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Budaun News: गंगा एक्सप्रेस-वे किनारे औद्योगिक गलियारे की तैयारी तेज, शासन की टीम ने लिया जायजा
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Thu, 26 Mar 2026 12:27 AM IST
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शासन से आयी टीम मौके पर जाकर निरीक्षण करती हुई। स्रोत प्रशासन
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बदायूं। गंगा एक्सप्रेस-वे किनारे बनने वाले औद्याेगिक गलियारा के निर्माण को लेकर काम तेज हो गया है। बुधवार को आई शासन की दस सदस्यीय टीम ने यहां पर स्थलीय निरीक्षण किया। टीम ने मौके पर पहुंचकर अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा कर कार्ययोजना को आगे बढ़ाने पर चर्चा की है। एक्सप्रेस-वे किनारे दातागंज व बिनावर के पास 300-300 हेक्टेयर भूमि पर उद्योगों को बसाने की तैयारी है। टीम की जांच के बाद शासन स्तर से इस काम को आगे बढ़ाने का फैसला लिया जाएगा।
जिले में गंगा एक्सप्रेस-वे की कुल लंबाई 95 किलोमीटर है। जो जिले की चार तहसीलों (बदायूं, बिसौली, दातागंज, बिल्सी) के 85 गांवों से होकर गुजरती है। यह 594 किमी लंबे मेरठ-प्रयागराज गंगा एक्सप्रेस-वे का हिस्सा है। इसमें जिले में दातागंज, बिनावर और वजीरगंज में इंटरचेंज बनाए गए हैं। अब बिनावर के अलावा दातागंज के बिजौली गांव के पास बिहारीपुर, डहपुर सहित कुछ गांवों की करीब 300 हेक्टेयर भूमि पर औद्योगिक गलियारा विकसित किया जाएगा।
यह कॉरिडोर सीधे गंगा एक्सप्रेस-वे से जुड़ा होगा। जिससे उद्योगों को बेहतर कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स सुविधा मिलेगी। शासन की टीम ने एसडीएम दातागंज धर्मेंद्र कुमार सिंह के साथ स्थल का जायजा लिया। टीम ने जमीन, कनेक्टिविटी, पर्यावरणीय पहलुओं और बुनियादी ढांचे की संभावनाओं का आंकलन किया। अधिकारियों ने भूमि अधिग्रहण, सड़क संपर्क और बिजली आपूर्ति को लेकर भी जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
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स्थानीय आबादी को मिलेगा सीधा लाभ
औद्योगिक गलियारे के निर्माण से क्षेत्रीय विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। विशेष रूप से बिनावर क्षेत्र के घटपुरी के पास विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्र से करीब 40 गांवों की लगभग 50 हजार की आबादी को सीधा लाभ मिलेगा। यहां रोजगार और स्वरोजगार के अवसर तेजी से बढ़ेंगे। स्थानीय लोग चाय की दुकान, ढाबा, ट्रांसपोर्ट, मरम्मत कार्य और अन्य छोटे व्यवसाय शुरू कर सकेंगे। इससे न केवल युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि औद्योगिक गतिविधियां बढ़ने से आसपास के क्षेत्रों में भी व्यापारिक माहौल विकसित होगा।
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जमीन के दामों में आया बड़ा उछाल
औद्योगिक गलियारे की घोषणा के साथ ही क्षेत्र में जमीन की कीमतों में जबरदस्त वृद्धि देखी जा रही है। पहले जहां जमीन दो लाख रुपये प्रति बीघा तक मिल जाती थी, वहीं अब इसकी कीमत बढ़कर करीब आठ लाख रुपये प्रति बीघा तक पहुंच गई है। इससे स्थानीय किसानों और जमीन मालिकों को बड़ा आर्थिक फायदा हुआ है। जिन लोगों की जमीन अधिग्रहण से बच गई है, वे अब खुद छोटे उद्योग या व्यवसाय शुरू करने की योजना बना रहे हैं। वहीं कई लोग अपनी जमीन ऊंचे दामों पर बेचकर मुनाफा कमा रहे हैं।
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स्थानीय उद्यमियों को दी जाएगी प्राथमिकता
जिले में विकसित हो रहे औद्योगिक गलियारे में स्थानीय उद्यमियों को विशेष प्राथमिकता देने की योजना बनाई गई है। प्रशासन का प्रयास रहेगा कि सबसे पहले बदायूं जिले के ही उद्यमियों को यहां उद्योग स्थापित करने का मौका मिले। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और निवेश दोनों को बढ़ावा मिलेगा। यदि पर्याप्त संख्या में स्थानीय निवेशक नहीं मिलते हैं, तब अन्य जिलों के उद्यमियों को अवसर दिया जाएगा। जिले में बिनावर क्षेत्र पहला प्रमुख औद्योगिक हब बनने जा रहा है, जिससे पूरे जनपद के औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।
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निरीक्षण में इन बिंदुओं पर रहा फोकस
-प्रस्तावित भूमि की स्थिति और सीमांकन का परीक्षण।
-गंगा एक्सप्रेस-वे से कनेक्टिविटी का मूल्यांकन।
