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Budaun News: कदमनगला में गंगा से भू-कटान जारी, गांवों में नहीं घुसा पानी

Thu, 13 Aug 2026 01:49 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 13 Aug 2026 01:49 AM IST
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Erosion by the Ganges continues at Kadamnagala; floodwaters have not entered the villages.
किसान भंवर पाल
उसहैत। बाढ़ के लिहाज से अति संवेदनशील उसहैत क्षेत्र के कदमनगला में दहशत बरकरार है। बुधवार को गंगा के पानी से भू-कटान जरूर हुआ, लेकिन पानी गांव में नहीं घुसा। 21 परिवारों ने घरों से ज्यादातर सामान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से दूसरे गांव में भिजवा दिया है। अब जानवरों को हरा चारा व भूसा खिलाने की मुश्किल खड़ी हो गई है। कई सौ बीघा खेती की जमीन गंगा में समा जाने से जानवरों को हरा चारा नहीं मिल रहा है। इससे ग्रामीण परेशान हैं।
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गंगा के जलस्तर में बुधवार को 9 सेमी की कमी दर्ज की गई। नगर के तटवर्ती गांवों के बेहटी, कमले नगला, ठकुरी नगला, प्रेमी नगला और जटा में गंगा का जलस्तर कम होने से पानी काफी घटा है, जिससे गांव आने जाने के संपर्क मार्गों पर भी पानी में कमी हुई है। उसहैत से प्रेमीनगला, जटा गांव जाने वाले मार्ग पर तीन दिन से लगभग 3 फुट पानी था, जो अब दो फुट रह गया है।
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कदमनगला में भी गंगा का पानी जमीन से लगकर चल रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि मंगलवार की शाम के बाद से गंगा के पानी का वेग कुछ बदला है, जिसकी वजह से पानी के बहाव में उतनी तेजी नहीं है। गांव में पूर्व माध्यमिक विद्यालय लगभग 90 प्रतिशत गंगा में समा चुका है, लेकिन एक कमरा व दीवार उसी अवस्था में खड़ी है।
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वहीं ग्रामीणों ने अपने घर गृहस्थी के सामान को दूसरे गांव में सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया है। गांव में 21 कच्चे-पक्के मकान हैं, जिनमें 50 लोग ( 30 पुरुष एवं 20 महिलाएं) रहते हैं। गांव में 250 के करीब मवेशी भी पाले जाते हैं। ग्रामीणों ने बताया मवेशियों को खाने के लिए भूसा और हरा चारा दोनों ही चाहिए, लेकिन कई सौ बीघा खेती की जमीन गंगा में समा जाने से मवेशियों को हरा चारा नहीं मिल रहा है।
एसडीएम दातागंज विनोद कुमार ने बताया है कि 24 घंटों में पहाड़ों पर बारिश नहीं हुई है, जिसके चलते गंगा का जलस्तर 9 सेमी घटा है, जो एक अच्छा संकेत हैं। आज भी नरौरा से 124000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिससे जलस्तर बढ़ने के आसार नहीं दिख रहे हैं, फिर भी सुरक्षा टीमों को कोताही नहीं बरतने दी जाएगी, स्थिति पर पूरी नजर बनी हुई है।


ग्रामीणों ने बताई अपनी-अपनी परेशानी

किसान भंवर पाल ने बताया कि गंगा के कटान में खेती की काफी जमीन समा गई है। पशुओं को हरा चारा भी नहीं मिल पा रहा है। प्रशासन को मवेशियों के खाने की भी व्यवस्था करनी चाहिए।



ग्राम कदम नगला के किसान दिनेश ने बताया कि बुधवार सुबह से गंगा ने कटान नहीं किया है। अभी स्थिति कुछ बेहतर है। कल तक पानी काफी ऊपर तक बह रहा था, जो अभी नीचे की ओर बह रहा है।

किसान भंवर पाल

किसान भंवर पाल

किसान भंवर पाल

किसान भंवर पाल

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