बुलंदशहर। भीम वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने मेरठ से जाने से रोकने पर रोष जताया है। भीम वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट मदनपाल गौतम ने बताया कि वह कार्यकर्ताओं के साथ मेरठ के गांव युवती का अपहरण करने और उसकी मां की मौत पर परिजनों से मुलाकात करने जा रहे थे। इसका पता लगते ही पुलिस ने नगर के भूड़ रोड पर ही रोक लिया और उन्हें घर लेकर जाकर नजरबंद कर दिया। इससे कार्यकर्ताओं में रोष है।
उन्होंने कहा इस घटना ने प्रदेश सरकार की सुरक्षा को लेकर किए जा रहे दावों की पोल खोल दी है। मौजूदा सरकार में अनुसूचित जाति जनजाति की बहन बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। युवाओं में बुजुर्गों के साथ घटनाएं बढ़ रही हैं। हम इसका विरोध करते हैं। साथ ही सरकार से मांग की कपसाड गांव के सभी दोषियों को सरकार दो माह के अंदर फांसी की सजा दिलाए। पीड़ित परिवार को 25 करोड़ की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी व 25 बीघा भूमि का पट्टा दिया जाए।
इस मौके पर भीम वाहिनी के जिला अध्यक्ष ब्रजेश गौतम, इस्लामुद्दीन सैफी, जगदीश प्रधान, देशराज, पुरुषोत्तम, बॉबी प्रधान, सुनील प्रधान, आशुतोष गौतम, गौतम कुमार व श्याम सुंदर आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।