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Budaun News: बदायूं-मेरठ हाईवे पर दो से पांच फुट तक गहरे गड्ढे
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कादरचौक के गांव कुढ़ाशाहपुर में रास्ते का बुरा हाल। संवाद
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दहगवां। बदायूं-मेरठ हाईवे पर लगभग दो से पांच फुट गहरे गड्ढे हो गए हैं। बारिश का पानी भर जाने से ये गड्ढे दिखाई नहीं देते। यही कारण रहा कि दहगवां चौराहे पर शनिवार रात करीब पांच बाइक सवार इन गड्ढों में गिरकर घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। कई बार शिकायत के बावजूद पीडब्ल्यूडी ने अब तक इस मार्ग को दुरुस्त नहीं कराया है, इससे लोगों में आक्रोश है।
बदायूं-मेरठ हाईवे पर शनिवार देर रात एक बजे सचिन पुत्र प्रेमपाल व पुरुषोत्तम पुत्र शिव कुमार निवासी जलालाबाद अपने घर लौट रहे थे। हाईवे पर दो फुट गहरे गड्ढे में गिरकर दोनों जख्मी हो गए। वहीं, तीन बाइक सवार और घायल हुए, जो किसी तरह यहां से अपने गंतव्य को चले गए।
राजमार्ग होने के कारण सैकड़ों वाहन यहां से गुजरते हैं, जिसके चलते कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। हालांकि लगातार घटनाएं होते रहने के कारण ग्रामीणों और पुलिस ने मिलकर अस्थायी बैरिकेडिंग कर दी है, ताकि कोई बड़ी दुर्घटना न हो सके। बावजूद इसके पीडब्ल्यूडी ने अपनी जिम्मेदारी से मुख मोड़ रखा है। अगर, इसको समय रहते सही नहीं कराया गया तो बड़ा हादसा हो सकता है।
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टूटी सड़क, बाइक तक से निकलना हुआ मुश्किल
कादरचौक। गांव कुढ़ाशाहपुर में दलदल और कीचड़ के कारण सड़क की हालत इतनी खराब है कि इससे निकलना मुश्किल भरा हो गया है। हालत इतनी खराब है कि आए दिन ई-रिक्शा पलट जाते हैं। रोड खराब होने के कारण बाइक सवार गांव की गली से निकलते हैं। यह सड़क कादरचौक से कछला को जोड़ने का मुख्य हॉटमिक्स टूलेन रोड है। ट्रक, बस से लेकर छोटे-बड़े सभी वाहन यहां से रोजाना दौड़ते हैं। इससे दर्जनों गांव जुड़ते हैं।
सावन में कावड़ यात्रा भी इसी रास्ते से पटना देवकली को जाती है। सड़क पर जगह-जगह लेपन कर दिया गया था, जो अब क्षतिग्रस्त हो गया है। टूटी सड़क, पानी, कीचड़ के कारण आवागमन में लोगों को मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। संवाद
गौरामई का मुख्यमार्ग खराब, आवागमन में हो रही परेशानी
जगत। विकास खंड म्याऊं के ग्राम गौरामई की मुख्य सड़क लगभग 20 वर्षों से बदहाल है। बरसात के मौसम में सड़क पर जलभराव होने से ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। समस्या से त्रस्त ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर सड़क निर्माण कराने की मांग की है।
ग्रामीण अतुल यादव ने बताया कि ककराला-उसहैत मार्ग से गांव को जोड़ने वाली लगभग एक किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण करीब 20 से 25 वर्ष पूर्व कराया था। सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। बच्चों को स्कूल जाने, बुजुर्गों और मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कई बार लोक निर्माण विभाग से शिकायत की गई, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने मार्ग के नक्शे में शामिल न होने का हवाला देकर कार्रवाई नहीं की।
ग्रामीणों ने मांग की है कि ग्राम गौरामई की इस मुख्य सड़क को पीडब्ल्यूडी अथवा पंचायत विभाग की स्वीकृत योजना में शामिल कराकर शीघ्र निर्माण कराया जाए। इस संबंध में अतुल यादव, हारून खान, डॉ. मोहित, प्रिंस कुमार एवं प्रेम सिंह ने जिलाधिकारी से हस्तक्षेप कर सड़क निर्माण कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
