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Budaun News: प्रयोगात्मक परीक्षा की कॉपियां रहेंगी एक साल तक सुरक्षित
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बदायूं। यूपी बोर्ड ने इंटरमीडिएट की प्रयोगात्मक परीक्षाओं को लेकर सख्त निर्देश दिए हैं। बोर्ड ने सभी विद्यालयों को निर्देशित किया है कि प्रयोगात्मक परीक्षा का आयोजन सीसी कैमरों की निगरानी में कराया जाएगा। परीक्षा से संबंधित सभी दस्तावेज और उत्तर पुस्तिकाएं एक वर्ष तक सुरक्षित रखना अनिवार्य होगा।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के अनुसार, प्रयोगात्मक परीक्षाओं में लापरवाही और अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती रहीं हैं। कहीं नंबर बढ़ाने के आरोप लगे हैं तो कहीं बिना परीक्षा कराए ही अंक अपलोड करने की शिकायतें मिली हैं। इन्हीं शिकायतों को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने इस बार व्यवस्था को और अधिक सख्त किया है, जिससे परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी बनी रहे।
दिशा-निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि प्रयोगात्मक परीक्षा के दौरान परीक्षा कक्ष, प्रयोगशाला और मूल्यांकन स्थल पर सीसीटीवी कैमरे कार्यशील स्थिति में होने चाहिए। साथ ही उनकी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखी जाएगी, जिससे जरूरत पड़ने पर उसकी जांच की जा सके। इसके अलावा परीक्षार्थियों की उपस्थिति, प्रश्नपत्र वितरण, मूल्यांकन प्रक्रिया और अंक अपलोड करने तक की पूरी प्रक्रिया का विधिवत रिकॉर्ड रखा जाएगा।
विभागीय अधिकारी के अनुसार, बोर्ड ने यह भी कहा है कि प्रयोगात्मक परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं, उपस्थिति पत्रक और अन्य संबंधित दस्तावेजों को कम से कम एक वर्ष तक सुरक्षित रखा जाए। यदि किसी भी छात्र द्वारा अंक या परीक्षा प्रक्रिया को लेकर शिकायत दर्ज कराई जाती है, तो इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर जांच की जाएगी। जिला विद्यालय निरीक्षक लालजी यादव ने निर्देश दिए हैं कि यदि किसी विद्यालय की ओर से नियमों की अनदेखी की जाती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के अनुसार, प्रयोगात्मक परीक्षाओं में लापरवाही और अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती रहीं हैं। कहीं नंबर बढ़ाने के आरोप लगे हैं तो कहीं बिना परीक्षा कराए ही अंक अपलोड करने की शिकायतें मिली हैं। इन्हीं शिकायतों को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने इस बार व्यवस्था को और अधिक सख्त किया है, जिससे परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी बनी रहे।
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दिशा-निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि प्रयोगात्मक परीक्षा के दौरान परीक्षा कक्ष, प्रयोगशाला और मूल्यांकन स्थल पर सीसीटीवी कैमरे कार्यशील स्थिति में होने चाहिए। साथ ही उनकी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखी जाएगी, जिससे जरूरत पड़ने पर उसकी जांच की जा सके। इसके अलावा परीक्षार्थियों की उपस्थिति, प्रश्नपत्र वितरण, मूल्यांकन प्रक्रिया और अंक अपलोड करने तक की पूरी प्रक्रिया का विधिवत रिकॉर्ड रखा जाएगा।
विभागीय अधिकारी के अनुसार, बोर्ड ने यह भी कहा है कि प्रयोगात्मक परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं, उपस्थिति पत्रक और अन्य संबंधित दस्तावेजों को कम से कम एक वर्ष तक सुरक्षित रखा जाए। यदि किसी भी छात्र द्वारा अंक या परीक्षा प्रक्रिया को लेकर शिकायत दर्ज कराई जाती है, तो इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर जांच की जाएगी। जिला विद्यालय निरीक्षक लालजी यादव ने निर्देश दिए हैं कि यदि किसी विद्यालय की ओर से नियमों की अनदेखी की जाती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।