करने वाले फॉर्म (बीएचटी) अपने कब्जे में ले लिए, जबकि मरीज से संबंधित रिकॉर्ड को अस्पताल में रखा जाता है। यही नहीं उन्होंने चार अन्य भर्ती करने वाले फॉर्म अपने पास रख लिए।
मामला की जांच कराई जा रही है। जो भी दोषी पाया जाएगा। उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. विकास शर्मा, सीएमओ