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Budaun News: जिले में लगेगा पुस्तक जागरूकता मेला
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Wed, 08 Apr 2026 01:38 AM IST
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बदायूं। जिले में माध्यमिक शिक्षा को सुलभ और किफायती बनाने के उद्देश्य से पुस्तक जागरूकता एवं सुलभता शिविर (पुस्तक मेला) का आयोजन किया जाएगा। यह मेला यूपी बोर्ड की ओर से कक्षा नौ से 12वीं तक के छात्र-छात्राओं के लिए आयोजित किया जा रहा है। इसमें उन्हें अधिकृत और निर्धारित मूल्य पर पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी।
माध्यमिक शिक्षा परिषद के निर्देशानुसार मेला का आयोजन किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों और अभिभावकों को प्रमाणित पुस्तकों के प्रति जागरूक करना है। अक्सर देखा जाता है कि बाजार में महंगी और गैर-मान्यता प्राप्त किताबें भी बेची जाती हैं। इससे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। ऐसे में यह मेला सही पुस्तकों की पहचान और उचित मूल्य पर उपलब्ध करने में मदद करेगा।
मेले में विभिन्न अधिकृत प्रकाशकों की पाठ्यपुस्तकें एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे छात्रों और अभिभावकों को अलग-अलग दुकानों पर भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। साथ ही, उन्हें पुस्तकों की गुणवत्ता और उपयोगिता के बारे में भी जानकारी दी जाएगी, ताकि वे सही किताबों का चयन कर सकें। डीआईओएस लालजी यादव का कहना है कि शासन की ओर मिले निर्देशों का पालन किया जाएगा।
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एनसीईआरटी की किताबों का ही होगा उपयोग
डीएम अवनीश राय के पास छात्र-छात्राओं व अभिभावकों की शिकायतें पहुंची हैं। इसमें विद्यालयों की ओर से काॅपी, पाठ्य पुस्तकें, ड्रेस, स्कूल बैग, जूता-मोजा आदि खरीदारी के लिए निर्धारित दुकानदारों से बाध्य किया जा रहा है। जबकि शासन के स्पष्ट निर्देश है कि यह सभी चीजें किसी भी दुकान से ले सकते हैं। साथ ही डीआईओएस लालजी यादव ने बताया है कि सभी विद्यालयों में एनसीआरटी की पुस्तकें ही संचालित की जाएंगी। साथ ही विद्यालयों में प्रवेश व शुल्क के संबंध में बताया कि शासन के दिशा निर्देशों के क्रम में ही शुल्क व प्रवेश शुल्क लिए जाए। अगर किसी विद्यालय ने शुल्क अतिरिक्त लिया, तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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माध्यमिक शिक्षा परिषद के निर्देशानुसार मेला का आयोजन किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों और अभिभावकों को प्रमाणित पुस्तकों के प्रति जागरूक करना है। अक्सर देखा जाता है कि बाजार में महंगी और गैर-मान्यता प्राप्त किताबें भी बेची जाती हैं। इससे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। ऐसे में यह मेला सही पुस्तकों की पहचान और उचित मूल्य पर उपलब्ध करने में मदद करेगा।
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मेले में विभिन्न अधिकृत प्रकाशकों की पाठ्यपुस्तकें एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे छात्रों और अभिभावकों को अलग-अलग दुकानों पर भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। साथ ही, उन्हें पुस्तकों की गुणवत्ता और उपयोगिता के बारे में भी जानकारी दी जाएगी, ताकि वे सही किताबों का चयन कर सकें। डीआईओएस लालजी यादव का कहना है कि शासन की ओर मिले निर्देशों का पालन किया जाएगा।
एनसीईआरटी की किताबों का ही होगा उपयोग
डीएम अवनीश राय के पास छात्र-छात्राओं व अभिभावकों की शिकायतें पहुंची हैं। इसमें विद्यालयों की ओर से काॅपी, पाठ्य पुस्तकें, ड्रेस, स्कूल बैग, जूता-मोजा आदि खरीदारी के लिए निर्धारित दुकानदारों से बाध्य किया जा रहा है। जबकि शासन के स्पष्ट निर्देश है कि यह सभी चीजें किसी भी दुकान से ले सकते हैं। साथ ही डीआईओएस लालजी यादव ने बताया है कि सभी विद्यालयों में एनसीआरटी की पुस्तकें ही संचालित की जाएंगी। साथ ही विद्यालयों में प्रवेश व शुल्क के संबंध में बताया कि शासन के दिशा निर्देशों के क्रम में ही शुल्क व प्रवेश शुल्क लिए जाए। अगर किसी विद्यालय ने शुल्क अतिरिक्त लिया, तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।