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Budaun News: सिलिंडर से मिलेगा छुटकारा, शहर में पाइपलाइन से पहुंचेगी रसोई गैस
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Thu, 28 May 2026 02:04 AM IST
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सिविल लाइन इलाके में लगी गैस की पाइप लाइन एक घर के बाहर। संवाद
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बदायूं। शहरवासियों के लिए लंबे इंतजार के बाद अब राहत भरी खबर सामने आई है। बदायूं में घर-घर पाइपलाइन के जरिये रसोई गैस पहुंचाने की महत्वाकांक्षी पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) परियोजना को आखिरकार बड़ी प्रशासनिक मंजूरी मिल गई है। वन विभाग और लोक निर्माण विभाग से एनओसी मिलने के बाद अब हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड यानी (एचपीसीएल) ने शहर में गैस आपूर्ति शुरू करने की तैयारियां तेज कर दी हैं। कंपनी और प्रशासन का लक्ष्य है कि आगामी सात माह के भीतर बदायूं शहर के अधिकांश मोहल्लों में पाइप लाइन के जरिये घरेलू गैस सप्लाई शुरू कर दी जाए।
यह योजना शुरू होने के बाद लोगों को रसोई गैस सिलिंडर बुक कराने, डिलीवरी का इंतजार करने और बार-बार सिलिंडर खत्म होने की परेशानी से बड़ी राहत मिलेगी। गैस सीधे पाइपलाइन के जरिये घरों तक पहुंचेगी और उपभोक्ता मीटर के आधार पर इस्तेमाल के अनुसार भुगतान करेंगे।
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पांच साल से अधूरी थी योजना, अब मिली नई रफ्तार
बदायूं शहर में पाइपलाइन गैस सप्लाई योजना मार्च 2021 में शुरू की गई थी। उस समय इसे शहर के लिए आधुनिक सुविधा की दिशा में बड़ा कदम माना गया था। शुरुआती दौर में लोगों ने तेजी से कनेक्शन के लिए आवेदन भी किए थे, लेकिन वन विभाग और लोक निर्माण विभाग से एनओसी न मिलने के कारण परियोजना बीच में ही अटक गई।करीब दो वर्षों से यह योजना फाइलों में उलझी रही। इस दौरान कई मोहल्लों में पाइपलाइन तो डाल दी गई, लेकिन मुख्य गैस लाइन से कनेक्शन न जुड़ पाने के कारण सप्लाई शुरू नहीं हो सकी। शहर के लोगों में भी धीरे-धीरे निराशा बढ़ने लगी थी। अब अंतरराष्ट्रीय हालात और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों के बीच सरकार ने इस योजना को प्राथमिकता दी है। बताया जा रहा है कि हाल ही में भारत सरकार ने जिला प्रशासन से परियोजना की स्थिति पर रिपोर्ट मांगी थी। इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर तेजी दिखाई गई और लंबित एनओसी प्रक्रिया पूरी कराई गई।
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बरेली-मथुरा मेन लाइन से जुड़ेगा बदायूं
बदायूं शहर की स्थानीय गैस लाइन को बरेली-मथुरा मुख्य गैस पाइपलाइन से जोड़ा जाना है। इसके लिए वन विभाग और पीडब्ल्यूडी की अनुमति बेहद जरूरी थी। अब दोनों विभागों से हरी झंडी मिलने के बाद एचपीसीएल ने तकनीकी और फील्ड स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। शहर में अब तक करीब 50 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन डाली जा चुकी है। पहले चरण में करीब 5000 घरेलू कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया था, इनमें से लगभग 4500 लोगों का पंजीकरण पहले ही हो चुका है। हालांकि सप्लाई शुरू न होने से लोग लंबे समय से इंतजार कर रहे थे।
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कई मोहल्लों में पहले से तैयार है नेटवर्क
आवास विकास, नेकपुर सहित कई इलाकों में चार से पांच वर्ष पहले ही पाइपलाइन का काम पूरा कर लिया गया था। कई घरों के बाहर पाइप और कनेक्शन प्वाइंट तक लगा दिए गए थे, लेकिन गैस सप्लाई शुरू नहीं होने से पूरा सिस्टम बंद पड़ा रहा। अब कंपनी ने आदर्श नगर, जवाहरपुरी, शास्त्री नगर, शिव शक्ति नगर समेत शहर के अन्य घनी आबादी वाले मोहल्लों में भी तेजी से काम शुरू करने की योजना बनाई है। अधिकारियों के मुताबिक, पाइपलाइन विस्तार के साथ-साथ मीटर इंस्टॉलेशन और घरेलू कनेक्शन की प्रक्रिया भी जल्द शुरू होगी।
