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भ्रमित न हों, मकर संक्राति 15 को ही : आचार्य राजेश
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आचार्य राजेश कुमार शर्मा।
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बदायूं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूर्य देव जब मकर राशि में गोचर (प्रवेश) करते हैं तभी मकर संक्रांति होती है। उस समय से लेकर आठ घंटे तक पुण्यकाल होता है। इस दौरान स्नान और दान किया जाता है।
आचार्य राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि निर्णय सिंधु के अनुसार, यदि सूर्य की संक्रांति सूर्योदय के बाद होती है तो पूरे दिन पुण्यकाल होता है। वहीं जब सूर्य की संक्रांति सूर्यास्त बाद प्रदोष काल में या रात के समय होती है तो उसका पुण्यकाल अगले दिन सूर्योदय के बाद से माना जाता है।
बताया कि काशी विश्वनाथ के हृषिकेश पंचांग में सूर्यदेव 14 जनवरी 2026 को रात में 9 बजकर 41 मिनट पर मकर राशि में गोचर करेंगे। रात्रि में संक्रांति हो रही है, इस वजह से मकर संक्रांति का पुण्य काल 15 जनवरी को सूर्योदय के बाद से होगा। निर्णय सिंधु के अनुसार भी इस बार की मकर संक्रांति का पुण्य काल 15 जनवरी को प्राप्त हो रहा है, क्योंकि सूर्य का प्रवेश मकर राशि में रात के समय हो रहा है। ऐसे में मकर संक्रांति 15 जनवरी गुरुवार को मनाना शास्त्र सम्मत है। मकर संक्रांति के दिन माघ कृष्ण द्वादशी तिथि है, उस दिन षट्तिला एकादशी का पारण है।
मकर संक्रांति स्नान-दान मुहूर्त
15 जनवरी को मकर संक्रांति के दिन पुण्य काल अपराह्न 2 बजकर 53 मिनट तक है, ऐसे में मकर संक्रांति का स्नान और दान ब्रह्म मुहूर्त से लेकर अपराह्न 2:53 बजे तक कर सकते हैं। मकर संक्रांति पर चावल, तिल, गुड़, गरम कपड़े, फल आदि का दान करना चाहिए।
पर्व का महत्व
मकर संक्रांति के दिन लोग खिचड़ी खाते हैं, इस वजह से इसे खिचड़ी दिवस भी कहा जाता है। मकर संक्रांति पर सूर्य के उत्तरायण होने से इसे उत्तरायण पर्व भी कहते हैं। इस दिन स्नान और दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है।
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बताया कि काशी विश्वनाथ के हृषिकेश पंचांग में सूर्यदेव 14 जनवरी 2026 को रात में 9 बजकर 41 मिनट पर मकर राशि में गोचर करेंगे। रात्रि में संक्रांति हो रही है, इस वजह से मकर संक्रांति का पुण्य काल 15 जनवरी को सूर्योदय के बाद से होगा। निर्णय सिंधु के अनुसार भी इस बार की मकर संक्रांति का पुण्य काल 15 जनवरी को प्राप्त हो रहा है, क्योंकि सूर्य का प्रवेश मकर राशि में रात के समय हो रहा है। ऐसे में मकर संक्रांति 15 जनवरी गुरुवार को मनाना शास्त्र सम्मत है। मकर संक्रांति के दिन माघ कृष्ण द्वादशी तिथि है, उस दिन षट्तिला एकादशी का पारण है।
मकर संक्रांति स्नान-दान मुहूर्त
15 जनवरी को मकर संक्रांति के दिन पुण्य काल अपराह्न 2 बजकर 53 मिनट तक है, ऐसे में मकर संक्रांति का स्नान और दान ब्रह्म मुहूर्त से लेकर अपराह्न 2:53 बजे तक कर सकते हैं। मकर संक्रांति पर चावल, तिल, गुड़, गरम कपड़े, फल आदि का दान करना चाहिए।
पर्व का महत्व
मकर संक्रांति के दिन लोग खिचड़ी खाते हैं, इस वजह से इसे खिचड़ी दिवस भी कहा जाता है। मकर संक्रांति पर सूर्य के उत्तरायण होने से इसे उत्तरायण पर्व भी कहते हैं। इस दिन स्नान और दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है।