{"_id":"6a7ca4349c0939027f0df7a9","slug":"44-doctors-deployed-at-the-phc-bulandshahr-news-c-133-1-bul1004-162581-2026-08-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bulandshahar News: पीएचसी में 44 चिकित्सकों की तैनाती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bulandshahar News: पीएचसी में 44 चिकित्सकों की तैनाती
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बुलंदशहर। ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए अच्छी खबर है। जिले को 45 एमबीबीएस चिकित्सक मिले हैं। इनमें 44 ने कार्यभार ग्रहण कर लिया है। इन सभी को चिकित्सक विहीन चल रहे प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनाती दी गई है। एक चिकित्सक ने कार्यभार ग्रहण करने के लिए कोई आवेदन नहीं दिए।
जिले में कई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बिना चिकित्सकों के संचालित हो रहे थे। चिकित्सक न होने पर मरीजों को फार्मासिस्ट या अन्य कर्मचारियों से परामर्श लेना पड़ता था। गंभीर मरीजों को समय पर इलाज न मिलने पर उनकी जान पर बन आती थी। विभागीय अधिकारियों ने शासन को कई बार पत्र भेजकर चिकित्सकों की तैनाती की मांग की थी।
हाल ही में चिकित्सा शिक्षा महानिदेशालय ने जिले में 45 चिकित्सकों की तैनाती का आदेश जारी किया था। इसके बाद बिना चिकित्सक वाले प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर इन सभी को तैनाती देने का कार्य शुरू किया गया। प्रदेश सरकार ने पहली बार एमबीबीएस डिग्रीधारकों के लिए दो साल की राजकीय सेवा अनिवार्य की थी। इसके लिए राजकीय मेडिकल कॉलेजों के छात्रों से अनिवार्य सेवा बॉन्ड भरवाया गया था।
विज्ञापन
इन पीएचसी में किया पदभार ग्रहण
दो वर्ष के लिए जिले में आए 44 नए चिकित्सकों को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय से तैनाती दी गई है। इसमें 35 चिकित्सकों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भेजा गया है। नौ चिकित्सकों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनाती मिली है। चिकित्सक विहीन चल रहे दौलतपुर कलां, राजघाट, खानपुर, कर्णवास, जिरौली, अगरई, माचड़ और चौढ़ेरा आदि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनाती दी गई है।
कोट
44 एमबीबीएस चिकित्सकों को प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनाती का आदेश जारी किया गया है। नए चिकित्सकों की तैनाती से स्वास्थ्य सेवाएं बढ़ेंगी। इससे ग्रामीणों को काफी राहत मिलेगी। अब मरीजों को दूर-दराज के अस्पतालों तक दौड़ भी नहीं लगानी पड़ेगी। - डॉ. सुनील कुमार, कार्यवाहक सीएमओ
विज्ञापन
जिले में कई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बिना चिकित्सकों के संचालित हो रहे थे। चिकित्सक न होने पर मरीजों को फार्मासिस्ट या अन्य कर्मचारियों से परामर्श लेना पड़ता था। गंभीर मरीजों को समय पर इलाज न मिलने पर उनकी जान पर बन आती थी। विभागीय अधिकारियों ने शासन को कई बार पत्र भेजकर चिकित्सकों की तैनाती की मांग की थी।
विज्ञापन
हाल ही में चिकित्सा शिक्षा महानिदेशालय ने जिले में 45 चिकित्सकों की तैनाती का आदेश जारी किया था। इसके बाद बिना चिकित्सक वाले प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर इन सभी को तैनाती देने का कार्य शुरू किया गया। प्रदेश सरकार ने पहली बार एमबीबीएस डिग्रीधारकों के लिए दो साल की राजकीय सेवा अनिवार्य की थी। इसके लिए राजकीय मेडिकल कॉलेजों के छात्रों से अनिवार्य सेवा बॉन्ड भरवाया गया था।
विज्ञापन
इन पीएचसी में किया पदभार ग्रहण
दो वर्ष के लिए जिले में आए 44 नए चिकित्सकों को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय से तैनाती दी गई है। इसमें 35 चिकित्सकों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भेजा गया है। नौ चिकित्सकों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनाती मिली है। चिकित्सक विहीन चल रहे दौलतपुर कलां, राजघाट, खानपुर, कर्णवास, जिरौली, अगरई, माचड़ और चौढ़ेरा आदि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनाती दी गई है।
कोट
44 एमबीबीएस चिकित्सकों को प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनाती का आदेश जारी किया गया है। नए चिकित्सकों की तैनाती से स्वास्थ्य सेवाएं बढ़ेंगी। इससे ग्रामीणों को काफी राहत मिलेगी। अब मरीजों को दूर-दराज के अस्पतालों तक दौड़ भी नहीं लगानी पड़ेगी। - डॉ. सुनील कुमार, कार्यवाहक सीएमओ