यह सड़क नवीनीकरण में शामिल है। टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो गई है। अब कोलतार को इंतजार किया जा रहा है। जैसे ही मिलता है, वैसे ही यहां पर काम शुरू करा दिया जाएगा। इससे पूर्व मार्ग के गड्ढे भरवा दिए गए हैं। -देवेंद्र, जेई, लोक निर्माण विभाग
बदायूं-मेरठ हाईवे पर शनिवार देर रात एक बजे सचिन पुत्र प्रेमपाल व पुरुषोत्तम पुत्र शिव कुमार निवासी जलालाबाद अपने घर लौट रहे थे। हाईवे पर दो फुट गहरे गड्ढे में गिरकर दोनों जख्मी हो गए। वहीं, तीन बाइक सवार और घायल हुए, जो किसी तरह यहां से अपने गंतव्य को चले गए।
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राजमार्ग होने के कारण सैकड़ों वाहन यहां से गुजरते हैं, जिसके चलते कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। हालांकि लगातार घटनाएं होते रहने के कारण ग्रामीणों और पुलिस ने मिलकर अस्थायी बैरिकेडिंग कर दी है, ताकि कोई बड़ी दुर्घटना न हो सके। बावजूद इसके पीडब्ल्यूडी ने अपनी जिम्मेदारी से मुख मोड़ रखा है। अगर, इसको समय रहते सही नहीं कराया गया तो बड़ा हादसा हो सकता है।
टूटी सड़क, बाइक तक से निकलना हुआ मुश्किल
कादरचौक। गांव कुढ़ाशाहपुर में दलदल और कीचड़ के कारण सड़क की हालत इतनी खराब है कि इससे निकलना मुश्किल भरा हो गया है। हालत इतनी खराब है कि आए दिन ई-रिक्शा पलट जाते हैं। रोड खराब होने के कारण बाइक सवार गांव की गली से निकलते हैं। यह सड़क कादरचौक से कछला को जोड़ने का मुख्य हॉटमिक्स टूलेन रोड है। ट्रक, बस से लेकर छोटे-बड़े सभी वाहन यहां से रोजाना दौड़ते हैं। इससे दर्जनों गांव जुड़ते हैं।
सावन में कावड़ यात्रा भी इसी रास्ते से पटना देवकली को जाती है। सड़क पर जगह-जगह लेपन कर दिया गया था, जो अब क्षतिग्रस्त हो गया है। टूटी सड़क, पानी, कीचड़ के कारण आवागमन में लोगों को मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। संवाद
गौरामई का मुख्यमार्ग खराब, आवागमन में हो रही परेशानी
जगत। विकास खंड म्याऊं के ग्राम गौरामई की मुख्य सड़क लगभग 20 वर्षों से बदहाल है। बरसात के मौसम में सड़क पर जलभराव होने से ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। समस्या से त्रस्त ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर सड़क निर्माण कराने की मांग की है।
ग्रामीण अतुल यादव ने बताया कि ककराला-उसहैत मार्ग से गांव को जोड़ने वाली लगभग एक किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण करीब 20 से 25 वर्ष पूर्व कराया था। सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। बच्चों को स्कूल जाने, बुजुर्गों और मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कई बार लोक निर्माण विभाग से शिकायत की गई, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने मार्ग के नक्शे में शामिल न होने का हवाला देकर कार्रवाई नहीं की।
ग्रामीणों ने मांग की है कि ग्राम गौरामई की इस मुख्य सड़क को पीडब्ल्यूडी अथवा पंचायत विभाग की स्वीकृत योजना में शामिल कराकर शीघ्र निर्माण कराया जाए। इस संबंध में अतुल यादव, हारून खान, डॉ. मोहित, प्रिंस कुमार एवं प्रेम सिंह ने जिलाधिकारी से हस्तक्षेप कर सड़क निर्माण कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
यह सड़क नवीनीकरण में शामिल है। टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो गई है। अब कोलतार को इंतजार किया जा रहा है। जैसे ही मिलता है, वैसे ही यहां पर काम शुरू करा दिया जाएगा। इससे पूर्व मार्ग के गड्ढे भरवा दिए गए हैं। -देवेंद्र, जेई, लोक निर्माण विभाग

कादरचौक के गांव कुढ़ाशाहपुर में रास्ते का बुरा हाल। संवाद

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