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Budaun News: तीन साल में बढ़ गए तीन गुना ई-वाहन
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Sun, 11 Jan 2026 01:29 AM IST
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बदायूं। जिले में ई-वाहनों का लगातार क्रेज बढ़ रहा है। लोग अब इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने में रूचि ले रहे हैं। इलेक्ट्रिक वाहन की चाहत लोगों के बीच तेजी से बढ़ रही है। महिला और युवतियों को भी नई स्टाइल के ई-वाहन पसंद आ रहे हैं। पिछले तीन साल के रिकार्ड पर नजर डाले तो ई-वाहनों की संख्या में पांच गुना तक बढ़ोतरी दर्ज हुई है। वर्ष 2022-23 में जिले में 1035 ई-वाहन वाहन पंजीकृत हुए, जिनकी संख्या 2023-24 में बढ़कर 2,125 पहुंची। जबकि 2024-25 में 3152 ई-वाहनों के रजिस्ट्रेशन एआरटीओ कार्यालय में किए गए हैं।
प्रदूषण का ग्राफ कम करने के उद्देश्य से शासन इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर जोर दे रहा है। वाहन की कीमत पर सब्सिडी तक दी जाती है। उसी का नतीजा है कि अब लोगों की रुचि ई-वाहनों की तरफ बढ़ी है। संभागीय परिवहन विभाग के रिकाॅर्ड पर नजर डालें तो वर्ष 2022-23 में सिर्फ 152 ई-रिक्शा समेत कुल 1035 ई वाहन पंजीकृत थे। वर्ष 2023-24 में ई वाहनों की संख्या 2125 पर पहुंच गई। इसमें 884 ई-रिक्शा व अन्य ई-वाहन शामिल रहे। वहीं 2024-25 में इनकी संख्या 3152 पर पहुंची। इसमें 1817 ई-रिक्शा व अन्य वाहन शामिल रहे। इसके पीछे वजह पेट्रोल-डीजल के महंगे दाम होने के साथ इन वाहनों के रखरखाव का कम खर्च होना भी है। यही कारण है कि अब सड़कों पर ग्रीन नंबर प्लेट वाहन खूब दिखने लगे हैं।
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हर साल बढ़ रही इलेक्टि्क वाहनों की बिक्री
पेट्रोल और डीजल के साथ इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों ने अपनी जगह बना ली है। उसी का नतीजा है कि अब हर एक साल से अधिक इलेक्ट्रिक दोपहिया व चार पहिए वाहनों की बिक्री हो रही है। एआरटीओ अधिकारियों के हिसाब से ई-वाहनों की बिक्री लगातार बढ़ने की संभावना है। अब कई अच्छे वाहन कंपनियां भी ई-वाहन का निर्माण कर रही हैं।
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वाहन तो बढ़ रहे पर नहीं है चार्जिंग स्टेशन
- जिले में ई-वाहनों की संख्या तो बढ़ रही है, लेकिन चार्जिंग के इंतजाम नहीं हैं। यहां केबल रोडवेज बसों के लिए ही एक चार्जिंग स्टेशन बनाया गया है। लेकिन, बसों का अता-पता नहीं है। ऐसे में वाहन चालक या तो चोरी की बिजली से यह चार्ज कर रहे हैं या फिर अन्य उपाय अपना रहे हैं। ऐसे में इन चार्जिग स्टेशनों में सुधार के साथ-साथ नए चार्जिंग स्टेशन खोजे जाने की मांग बढ़ गई है।
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कोट,
प्रदूषण कम करने के लिए शासन इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर जोर दे रहा है। सब्सिडी के साथ कई अन्य फायदों को देखते हुए इलेक्टि्रक वाहनों की चाहत लगातार बढ़ रही है। तीन सालों में परिवहन कार्यालय में ई-वाहन अच्छी खासी संख्या में पंजीकृत हुए हैं। -हरिओम, एआरटीओ बदायूं
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प्रदूषण का ग्राफ कम करने के उद्देश्य से शासन इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर जोर दे रहा है। वाहन की कीमत पर सब्सिडी तक दी जाती है। उसी का नतीजा है कि अब लोगों की रुचि ई-वाहनों की तरफ बढ़ी है। संभागीय परिवहन विभाग के रिकाॅर्ड पर नजर डालें तो वर्ष 2022-23 में सिर्फ 152 ई-रिक्शा समेत कुल 1035 ई वाहन पंजीकृत थे। वर्ष 2023-24 में ई वाहनों की संख्या 2125 पर पहुंच गई। इसमें 884 ई-रिक्शा व अन्य ई-वाहन शामिल रहे। वहीं 2024-25 में इनकी संख्या 3152 पर पहुंची। इसमें 1817 ई-रिक्शा व अन्य वाहन शामिल रहे। इसके पीछे वजह पेट्रोल-डीजल के महंगे दाम होने के साथ इन वाहनों के रखरखाव का कम खर्च होना भी है। यही कारण है कि अब सड़कों पर ग्रीन नंबर प्लेट वाहन खूब दिखने लगे हैं।
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हर साल बढ़ रही इलेक्टि्क वाहनों की बिक्री
पेट्रोल और डीजल के साथ इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों ने अपनी जगह बना ली है। उसी का नतीजा है कि अब हर एक साल से अधिक इलेक्ट्रिक दोपहिया व चार पहिए वाहनों की बिक्री हो रही है। एआरटीओ अधिकारियों के हिसाब से ई-वाहनों की बिक्री लगातार बढ़ने की संभावना है। अब कई अच्छे वाहन कंपनियां भी ई-वाहन का निर्माण कर रही हैं।
वाहन तो बढ़ रहे पर नहीं है चार्जिंग स्टेशन
- जिले में ई-वाहनों की संख्या तो बढ़ रही है, लेकिन चार्जिंग के इंतजाम नहीं हैं। यहां केबल रोडवेज बसों के लिए ही एक चार्जिंग स्टेशन बनाया गया है। लेकिन, बसों का अता-पता नहीं है। ऐसे में वाहन चालक या तो चोरी की बिजली से यह चार्ज कर रहे हैं या फिर अन्य उपाय अपना रहे हैं। ऐसे में इन चार्जिग स्टेशनों में सुधार के साथ-साथ नए चार्जिंग स्टेशन खोजे जाने की मांग बढ़ गई है।
कोट,
प्रदूषण कम करने के लिए शासन इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर जोर दे रहा है। सब्सिडी के साथ कई अन्य फायदों को देखते हुए इलेक्टि्रक वाहनों की चाहत लगातार बढ़ रही है। तीन सालों में परिवहन कार्यालय में ई-वाहन अच्छी खासी संख्या में पंजीकृत हुए हैं। -हरिओम, एआरटीओ बदायूं