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Budaun News: रामपुर में अधिवक्ता की हत्या से उबाल, वकीलों ने किया प्रदर्शन
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कलक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन करते अधिवक्ता। स्रोत- संगठन
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बदायूं। रामपुर जिले में अधिवक्ता फारूक अहमद खान की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना से अधिवक्ता समाज में रोष व्याप्त है। घटना के विरोध में बृहस्पतिवार को जिला बार एसोसिएशन के बैनर तले बड़ी संख्या में वकीलों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। बाद में जिलाधिकारी (डीएम) को ज्ञापन देते हुए दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की।
कलक्ट्रेट परिसर में एकत्रित अधिवक्ताओं ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि न्यायालय से जुड़े लोगों पर इस प्रकार का हमला न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती भी है। अधिवक्ताओं का कहना था कि यदि दिनदहाड़े इस तरह की वारदातें होंगी तो आमजन में भय का माहौल पैदा होगा। न्याय व्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष देवपाल सिंह ने कहा कि रामपुर की घटना ने प्रदेश के अधिवक्ताओं को झकझोर दिया है। अधिवक्ता न्याय व्यवस्था की अहम कड़ी हैं। उनकी सुरक्षा के प्रति शासन को विशेष संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। मांग की कि घटना की निष्पक्ष और त्वरित जांच कराकर दोषियों को गिरफ्तार कर सख्त सजा दिलाई जाए।
जिला महामंत्री संदीप मिश्रा ने कहा कि अधिवक्ता समाज स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहा है। यदि शीघ्र प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो अधिवक्ता आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने यह भी मांग की कि प्रदेश स्तर पर अधिवक्ताओं की सुरक्षा नीति बनाई जाए। न्यायालय परिसरों और अधिवक्ताओं को आवश्यक सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि प्रदेश सरकार अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए ठोस व स्थायी कदम उठाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द सकारात्मक कदम नहीं उठाए तो व्यापक स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग
बिल्सी। रामपुर में अधिवक्ता की हत्या के विरोध में तहसील के अधिवक्ताओं ने परिसर में नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम प्रेमपाल सिंह को दिया। तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि रामपुर में अधिवक्ता फारूक अहमद खान की सरेआम गोली मारकर हत्या किया जाना कानून व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न है।
उन्होंने कहा कि यदि अधिवक्ता ही सुरक्षित नहीं हैं तो आमजन की सुरक्षा की कल्पना कैसे की जा सकती है। दोषियों को तत्काल गिरफ्तार कर कठोर कार्रवाई करते हुए उन्हें फांसी दी जाए। महासचिव ज्ञान सिंह त्यागी ने अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट लागू किए जाने की मांग उठाई। इस दौरान विवेक राठी, मुकेश कुमार सिंह, रामनाथ शर्मा, रामप्रकाश श्रीवास्तव, श्रीराम, बागीश माहेश्वरी, प्रदीप कुमार आदि अधिवक्ता मौजूद रहे। संवाद
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कलक्ट्रेट परिसर में एकत्रित अधिवक्ताओं ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि न्यायालय से जुड़े लोगों पर इस प्रकार का हमला न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती भी है। अधिवक्ताओं का कहना था कि यदि दिनदहाड़े इस तरह की वारदातें होंगी तो आमजन में भय का माहौल पैदा होगा। न्याय व्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
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जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष देवपाल सिंह ने कहा कि रामपुर की घटना ने प्रदेश के अधिवक्ताओं को झकझोर दिया है। अधिवक्ता न्याय व्यवस्था की अहम कड़ी हैं। उनकी सुरक्षा के प्रति शासन को विशेष संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। मांग की कि घटना की निष्पक्ष और त्वरित जांच कराकर दोषियों को गिरफ्तार कर सख्त सजा दिलाई जाए।
जिला महामंत्री संदीप मिश्रा ने कहा कि अधिवक्ता समाज स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहा है। यदि शीघ्र प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो अधिवक्ता आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने यह भी मांग की कि प्रदेश स्तर पर अधिवक्ताओं की सुरक्षा नीति बनाई जाए। न्यायालय परिसरों और अधिवक्ताओं को आवश्यक सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि प्रदेश सरकार अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए ठोस व स्थायी कदम उठाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द सकारात्मक कदम नहीं उठाए तो व्यापक स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग
बिल्सी। रामपुर में अधिवक्ता की हत्या के विरोध में तहसील के अधिवक्ताओं ने परिसर में नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम प्रेमपाल सिंह को दिया। तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि रामपुर में अधिवक्ता फारूक अहमद खान की सरेआम गोली मारकर हत्या किया जाना कानून व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न है।
उन्होंने कहा कि यदि अधिवक्ता ही सुरक्षित नहीं हैं तो आमजन की सुरक्षा की कल्पना कैसे की जा सकती है। दोषियों को तत्काल गिरफ्तार कर कठोर कार्रवाई करते हुए उन्हें फांसी दी जाए। महासचिव ज्ञान सिंह त्यागी ने अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट लागू किए जाने की मांग उठाई। इस दौरान विवेक राठी, मुकेश कुमार सिंह, रामनाथ शर्मा, रामप्रकाश श्रीवास्तव, श्रीराम, बागीश माहेश्वरी, प्रदीप कुमार आदि अधिवक्ता मौजूद रहे। संवाद

कलक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन करते अधिवक्ता। स्रोत- संगठन
