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Bulandshahar News: दौड़ रहा था करंट और कांवड़ मार्ग पर टूट गया 11 हजार लाइन का तार
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गाजियाबाद। कांवड़ यात्रा के दौरान ऊर्जा निगम की टीम की सक्रियता बढ़ाने का दावा तो किया जा रहा है, लेकिन हकीकत इसके पूरी तरह विपरीत नजर आ रही है। इसका बड़ा उदाहरण शुक्रवार को देखने को मिला। पाइपलाइन कांवड़ मार्ग पर अफजलपुर गांव में 11 हजार क्षमता की विद्युत लाइन का तार टूटकर गिर गया। उस वक्त लाइन में करंट भी दौड़ रहा था। इसकी सूचना ग्रामीणों ने ऊर्जा निगम के अफसरों को दी। 1912 पर भी इसकी शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन दो घंटे तक भी कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा, जबकि इस मार्ग से इस वक्त बड़ी तादाद में शिवभक्त कांवड़ लेकर निकल रहे हैं।
ग्रामीण प्रदीप ने बताया कि जब तार टूटकर गिरा तो लाइन में करंट दौड़ रहा था। उसके आसपास कोई नहीं था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता है। निगम के अफसरों की यह लापरवाही तब देखने को मिल रही है, जब कांवड़ यात्रा में दुरुस्त व्यवस्था रखने के लिए खुद पश्चिमांचल के प्रबंध निदेशक रवीश गुप्ता जिले का दौरा कर रहे हैं। लगातार टीमों को गंभीरता से काम करने की हिदायत दी जा रही है। इस बारे में टीला मोड़ क्षेत्र के अधिशासी अभियंता हेमेंद्र सिंह ने बताया कि सूचना मिलने के बाद टीम को मौके पर भेजा गया था। तार पुराना होने और नमी की वजह से यह दिक्कत हुई। साढ़े तीन बजे तार को जोड़कर लाइन को चालू कराया गया।-दिनभर आती-जाती रही बिजली :
असालतनगर बिजलीघर से पोषित होने वाले इलाके में रात में बिजली दो बार गई। सवेरे बड़े फॉल्ट को ठीक करने में ऊर्जा निगम ने एक घंटे का समय लगा दिया। लोनी इलाके की छह कॉलोनियों में लोगों को छह से सात घंटे तक बिना बिजली के समय गुजारना पड़ा। मोदीननगर-मुरादनगर, मसूरी के देहात इलाके में रात में लोगों को बिजली ने ज्यादा परेशान किया। इसके अलावा शहर के सिद्धार्थ विहार, गोविंदपुरम, शास्त्रीनगर इलाके में बिजली दिन-रात में कम से कम पांच बार आई और गई। लोगों ने इसकी शिकायत भी दर्ज कराई। इस बारे में जोन एक के अधीक्षण अभियंता अनिल कुमार सिंह ने बताया कि नमी होने की वजह से फॉल्ट की समस्या बढ़ जाती है। इसी कारण बिजली आपूर्ति में थोड़ी दिक्कत मानसून के मौसम में बनती है।
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ग्रामीण प्रदीप ने बताया कि जब तार टूटकर गिरा तो लाइन में करंट दौड़ रहा था। उसके आसपास कोई नहीं था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता है। निगम के अफसरों की यह लापरवाही तब देखने को मिल रही है, जब कांवड़ यात्रा में दुरुस्त व्यवस्था रखने के लिए खुद पश्चिमांचल के प्रबंध निदेशक रवीश गुप्ता जिले का दौरा कर रहे हैं। लगातार टीमों को गंभीरता से काम करने की हिदायत दी जा रही है। इस बारे में टीला मोड़ क्षेत्र के अधिशासी अभियंता हेमेंद्र सिंह ने बताया कि सूचना मिलने के बाद टीम को मौके पर भेजा गया था। तार पुराना होने और नमी की वजह से यह दिक्कत हुई। साढ़े तीन बजे तार को जोड़कर लाइन को चालू कराया गया।-दिनभर आती-जाती रही बिजली :
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असालतनगर बिजलीघर से पोषित होने वाले इलाके में रात में बिजली दो बार गई। सवेरे बड़े फॉल्ट को ठीक करने में ऊर्जा निगम ने एक घंटे का समय लगा दिया। लोनी इलाके की छह कॉलोनियों में लोगों को छह से सात घंटे तक बिना बिजली के समय गुजारना पड़ा। मोदीननगर-मुरादनगर, मसूरी के देहात इलाके में रात में लोगों को बिजली ने ज्यादा परेशान किया। इसके अलावा शहर के सिद्धार्थ विहार, गोविंदपुरम, शास्त्रीनगर इलाके में बिजली दिन-रात में कम से कम पांच बार आई और गई। लोगों ने इसकी शिकायत भी दर्ज कराई। इस बारे में जोन एक के अधीक्षण अभियंता अनिल कुमार सिंह ने बताया कि नमी होने की वजह से फॉल्ट की समस्या बढ़ जाती है। इसी कारण बिजली आपूर्ति में थोड़ी दिक्कत मानसून के मौसम में बनती है।
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