-बिजली, पानी और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता।
-निवेशकों के लिए संभावित सुविधाओं की रूपरेखा तैयार।
-स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय और कार्ययोजना पर चर्चा।
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वर्जन--
शासन से 10 सदस्यीय टीम आई थी, टीम ने गंगा एक्सप्रेस-वे किनारे बनने वाले औद्योगिक गलियारे को लेकर मौके पर स्थिति देखी है। बिनावर व दातागंज के पास औद्योगिक गलियारा बनाया जाना है, इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया चल रही है।
-अवनीश राय, डीएम
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जिले में गंगा एक्सप्रेस-वे की कुल लंबाई 95 किलोमीटर है। जो जिले की चार तहसीलों (बदायूं, बिसौली, दातागंज, बिल्सी) के 85 गांवों से होकर गुजरती है। यह 594 किमी लंबे मेरठ-प्रयागराज गंगा एक्सप्रेस-वे का हिस्सा है। इसमें जिले में दातागंज, बिनावर और वजीरगंज में इंटरचेंज बनाए गए हैं। अब बिनावर के अलावा दातागंज के बिजौली गांव के पास बिहारीपुर, डहपुर सहित कुछ गांवों की करीब 300 हेक्टेयर भूमि पर औद्योगिक गलियारा विकसित किया जाएगा।
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यह कॉरिडोर सीधे गंगा एक्सप्रेस-वे से जुड़ा होगा। जिससे उद्योगों को बेहतर कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स सुविधा मिलेगी। शासन की टीम ने एसडीएम दातागंज धर्मेंद्र कुमार सिंह के साथ स्थल का जायजा लिया। टीम ने जमीन, कनेक्टिविटी, पर्यावरणीय पहलुओं और बुनियादी ढांचे की संभावनाओं का आंकलन किया। अधिकारियों ने भूमि अधिग्रहण, सड़क संपर्क और बिजली आपूर्ति को लेकर भी जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
स्थानीय आबादी को मिलेगा सीधा लाभ
औद्योगिक गलियारे के निर्माण से क्षेत्रीय विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। विशेष रूप से बिनावर क्षेत्र के घटपुरी के पास विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्र से करीब 40 गांवों की लगभग 50 हजार की आबादी को सीधा लाभ मिलेगा। यहां रोजगार और स्वरोजगार के अवसर तेजी से बढ़ेंगे। स्थानीय लोग चाय की दुकान, ढाबा, ट्रांसपोर्ट, मरम्मत कार्य और अन्य छोटे व्यवसाय शुरू कर सकेंगे। इससे न केवल युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि औद्योगिक गतिविधियां बढ़ने से आसपास के क्षेत्रों में भी व्यापारिक माहौल विकसित होगा।
जमीन के दामों में आया बड़ा उछाल
औद्योगिक गलियारे की घोषणा के साथ ही क्षेत्र में जमीन की कीमतों में जबरदस्त वृद्धि देखी जा रही है। पहले जहां जमीन दो लाख रुपये प्रति बीघा तक मिल जाती थी, वहीं अब इसकी कीमत बढ़कर करीब आठ लाख रुपये प्रति बीघा तक पहुंच गई है। इससे स्थानीय किसानों और जमीन मालिकों को बड़ा आर्थिक फायदा हुआ है। जिन लोगों की जमीन अधिग्रहण से बच गई है, वे अब खुद छोटे उद्योग या व्यवसाय शुरू करने की योजना बना रहे हैं। वहीं कई लोग अपनी जमीन ऊंचे दामों पर बेचकर मुनाफा कमा रहे हैं।
स्थानीय उद्यमियों को दी जाएगी प्राथमिकता
जिले में विकसित हो रहे औद्योगिक गलियारे में स्थानीय उद्यमियों को विशेष प्राथमिकता देने की योजना बनाई गई है। प्रशासन का प्रयास रहेगा कि सबसे पहले बदायूं जिले के ही उद्यमियों को यहां उद्योग स्थापित करने का मौका मिले। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और निवेश दोनों को बढ़ावा मिलेगा। यदि पर्याप्त संख्या में स्थानीय निवेशक नहीं मिलते हैं, तब अन्य जिलों के उद्यमियों को अवसर दिया जाएगा। जिले में बिनावर क्षेत्र पहला प्रमुख औद्योगिक हब बनने जा रहा है, जिससे पूरे जनपद के औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।
निरीक्षण में इन बिंदुओं पर रहा फोकस
-प्रस्तावित भूमि की स्थिति और सीमांकन का परीक्षण।
-गंगा एक्सप्रेस-वे से कनेक्टिविटी का मूल्यांकन।
-बिजली, पानी और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता।
-निवेशकों के लिए संभावित सुविधाओं की रूपरेखा तैयार।
-स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय और कार्ययोजना पर चर्चा।
वर्जन
शासन से 10 सदस्यीय टीम आई थी, टीम ने गंगा एक्सप्रेस-वे किनारे बनने वाले औद्योगिक गलियारे को लेकर मौके पर स्थिति देखी है। बिनावर व दातागंज के पास औद्योगिक गलियारा बनाया जाना है, इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया चल रही है।
-अवनीश राय, डीएम