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Bulandshahar News: सड़कों पर हूटर और मॉडिफाइड साइलेंसर के खिलाफ अभियान, दो दिन में 121 चालान
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बुलंदशहर। सड़कों पर स्टंटबाजी और ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले वाहन स्वामियों के खिलाफ बुलंदशहर यातायात पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। यातायात पुलिस ने दो दिनों तक चेकिंग अभियान चलाकर मॉडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न और हूटर लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की। इस दौरान पुलिस ने 121 वाहनों के चालान काटकर सख्त संदेश दिया।
18 अप्रैल 2026 से 19 अप्रैल 2026 तक चले इस अभियान के आंकड़ों पर गौर करें तो यातायात पुलिस बेहद सक्रिय नजर आई। पुलिस के जारी आंकड़ों के अनुसार, इन दो दिनों के भीतर जिले के विभिन्न चौराहों और मुख्य मार्गों पर कुल 10,215 वाहनों को रोककर उनकी सघन चेकिंग की गई। पुलिस ने विशेष रूप से उन वाहनों को चिन्हित किया जिन्होंने शोर मचाने वाले यंत्रों का प्रयोग कर शांति व्यवस्था में खलल डाला था। ्र इस दौरान मॉडिफाइड साइलेंसर यानि पटाखा छोड़ने वाले और भारी आवाज करने वाले साइलेंसर लगे 43 वाहनों के चालान काटे गए। साथ ही प्रेशर हॉर्न, कानों को चुभने वाले प्रेशर हॉर्न का प्रयोग करने वाले 76 वाहन पुलिस की रडार पर आए। इसके अलावा अनाधिकृत रूप से हूटर का प्रयोग करने वाले 2 वाहनों पर भी सख्त कार्रवाई की गई। इन दो दिनों में कुल 121 वाहनों का चालान कर जुर्माना वसूला गया।
सीओ ट्रैफिक पूर्णिमा सिंह ने बताया कि शहर की सड़कों पर स्टंटबाजी और ध्वनि प्रदूषण को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि युवाओं द्वारा साइलेंसर मॉडिफाई कराकर तेज आवाज निकालना न केवल यातायात नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इससे आम जनता और बुजुर्गों को भी भारी असुविधा होती है। यह अभियान केवल दो दिनों के लिए सीमित नहीं है।
आने वाले समय में भी इस तरह के सरप्राइज चेकिंग अभियान जारी रहेंगे। यदि किसी वाहन में दोबारा इस तरह के उपकरण पाए गए, तो वाहन को सीज करने की कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। उन्होंने वाहन स्वामियों और अभिभावकों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और अपने वाहनों में किसी भी प्रकार के अवैध मॉडिफिकेशन न कराएं।
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18 अप्रैल 2026 से 19 अप्रैल 2026 तक चले इस अभियान के आंकड़ों पर गौर करें तो यातायात पुलिस बेहद सक्रिय नजर आई। पुलिस के जारी आंकड़ों के अनुसार, इन दो दिनों के भीतर जिले के विभिन्न चौराहों और मुख्य मार्गों पर कुल 10,215 वाहनों को रोककर उनकी सघन चेकिंग की गई। पुलिस ने विशेष रूप से उन वाहनों को चिन्हित किया जिन्होंने शोर मचाने वाले यंत्रों का प्रयोग कर शांति व्यवस्था में खलल डाला था। ्र इस दौरान मॉडिफाइड साइलेंसर यानि पटाखा छोड़ने वाले और भारी आवाज करने वाले साइलेंसर लगे 43 वाहनों के चालान काटे गए। साथ ही प्रेशर हॉर्न, कानों को चुभने वाले प्रेशर हॉर्न का प्रयोग करने वाले 76 वाहन पुलिस की रडार पर आए। इसके अलावा अनाधिकृत रूप से हूटर का प्रयोग करने वाले 2 वाहनों पर भी सख्त कार्रवाई की गई। इन दो दिनों में कुल 121 वाहनों का चालान कर जुर्माना वसूला गया।
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सीओ ट्रैफिक पूर्णिमा सिंह ने बताया कि शहर की सड़कों पर स्टंटबाजी और ध्वनि प्रदूषण को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि युवाओं द्वारा साइलेंसर मॉडिफाई कराकर तेज आवाज निकालना न केवल यातायात नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इससे आम जनता और बुजुर्गों को भी भारी असुविधा होती है। यह अभियान केवल दो दिनों के लिए सीमित नहीं है।
आने वाले समय में भी इस तरह के सरप्राइज चेकिंग अभियान जारी रहेंगे। यदि किसी वाहन में दोबारा इस तरह के उपकरण पाए गए, तो वाहन को सीज करने की कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। उन्होंने वाहन स्वामियों और अभिभावकों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और अपने वाहनों में किसी भी प्रकार के अवैध मॉडिफिकेशन न कराएं।

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