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घर-घर गैस कनेक्शन लेने के लिए क्या होंगे नियम
पीएनजी गैस कनेक्शन लेने के इच्छुक लोगों को कंपनी के निर्धारित दस्तावेज जमा करने होंगे। इसमें मुख्य रूप से आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, पहचानपत्र, निवास प्रमाणपत्र अथवा मकान से संबंधित दस्तावेज देने होंगे। यदि कोई किरायेदार कनेक्शन लेना चाहता है तो उसे मकान मालिक की अनुमति भी देनी पड़ सकती है। कंपनी की ओर से शहर में जल्द विशेष पंजीकरण शिविर लगाए जाएंगे। लोग कंपनी के अधिकृत कार्यालय या एजेंटों के माध्यम से भी आवेदन कर सकेंगे। आवेदन स्वीकृत होने के बाद संबंधित घर तक पाइपलाइन जोड़ी जाएगी और गैस मीटर लगाया जाएगा। इसके बाद उपभोक्ता को मीटर रीडिंग के आधार पर बिल मिलेगा।
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लोगों को क्या होंगे फायदे
विशेषज्ञों के अनुसार पाइपलाइन गैस व्यवस्था घरेलू सिलिंडर की तुलना में अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित मानी जाती है। इससे लोगों को सिलिंडर खत्म होने की चिंता नहीं रहेगी। बार-बार सिलिंडर उठाने और बदलने की परेशानी भी समाप्त हो जाएगी। गैस की आपूर्ति लगातार बनी रहेगी और उपयोग के हिसाब से ही बिल देना होगा। इसके अलावा गैस चोरी, कालाबाजारी और डिलीवरी में देरी जैसी समस्याओं से भी राहत मिलने की उम्मीद है। महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक सुविधा मिलेगी, क्योंकि उन्हें सिलिंडर की व्यवस्था के लिए बार-बार परेशान नहीं होना पड़ेगा।
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डीएसओ ने एचपीसीएल टीम के साथ की समीक्षा बैठक
योजना को तेजी से लागू कराने के लिए जिला पूर्ति अधिकारी सतीश कुमार मिश्रा ने अपने कार्यालय में एचपीसीएल अधिकारियों के साथ बैठक कर परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में पाइपलाइन विस्तार, कनेक्शन प्रक्रिया और शेष कार्यों को जल्द पूरा करने पर चर्चा की गई। डीएसओ ने बताया कि वन विभाग और लोक निर्माण विभाग की एनओसी प्राप्त हो चुकी है तथा अब परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन और कंपनी का संयुक्त लक्ष्य है कि आगामी सात माह में शहर के लोगों को घर-घर पाइपलाइन गैस सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि शहर में 50 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है और शेष इलाकों में भी जल्द कार्य शुरू कराया जाएगा।
यह योजना शुरू होने के बाद लोगों को रसोई गैस सिलिंडर बुक कराने, डिलीवरी का इंतजार करने और बार-बार सिलिंडर खत्म होने की परेशानी से बड़ी राहत मिलेगी। गैस सीधे पाइपलाइन के जरिये घरों तक पहुंचेगी और उपभोक्ता मीटर के आधार पर इस्तेमाल के अनुसार भुगतान करेंगे।
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पांच साल से अधूरी थी योजना, अब मिली नई रफ्तार
बदायूं शहर में पाइपलाइन गैस सप्लाई योजना मार्च 2021 में शुरू की गई थी। उस समय इसे शहर के लिए आधुनिक सुविधा की दिशा में बड़ा कदम माना गया था। शुरुआती दौर में लोगों ने तेजी से कनेक्शन के लिए आवेदन भी किए थे, लेकिन वन विभाग और लोक निर्माण विभाग से एनओसी न मिलने के कारण परियोजना बीच में ही अटक गई।करीब दो वर्षों से यह योजना फाइलों में उलझी रही। इस दौरान कई मोहल्लों में पाइपलाइन तो डाल दी गई, लेकिन मुख्य गैस लाइन से कनेक्शन न जुड़ पाने के कारण सप्लाई शुरू नहीं हो सकी। शहर के लोगों में भी धीरे-धीरे निराशा बढ़ने लगी थी। अब अंतरराष्ट्रीय हालात और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों के बीच सरकार ने इस योजना को प्राथमिकता दी है। बताया जा रहा है कि हाल ही में भारत सरकार ने जिला प्रशासन से परियोजना की स्थिति पर रिपोर्ट मांगी थी। इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर तेजी दिखाई गई और लंबित एनओसी प्रक्रिया पूरी कराई गई।
