UP News: गंगा एक्सप्रेसवे पर वाहन भरेंगे रफ्तार, बदायूं में हुआ रनिंग ट्रायल, जल्द शुरू होने की उम्मीद
बहुप्रतीक्षित गंगा एक्सप्रेसवे पर जल्द ही यातायात शुरू हो सकता है। इसके लिए यूपीडा ने तैयारी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में रविवार को एक्सप्रेसवे पर रनिंग ट्रायल किया गया।
विस्तार
करीब 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेस-वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ से शुरू होकर राजधानी लखनऊ से प्रयागराज तक जाता है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का लगभग 95 किलोमीटर लंबा हिस्सा बदायूं जनपद से होकर गुजर रहा है, जो जिले के विकास में मील का पत्थर साबित होने जा रहा है।
रनिंग ट्रायल के दौरान संबंधित तहसीलों के एसडीएम और अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, आपातकालीन सेवाओं और अन्य आवश्यक तैयारियों का गहन निरीक्षण किया, ताकि संचालन शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह दुरुस्त की जा सकें। इस दौरान अधिकारियों की टीम ने बिनावर क्षेत्र में पौधे भी लगाए।
एक्सप्रेस-वे के किनारे औद्योगिक हब विकसित करने की भी योजना है। इससे बदायूं में उद्योग-धंधों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। निवेश बढ़ने के साथ-साथ छोटे व्यापारियों और उद्यमियों को भी इसका लाभ मिलेगा, जिससे जिले की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
गंगा एक्सप्रेस-वे पर मेरठ से लखनऊ के बीच रनिंग ट्रायल किया गया है। यूपीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने टीम के साथ एक्सप्रेस- वे का जायजा लिया है। इस दौरान तहसील की टीम भी सक्रिय रही। - धर्मेंद्र कुमार सिंह, एसडीएम, दातागंज
कनेक्टिविटी होगी मजबूत
गंगा एक्सप्रेस-वे पर बदायूं जनपद में बिनावर, दातागंज और वजीरगंज बनकोटा के पास तीन प्रमुख इंटरचेंज बनाए गए हैं। इन इंटरचेंज के जरिये जिले के विभिन्न क्षेत्रों को सीधे एक्सप्रेस-वे से जोड़ा जाएगा, जिससे आवागमन और अधिक सुगम हो जाएगा।
शेष कार्य तेजी से किए जाएंगे पूरे
अधिकारियों के अनुसार रनिंग ट्रायल सफल रहने के बाद शेष कार्यों को तेजी से पूरा किया जा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही एक्सप्रेस-वे का विधिवत संचालन शुरू कर दिया जाएगा। इसके चालू होने से मेरठ से लखनऊ की दूरी कम समय में तय की जा सकेगी, जिससे परिवहन, व्यापार और पर्यटन को बड़ा लाभ मिलेगा। गंगा एक्सप्रेस-वे के शुरू होने से बदायूं समेत आसपास के जनपदों में विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी। बेहतर कनेक्टिविटी, औद्योगिक निवेश और रोजगार के अवसरों के चलते यह परियोजना पूरे क्षेत्र की तस्वीर बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।