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Bulandshahar News: स्कंदमाता के आगे श्रद्धालुओं ने झुकाया शीश, मांगा आशीष
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खुर्जा के श्री नव दुर्गा शक्ति मंदिर में माता के दर्शन को लगी श्रद्धालुओं की लंबी कतार। संवाद
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बुलंदशहर/अहार/नरौरा। चैत्र नवरात्र के पांचवें दिन सोमवार को जिलेभर के देवी मंदिरों में मां दुर्गा के स्कंदमाता स्वरूप की आराधना की गई। इस दौरान हजारों की संख्या में पहुंचे भक्तों ने माता के समक्ष अपने सिर झुका कर सुख समृद्धि का आशीष मांगा। नगर से लेकर देहात तक घरों से लेकर मंदिर तक माता रानी के जयकारों की गूंज रही।
मंदिरों में श्रद्धालुओं के आने का क्रम सोमवार सुबह से शुरू होकर शाम तक जारी रहा। श्रद्धालुओं के भजन कीर्तन व माता रानी के जयघोष से मंदिरों का माहौल भक्तिमय में बना रहा। मंदिरों में पूरे परिवार के साथ माता का दर्शन करने आए लोगों ने इस दौरान देवी मंदिरों के आसपास लगने वाले मेले का भी जमकर लुत्फ लिया।
नगर के भवन मंदिर, साठा स्थित राज राजेश्वर मंदिर, अहार के अवंतिका देवी मंदिर और नरौरा के बैलोन भवानी मंदिर समेत जिलेभर के मंदिरों में नवरात्र के दिनों में चारों ओर भक्ति की बयार बह रही है।
वहीं, दूसरी ओर शाम होते ही मंदिर रंग बिरंगी लाइटों से जगमग हो जाती हैं। माता रानी के भव्य शृंगार के दर्शन के लिए भक्तों का तांता लग रहा है। मंदिर परिसर में चारों ओर भक्त ही भक्त नजर आ रहे है। साथ ही आरती में शामिल होने के बाद प्रसाद प्राप्त कर रहे हैं।
पं. कैलाश शर्मा ने बताया कि मंगलवार को नवरात्रि के छठे दिन माता दुर्गा के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा की जाती है। वे शक्ति और साहस का प्रतीक हैं। पौराणिक कथा के अनुसार, ऋषि कात्यायन की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर उन्होंने उनके घर जन्म लिया था, इसीलिए वे कात्यायनी कहलाईं। इन्हें गौरी, काली, उमा, और ईश्वरी के नाम से भी जाना जाता है।
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मंदिरों में श्रद्धालुओं के आने का क्रम सोमवार सुबह से शुरू होकर शाम तक जारी रहा। श्रद्धालुओं के भजन कीर्तन व माता रानी के जयघोष से मंदिरों का माहौल भक्तिमय में बना रहा। मंदिरों में पूरे परिवार के साथ माता का दर्शन करने आए लोगों ने इस दौरान देवी मंदिरों के आसपास लगने वाले मेले का भी जमकर लुत्फ लिया।
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नगर के भवन मंदिर, साठा स्थित राज राजेश्वर मंदिर, अहार के अवंतिका देवी मंदिर और नरौरा के बैलोन भवानी मंदिर समेत जिलेभर के मंदिरों में नवरात्र के दिनों में चारों ओर भक्ति की बयार बह रही है।
वहीं, दूसरी ओर शाम होते ही मंदिर रंग बिरंगी लाइटों से जगमग हो जाती हैं। माता रानी के भव्य शृंगार के दर्शन के लिए भक्तों का तांता लग रहा है। मंदिर परिसर में चारों ओर भक्त ही भक्त नजर आ रहे है। साथ ही आरती में शामिल होने के बाद प्रसाद प्राप्त कर रहे हैं।
पं. कैलाश शर्मा ने बताया कि मंगलवार को नवरात्रि के छठे दिन माता दुर्गा के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा की जाती है। वे शक्ति और साहस का प्रतीक हैं। पौराणिक कथा के अनुसार, ऋषि कात्यायन की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर उन्होंने उनके घर जन्म लिया था, इसीलिए वे कात्यायनी कहलाईं। इन्हें गौरी, काली, उमा, और ईश्वरी के नाम से भी जाना जाता है।

खुर्जा के श्री नव दुर्गा शक्ति मंदिर में माता के दर्शन को लगी श्रद्धालुओं की लंबी कतार। संवाद
