Budaun: एचपीसीएल प्लांट संचालन में सहयोग करेंगे 30 गांव के प्रधान और कोटेदार, अफसरों ने बैठक में किया मंथन
बदायूं में एचपीसीएल कंपनी के दो अफसरों की हत्या के बाद से प्लांट बंद पड़ा है। इसे दोबारा शुरू करने की कवायद तेज हो गई है। पुलिस प्रशासन ने आसपास के प्रधानों और कोटेदारों से प्लांट संचालन में सहयोगा मांगा है।
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बदायूं के मूसाझाग थाना क्षेत्र के सैजनी गांव स्थित एचपीसीएल प्लांट के दोबारा संचालन को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। प्लांट को सुरक्षित व सुचारू रूप से चालू कराने के लिए आसपास के दस किलोमीटर दायरे के ग्राम प्रधानों और कोटेदारों की अहम भूमिका तय की गई है। इसी क्रम में मंगलवार को मूसाझाग थाना परिसर में एसडीएम दातागंज धर्मेंद्र कुमार सिंह और क्षेत्राधिकारी उझानी सुनील कुमार सिंह की अध्यक्षता में विस्तृत बैठक आयोजित की गई, इसमें क्षेत्र के 30 गांव के प्रधान, कोटेदार व अन्य जिम्मेदार लोग मौजूद रहे।
बैठक के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्लांट का संचालन केवल तकनीकी प्रक्रिया नहीं, बल्कि सामाजिक सहयोग और सुरक्षा व्यवस्था का भी विषय है। एसडीएम धर्मेंद्र कुमार सिंह ने ग्राम प्रधानों और कोटेदारों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने-अपने गांवों के ऐसे व्यक्तियों की जानकारी प्रशासन को दें, जिनकी छवि संदिग्ध या आपराधिक प्रवृत्ति की हो, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की आशंका को पहले ही समाप्त किया जा सके। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि गांवों के ईमानदार, जिम्मेदार और सामाजिक रूप से सक्रिय लोगों को चिन्हित कर प्लांट संचालन में सहयोग के लिए आगे लाया जाए।
प्लांट के संचालन से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
एसडीएम ने कहा कि एचपीसीएल प्लांट के शुरू होने से क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और स्थानीय युवाओं को भी काम मिलने की संभावना बढ़ेगी। ऐसे में यह केवल कंपनी का नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के विकास का विषय है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे इस कार्य को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन और कंपनी के साथ समन्वय बनाए रखें।
इंस्पेक्टर वीरेंद्र तोमर ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष जोर देते हुए कहा कि प्लांट और उसके आसपास के क्षेत्र में लगातार निगरानी रखी जाएगी। पुलिस की ओर से भी आवश्यक बंदोबस्त किए जा रहे हैं, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्या उत्पन्न न हो। उन्होंने कहा कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दी जाए, जिससे समय रहते कार्रवाई की जा सके।
अधिकारियों और कर्मचारियों ने की पूजा
प्लांट परिसर में भी गतिविधियां तेज हो गई हैं। अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर कार्यों की शुरुआत की गई। तकनीकी टीमों ने प्लांट के विभिन्न हिस्सों में काम शुरू कर दिया है। इलेक्ट्रिशियन की टीम बिजली फिटिंग, वायरिंग और अन्य आवश्यक उपकरणों को दुरुस्त करने में जुटी है। इसके अलावा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्लांट परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं, जिससे हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके।
12 मार्च से बंद है प्लांट का संचालन
प्लांट संचालन से पहले सभी आवश्यक औपचारिकताएं और सुरक्षा मानकों को पूरी तरह सुनिश्चित किया जा रहा है। प्रशासन और कंपनी के अधिकारी लगातार बैठकें कर प्रगति की समीक्षा कर रहे हैं, ताकि किसी भी स्तर पर कोई कमी न रह जाए। बता दें कि बीते 12 मार्च को प्लांट से जुड़े दो अधिकारियों की हत्या की घटना के बाद से यहां का संचालन पूरी तरह ठप हो गया था, जिससे क्षेत्र में चिंता का माहौल बन गया था। अब प्रशासन की सक्रियता और स्थानीय सहयोग से प्लांट को दोबारा शुरू करने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि सभी तैयारियां पूर्ण होते ही जल्द ही प्लांट का संचालन फिर से शुरू कर दिया जाएगा।