Budaun News: थाने के गेट पर बेहोश हुई फरियादी महिला, तीन दिन से काट रही थी चक्कर, पुलिस ने नहीं की सुनवाई
बदायूं में फरियाद लेकर पहुंची महिला बिनावर थाने के गेट पर बेहोश हो गई, जिससे उसके बच्चे रोने-बिलखने लगे। महिला के मायकेवालों ने पुलिस पर सुनवाई न करने और थाने से भगाने का आरोप लगाया।
विस्तार
बदायूं में तीन दिन से थाने के चक्कर काट रही महिला बृहस्पतिवार को बिनावर थाने के गेट पर बेहोश हो गई। इससे थाने के गेट पर लोगों की भीड़ लग गई। यहां अफरातफरी का माहौल बन गया। मायके पक्ष के लोग विधवा महिला को अपने साथ बदायूं ले गए। पुलिस ने रोकने का प्रयास किया लेकिन उन लोगों ने साफ कहा कि वह अब एसएसपी से ही न्याय की गुहार लगाएंगे। पीड़िता ने अपने देवर-जेठ पर बुरी नजर रखने, छेड़खानी करने और मारपीट कर घर से निकाल देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि थाना पुलिस ने महिला की शिकायत पर सुनवाई नहीं की।
बिनावर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी विधवा महिला का आरोप है कि ससुर, जेठ व देवर ने उसे छोटे-छोटे छह बच्चों के साथ मारपीट कर घर से निकाल दिया। वह तीन दिन से लगातार थाने के चक्कर लगा रही थी। थाने से लौटकर वह जब भी घर गई तो उसे मारपीट कर घर से बाहर निकाल देते। पुलिस कार्रवाई न होने से उन लोगों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं। बृहस्पतिवार सुबह वह अपने बच्चों के साथ थाने पहुंची।
यह भी पढ़ें- UP: एक साल पहले सीता ने जहूर अंसारी से किया था विवाह, अब फंदे से लटकी मिली लाश; फोन पर बोली ये आखिरी बात
आरोप है कि पुलिस ने उसकी एक न सुनी। वह अपने बच्चों के साथ थाने के गेट पर बैठ गई। भूख और प्यास से उसकी हालत बिगड़ी तो उसके मायके वाले भी मौके पर पहुंच गए। पीड़िता थाने के गेट पर बेहोश हो गई तो उन लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। बदायूं-बरेली रोड पर थाना होने के कारण लोगों की भीड़ लग गई। कुछ पुलिसकर्मी आ गए। मायके पक्ष के लोगों ने बताया कि पीड़िता के पति की कुछ दिन पूर्व हुई मृत्यु हो चुकी है। उसके छोटे-छोटे बच्चे हैं। पीड़िता पर उसके देवर व जेठ गलत नीयत रखते हैं। आए दिन उसके साथ छेड़खानी करते हैं।
पुलिस पर थाने से भगाने का आरोप
आरोप है कि देवर व जेठ ने षड्यंत्र के तहत उसके पति के हिस्से की जमीन अपने पिता से अपने नाम करा ली है। अब पीड़िता के पास गुजारा करने के लिए कोई भी साधन नहीं है। जिसकी शिकायत उसने तीन दिन पूर्व पुलिस से की। आरोप है कि पुलिस ने आरोपी लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। बृहस्पतिवार को भी थाने से उसे भाग जाने को कहा गया। पीड़िता वहीं थाने गेट पर बैठ गई और तबीयत बिगड़ने से बेहोश हो गई। मायके पक्ष यह कहकर उसे अपने साथ बदायूं ले गए कि वह एसएसपी को पूरा मामला बताकर न्याय की गुहार लगाएंगे।
इस मामले में कोतवाली प्रभारी राजेंद्र सिंह का कहना है कि दो दिन पूर्व पीड़िता थाने आई थी। जमीन का मामला है। उसके जेठ और देवर पर शांति भंग की कार्रवाई भी कर दी और जांच के बाद आरोपों के आधार पर रिपोर्ट दर्ज करने का आश्वासन दिया था। जांच की जा रही है। जांच के बाद उसकी शिकायत के मामले में कार्रवाई की जाएगी।
