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Bulandshahar News: अब उज्ज्वला पर लगने लगा ग्रहण, तीन पर एफआईआर भी बेअसर
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एक एजेंसी पर सिलिंडर के इंतजार में खड़े लोग। संवाद
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बुलंदशहर। सामान्य गैस कनेक्शनों के साथ ही अब उज्ज्वला योजना के तहत मिलने वाली रसोई गैस की भी बड़े स्तर पर कालाबाजारी चल रही है। जिला पूर्ति विभाग अब तक तीन गैस एजेंसियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा चुका है, बावजूद कालाबाजारी का खेल चल है। डेढ़ से दो हजार रुपये में सिलिंडर दिए जा रहे हैं।
पिछले करीब एक पखवाड़े से कॉमर्शियल सिलिंडर की सप्लाई बाधित है। वहीं, रसोई गैस के लिए भी लोग भटक रहे हैं। कुछ एजेंसियों के हॉकर दो हजार रुपये में आसानी से सिलिंडर उपलब्ध करा रहे हैं। कुछ एजेंसियों ने कालाबाजारी का नया खेल शुरू कर दिया है। उज्ज्वला कनेक्शन के सिलिंडरों की कालाबाजारी की जा रही है। एजेंसी पर मिलीं देवी, रामवती और कलावती ने बताया कि उनके उज्ज्वला कनेक्शन हैं। पिछले एक वर्ष में दो से तीन बार ही सिलिंडर लिया है। अब सिलिंडर की जरूरत पड़ी तो एजेंसी के लोगों ने बताया कि सिलिंडर भेजा जा चुका है। महिलाओं ने सिलिंडर न मिलने पर नाराजगी जताई।
उपभोक्ता रविंद्र और प्रकाश ने बताया कि वह पिछले चार से पांच दिन से लगातार एजेंसी के चक्कर लगा रहे हैं। बावजूद इसके सिलिंडर नहीं मिल रहा। जब उन्होंने एजेंसी के हॉकर से बात की तो उसने खर्च करने पर सिलिंडर देने की बात कही।
यह खेल उन कनेक्शन वालों के साथ किया जा रहा है, जो कभी-कभार ही सिलिंडर भरवाते हैं। ऐसे उपभोक्ताओं की एजेंसी संचालकों को पता रहता है। इसी का वह फायदा उठाकर सिलिंडर की कालाबाजारी कर मोटी रकम ऐंठ रहे हैं। एजेंसी के गोदाम से दो हजार रुपये में आसानी से सिलिंडर मिल जाता है। अधिकतर एजेंसियों के हॉकर भी रास्ते में ही 1500 से दो हजार रुपये लेकर सिलिंडर उपलब्ध करा रहे हैं। जबकि एजेंसियों पर खड़े लोग लाइन में लगने के बाद भी बिना सिलिंडर लिए लौट रहे हैं। उपभोक्ताओं ने कालाबाजारी को रोकने और सिलिंडर उपलब्ध कराने की मांग की है।
सिलिंडर की आधी रह गई सप्लाई
जिले में 1035081 गैस कनेक्शन हैं। इनमें 6,49,975 घरेलू और 3,85,106 उज्ज्वला योजना के कनेक्शन शामिल हैं। आपूर्ति विभाग के अनुसार गैस की कमी से पहले जिले में रोजाना 40 से 45 हजार सिलिंडर की सप्लाई होती थी, लेकिन अब यह 20 से 22 हजार सिलिंडर तक रह गई है। 50 हजार से अधिक कनेक्शन ई-केवाईसी न कराने पर ब्लॉक हो गए हैं। इनको शुरू करवाने के लिए भी लोग एजेंसियों पर पहुंच रहे हैं।
केरोसीन से राहत देने की तैयारी
गैस की किल्लत के बीच पूर्ति विभाग लोगों कोे केरोसीन से राहत देने की तैयारी कर रहा है। छह साल बाद विभाग को अपने केरोसीन डीलरों की याद आई है। डीएसओ ने पूर्ति निरीक्षकों से डीलरों की पड़ताल कर उनके इंफ्रास्ट्रक्चर का मुआयना करने के निर्देश दिए हैं। यह देखा जा रहा है कि केरोसीन की खेप जिले में पहुंचने के बाद उसका वितरण किस ढंग से किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इस समय केरोसिन का एक ही लाइसेंस हैं, लेकिन वह भी संचालित नहीं हो रहा है। लाइसेंस संचालक से संपर्क किया गया है और इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। आगे शासन व विभाग से जो निर्देश प्राप्त होंगे, उसका पालन किया जाएगा।
