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Bulandshahar News: तत्कालीन कोतवाल, एसआई समेत सात पुलिसकर्मियों पर रिपोर्ट दर्ज
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सिकंदराबाद। तत्कालीन कोतवाली प्रभारी निरीक्षक नीरज मलिक, एसआई अरुण कुमार, पुलिसकर्मी योगेश तथा चार अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ युवक से मारपीट, एनकाउंटर की धमकी देकर छह लाख की वसूली करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोपियों के खिलाफ डीआईजी मेरठ जोन कलानिधि नैथानी के आदेश पर कार्रवाई की गई है।
सिकंदराबाद नगर के मोहल्ला रिसालदारान निवासी सलमान ने डीआईजी को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया था कि 30 अप्रैल 2026 की रात करीब 8.30 बजे गुलावठी टोल प्लाजा के पास से सिकंदराबाद पुलिस उसे उठाकर कोतवाली ले गई थी।
आरोप लगाया था कि कोतवाली में उससे पहले 20 लाख रुपये की मांग की गई और रुपये न देने पर एनडीपीएस एक्ट में फंसाने तथा पैर में गोली मारने की धमकी दी गई।
शिकायत में कहा गया कि पुलिसकर्मियों ने उसके साथ मारपीट करते हुए अभद्रता की और दबाव बनाकर परिजनों से छह लाख रुपये मंगवाकर तड़के करीब तीन बजे उसे छोड़ा गया। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के समय उसका भतीजा आदिल भी साथ था। उसके साथ भी मारपीट की गई।
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शिकायत में तत्कालीन कोतवाल नीरज मलिक, एसआई अरुण कुमार, पुलिसकर्मी योगेश तथा चार अन्य पुलिसकर्मियों को नामजद करते हुए कोतवाली और टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने की मांग की गई थी।
सीओ दीपक तिवारी ने बताया कि डीआईजी के आदेश पर शुक्रवार की रात तत्कालीन कोतवाल समेत सात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले की विवेचना की जा रही है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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सिकंदराबाद नगर के मोहल्ला रिसालदारान निवासी सलमान ने डीआईजी को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया था कि 30 अप्रैल 2026 की रात करीब 8.30 बजे गुलावठी टोल प्लाजा के पास से सिकंदराबाद पुलिस उसे उठाकर कोतवाली ले गई थी।
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आरोप लगाया था कि कोतवाली में उससे पहले 20 लाख रुपये की मांग की गई और रुपये न देने पर एनडीपीएस एक्ट में फंसाने तथा पैर में गोली मारने की धमकी दी गई।
शिकायत में कहा गया कि पुलिसकर्मियों ने उसके साथ मारपीट करते हुए अभद्रता की और दबाव बनाकर परिजनों से छह लाख रुपये मंगवाकर तड़के करीब तीन बजे उसे छोड़ा गया। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के समय उसका भतीजा आदिल भी साथ था। उसके साथ भी मारपीट की गई।
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शिकायत में तत्कालीन कोतवाल नीरज मलिक, एसआई अरुण कुमार, पुलिसकर्मी योगेश तथा चार अन्य पुलिसकर्मियों को नामजद करते हुए कोतवाली और टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने की मांग की गई थी।
सीओ दीपक तिवारी ने बताया कि डीआईजी के आदेश पर शुक्रवार की रात तत्कालीन कोतवाल समेत सात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले की विवेचना की जा रही है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।