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Bulandshahar News: बाल कल्याण समिति ने रुकवाया नाबालिग का निकाह, हंगामा
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औरंगाबाद। बाल कल्याण समिति की टीम ने रविवार दोपहर को नगर क्षेत्र में हो रहे नाबालिग के निकाह को रुकवा दिया। टीम के सदस्य नाबालिग लड़की को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गए। इस दौरान लड़की के परिजनों ने हंगामा किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत कराया। हालांकि, टीम के लौटने के घंटों बाद बरात पहुंची है।
नगर के एक मोहल्ला निवासी लड़की का रविवार को निकाह होना था। उसकी बारात भी नगर से ही आनी थी। बताया गया कि लड़की के किसी रिश्तेदार ने बाल कल्याण समिति को सूचना दी कि परिजन नाबालिग लड़की का जबरन निकाह करवा रहे हैं। इस सूचना पर दोपहर करीब एक बजे समिति के सदस्य दो गाड़ियों में सवार होकर स्थानीय पुलिस को साथ में लेकर औरंगाबाद स्थित बरात स्थल पर पहुंचे।
टीम के वहां पहुंचते ही मौके पर खलबली मच गई। टीम के सदस्यों ने लड़की के परिजनों से बालिग होने के प्रमाण के कागजात दिखाने को कहा। लेकिन, इस दौरान परिजन टीम को कोई लड़की के बालिग होने का प्रमाण नहीं दे सके। अफरातफरी के साथ मौके पर भीड़ जमा हो गई। टीम जब लड़की को अपने साथ ले जाने लगी तो परिजनों ने इसका विरोध किया। बाद में लड़की के परिजन अनूपशहर विधायक संजय शर्मा से मिले और उन्हें पूरे प्रकरण से अवगत कराया गया।
विधायक संजय शर्मा ने सीडब्लूसी अध्यक्ष से बात की। सीडब्लूसी की टीम के वहां से लौटते ही बराती आ गए। बारातियों ने दावत का लुत्फ उठाया। लेकिन, दूल्हे का कोई अता पता नहीं था। औरंगाबाद थाना प्रभारी का कहना है कि मामला संज्ञान में है। चौकी प्रभारी को मौके पर भेजा गया था। बरात आई नहीं थी। सीडब्लूसी की टीम बाल अवस्था में शादी न करने को लेकर नोटिस भेज रही है। बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष डॉक्टर अंशु बंसल का कहना है कि सूचना मिलने पर टीम ने पहुंचकर बाल विवाह को रुकवा दिया है। नोटिस जारी कर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।
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नगर के एक मोहल्ला निवासी लड़की का रविवार को निकाह होना था। उसकी बारात भी नगर से ही आनी थी। बताया गया कि लड़की के किसी रिश्तेदार ने बाल कल्याण समिति को सूचना दी कि परिजन नाबालिग लड़की का जबरन निकाह करवा रहे हैं। इस सूचना पर दोपहर करीब एक बजे समिति के सदस्य दो गाड़ियों में सवार होकर स्थानीय पुलिस को साथ में लेकर औरंगाबाद स्थित बरात स्थल पर पहुंचे।
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टीम के वहां पहुंचते ही मौके पर खलबली मच गई। टीम के सदस्यों ने लड़की के परिजनों से बालिग होने के प्रमाण के कागजात दिखाने को कहा। लेकिन, इस दौरान परिजन टीम को कोई लड़की के बालिग होने का प्रमाण नहीं दे सके। अफरातफरी के साथ मौके पर भीड़ जमा हो गई। टीम जब लड़की को अपने साथ ले जाने लगी तो परिजनों ने इसका विरोध किया। बाद में लड़की के परिजन अनूपशहर विधायक संजय शर्मा से मिले और उन्हें पूरे प्रकरण से अवगत कराया गया।
विधायक संजय शर्मा ने सीडब्लूसी अध्यक्ष से बात की। सीडब्लूसी की टीम के वहां से लौटते ही बराती आ गए। बारातियों ने दावत का लुत्फ उठाया। लेकिन, दूल्हे का कोई अता पता नहीं था। औरंगाबाद थाना प्रभारी का कहना है कि मामला संज्ञान में है। चौकी प्रभारी को मौके पर भेजा गया था। बरात आई नहीं थी। सीडब्लूसी की टीम बाल अवस्था में शादी न करने को लेकर नोटिस भेज रही है। बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष डॉक्टर अंशु बंसल का कहना है कि सूचना मिलने पर टीम ने पहुंचकर बाल विवाह को रुकवा दिया है। नोटिस जारी कर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।