कालाबाजारी करने वालों पर विभाग की ओर से लगातार नजर रखी जा रही है। कई लोग रडार पर हैं। जल्द ही इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - अभय सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी
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पिछले करीब एक पखवाड़े से कॉमर्शियल सिलिंडर की सप्लाई बाधित है। वहीं, रसोई गैस के लिए भी लोग भटक रहे हैं। कुछ एजेंसियों के हॉकर दो हजार रुपये में आसानी से सिलिंडर उपलब्ध करा रहे हैं। कुछ एजेंसियों ने कालाबाजारी का नया खेल शुरू कर दिया है। उज्ज्वला कनेक्शन के सिलिंडरों की कालाबाजारी की जा रही है। एजेंसी पर मिलीं देवी, रामवती और कलावती ने बताया कि उनके उज्ज्वला कनेक्शन हैं। पिछले एक वर्ष में दो से तीन बार ही सिलिंडर लिया है। अब सिलिंडर की जरूरत पड़ी तो एजेंसी के लोगों ने बताया कि सिलिंडर भेजा जा चुका है। महिलाओं ने सिलिंडर न मिलने पर नाराजगी जताई।
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उपभोक्ता रविंद्र और प्रकाश ने बताया कि वह पिछले चार से पांच दिन से लगातार एजेंसी के चक्कर लगा रहे हैं। बावजूद इसके सिलिंडर नहीं मिल रहा। जब उन्होंने एजेंसी के हॉकर से बात की तो उसने खर्च करने पर सिलिंडर देने की बात कही।
यह खेल उन कनेक्शन वालों के साथ किया जा रहा है, जो कभी-कभार ही सिलिंडर भरवाते हैं। ऐसे उपभोक्ताओं की एजेंसी संचालकों को पता रहता है। इसी का वह फायदा उठाकर सिलिंडर की कालाबाजारी कर मोटी रकम ऐंठ रहे हैं। एजेंसी के गोदाम से दो हजार रुपये में आसानी से सिलिंडर मिल जाता है। अधिकतर एजेंसियों के हॉकर भी रास्ते में ही 1500 से दो हजार रुपये लेकर सिलिंडर उपलब्ध करा रहे हैं। जबकि एजेंसियों पर खड़े लोग लाइन में लगने के बाद भी बिना सिलिंडर लिए लौट रहे हैं। उपभोक्ताओं ने कालाबाजारी को रोकने और सिलिंडर उपलब्ध कराने की मांग की है।
सिलिंडर की आधी रह गई सप्लाई
जिले में 1035081 गैस कनेक्शन हैं। इनमें 6,49,975 घरेलू और 3,85,106 उज्ज्वला योजना के कनेक्शन शामिल हैं। आपूर्ति विभाग के अनुसार गैस की कमी से पहले जिले में रोजाना 40 से 45 हजार सिलिंडर की सप्लाई होती थी, लेकिन अब यह 20 से 22 हजार सिलिंडर तक रह गई है। 50 हजार से अधिक कनेक्शन ई-केवाईसी न कराने पर ब्लॉक हो गए हैं। इनको शुरू करवाने के लिए भी लोग एजेंसियों पर पहुंच रहे हैं।
केरोसीन से राहत देने की तैयारी
गैस की किल्लत के बीच पूर्ति विभाग लोगों कोे केरोसीन से राहत देने की तैयारी कर रहा है। छह साल बाद विभाग को अपने केरोसीन डीलरों की याद आई है। डीएसओ ने पूर्ति निरीक्षकों से डीलरों की पड़ताल कर उनके इंफ्रास्ट्रक्चर का मुआयना करने के निर्देश दिए हैं। यह देखा जा रहा है कि केरोसीन की खेप जिले में पहुंचने के बाद उसका वितरण किस ढंग से किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इस समय केरोसिन का एक ही लाइसेंस हैं, लेकिन वह भी संचालित नहीं हो रहा है। लाइसेंस संचालक से संपर्क किया गया है और इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। आगे शासन व विभाग से जो निर्देश प्राप्त होंगे, उसका पालन किया जाएगा।
कालाबाजारी करने वालों पर विभाग की ओर से लगातार नजर रखी जा रही है। कई लोग रडार पर हैं। जल्द ही इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - अभय सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी