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Bulandshahar News: विधानसभा घेराव को जा रहे कांग्रेसियों को पुलिस ने रोक कर किया नजरबंद
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छतारी में जिला अध्यक्ष कांग्रेस जिया उर्ररहमान को लखनऊ जाने से रोकते थाना प्रभारी व अन्य पुलिसक
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बुलंदशहर। लखनऊ में मंगलवार को प्रस्तावित कांग्रेस के विधानसभा घेराव में शामिल होने जा रहे कांग्रेसियों को पुलिस ने जाने से रोक लिया। जिलाध्यक्ष जियाउर्रहमान को एनएच–509 पर लखनऊ जाते समय हिरासत में ले लिया। पुलिस उन्हें दूसरे कार्यकर्ताओं के साथ उनके घर गांव नारऊ ले आई और नजरबंद कर दिया।
उनके साथ पूर्व जिलाध्यक्ष सुभाष गांधी, कॉर्डिनेटर राजकुमार पंडित, जिला सचिव कुंवर आदिल, सुरेंद्र उपाध्याय एवं भजनलाल विमल आदि शामिल रहे। जियाउर्रहमान ने कहा कि मजदूरों, गरीबों और आमजन के अधिकारों की आवाज को दबाने के लिए योगी सरकार कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लेकर नजरबंद कर रही है।
यह कार्रवाई पूरी तरह अलोकतांत्रिक है और संविधान प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है। कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष ठा. राकेश भाटी को भी अन्य कार्यकर्ताओं के साथ नगर की प्रीत विहार काॅलोनी स्थित आवास पर पुलिस ने नजरबंद कर लिया।
वहीं, दूसरे एनएसयूआई के अध्यक्ष सचिन वशिष्ठ को उनके निवास पर ही रोक दिया और नजरबंद कर लिया। सचिन वशिष्ठ ने कहा कि सरकार की तानाशाही चरम सीमा पर पहुंच चुकी है। लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और नागरिकों के सांविधानिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है। शांतिपूर्ण आंदोलन में जाने से रोकना लोकतंत्र की हत्या है। अनूपशहर में भी पुलिस ने प्रज्ञा गौड़ के आवास पर कांग्रेसी नेताओं को पुलिस ने नजर बंद कर लिया। इस कार्रवाई की कांग्रेसियों ने निंदा की है।
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उनके साथ पूर्व जिलाध्यक्ष सुभाष गांधी, कॉर्डिनेटर राजकुमार पंडित, जिला सचिव कुंवर आदिल, सुरेंद्र उपाध्याय एवं भजनलाल विमल आदि शामिल रहे। जियाउर्रहमान ने कहा कि मजदूरों, गरीबों और आमजन के अधिकारों की आवाज को दबाने के लिए योगी सरकार कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लेकर नजरबंद कर रही है।
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यह कार्रवाई पूरी तरह अलोकतांत्रिक है और संविधान प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है। कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष ठा. राकेश भाटी को भी अन्य कार्यकर्ताओं के साथ नगर की प्रीत विहार काॅलोनी स्थित आवास पर पुलिस ने नजरबंद कर लिया।
वहीं, दूसरे एनएसयूआई के अध्यक्ष सचिन वशिष्ठ को उनके निवास पर ही रोक दिया और नजरबंद कर लिया। सचिन वशिष्ठ ने कहा कि सरकार की तानाशाही चरम सीमा पर पहुंच चुकी है। लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और नागरिकों के सांविधानिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है। शांतिपूर्ण आंदोलन में जाने से रोकना लोकतंत्र की हत्या है। अनूपशहर में भी पुलिस ने प्रज्ञा गौड़ के आवास पर कांग्रेसी नेताओं को पुलिस ने नजर बंद कर लिया। इस कार्रवाई की कांग्रेसियों ने निंदा की है।