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बरेली-मथुरा मेन लाइन से जुड़ेगा बदायूं
बदायूं शहर की स्थानीय गैस लाइन को बरेली-मथुरा मुख्य गैस पाइपलाइन से जोड़ा जाना है। इसके लिए वन विभाग और पीडब्ल्यूडी की अनुमति बेहद जरूरी थी। अब दोनों विभागों से हरी झंडी मिलने के बाद एचपीसीएल ने तकनीकी और फील्ड स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। शहर में अब तक करीब 50 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन डाली जा चुकी है। पहले चरण में करीब 5000 घरेलू कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया था, इनमें से लगभग 4500 लोगों का पंजीकरण पहले ही हो चुका है। हालांकि सप्लाई शुरू न होने से लोग लंबे समय से इंतजार कर रहे थे।
कई मोहल्लों में पहले से तैयार है नेटवर्क
आवास विकास, नेकपुर सहित कई इलाकों में चार से पांच वर्ष पहले ही पाइपलाइन का काम पूरा कर लिया गया था। कई घरों के बाहर पाइप और कनेक्शन प्वाइंट तक लगा दिए गए थे, लेकिन गैस सप्लाई शुरू नहीं होने से पूरा सिस्टम बंद पड़ा रहा। अब कंपनी ने आदर्श नगर, जवाहरपुरी, शास्त्री नगर, शिव शक्ति नगर समेत शहर के अन्य घनी आबादी वाले मोहल्लों में भी तेजी से काम शुरू करने की योजना बनाई है। अधिकारियों के मुताबिक, पाइपलाइन विस्तार के साथ-साथ मीटर इंस्टॉलेशन और घरेलू कनेक्शन की प्रक्रिया भी जल्द शुरू होगी।
घर-घर गैस कनेक्शन लेने के लिए क्या होंगे नियम
पीएनजी गैस कनेक्शन लेने के इच्छुक लोगों को कंपनी के निर्धारित दस्तावेज जमा करने होंगे। इसमें मुख्य रूप से आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, पहचानपत्र, निवास प्रमाणपत्र अथवा मकान से संबंधित दस्तावेज देने होंगे। यदि कोई किरायेदार कनेक्शन लेना चाहता है तो उसे मकान मालिक की अनुमति भी देनी पड़ सकती है। कंपनी की ओर से शहर में जल्द विशेष पंजीकरण शिविर लगाए जाएंगे। लोग कंपनी के अधिकृत कार्यालय या एजेंटों के माध्यम से भी आवेदन कर सकेंगे। आवेदन स्वीकृत होने के बाद संबंधित घर तक पाइपलाइन जोड़ी जाएगी और गैस मीटर लगाया जाएगा। इसके बाद उपभोक्ता को मीटर रीडिंग के आधार पर बिल मिलेगा।
लोगों को क्या होंगे फायदे
विशेषज्ञों के अनुसार पाइपलाइन गैस व्यवस्था घरेलू सिलिंडर की तुलना में अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित मानी जाती है। इससे लोगों को सिलिंडर खत्म होने की चिंता नहीं रहेगी। बार-बार सिलिंडर उठाने और बदलने की परेशानी भी समाप्त हो जाएगी। गैस की आपूर्ति लगातार बनी रहेगी और उपयोग के हिसाब से ही बिल देना होगा। इसके अलावा गैस चोरी, कालाबाजारी और डिलीवरी में देरी जैसी समस्याओं से भी राहत मिलने की उम्मीद है। महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक सुविधा मिलेगी, क्योंकि उन्हें सिलिंडर की व्यवस्था के लिए बार-बार परेशान नहीं होना पड़ेगा।
डीएसओ ने एचपीसीएल टीम के साथ की समीक्षा बैठक
योजना को तेजी से लागू कराने के लिए जिला पूर्ति अधिकारी सतीश कुमार मिश्रा ने अपने कार्यालय में एचपीसीएल अधिकारियों के साथ बैठक कर परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में पाइपलाइन विस्तार, कनेक्शन प्रक्रिया और शेष कार्यों को जल्द पूरा करने पर चर्चा की गई। डीएसओ ने बताया कि वन विभाग और लोक निर्माण विभाग की एनओसी प्राप्त हो चुकी है तथा अब परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन और कंपनी का संयुक्त लक्ष्य है कि आगामी सात माह में शहर के लोगों को घर-घर पाइपलाइन गैस सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि शहर में 50 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है और शेष इलाकों में भी जल्द कार्य शुरू कराया जाएगा।

सिविल लाइन इलाके में लगी गैस की पाइप लाइन एक घर के बाहर। संवाद