{"_id":"69c950ff4807bba8450b89fc","slug":"entrepreneurs-are-not-getting-the-benefit-of-exemption-on-use-of-solid-fuel-bulandshahr-news-c-133-1-bul1001-151071-2026-03-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bulandshahar News: ठोस ईधन के प्रयोग पर छूट का भी उद्यमियों को नहीं मिल रहा लाभ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bulandshahar News: ठोस ईधन के प्रयोग पर छूट का भी उद्यमियों को नहीं मिल रहा लाभ
विज्ञापन
विज्ञापन
बुलंदशहर। इस्राइल, अमेरिका, इरान युद्ध के कारण उत्पन्न हुए ऊर्जा संकट के दौरान औद्योगिक इकाइयों को एक माह के लिए ठोस ईधन का प्रयोग किए जाने की छूट के बाद भी उद्यमियों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। एलपीजी का प्रयोग करने वाली औद्योगिक इकाइयों पर बंदी का संकट छाने लगा है। वहीं, पीएनजी के पर्याप्त मात्रा में नहीं मिलने के कारण उत्पादन प्रभावित होने से लाभ प्रभावित हो रहा है।
जनपद में सिकंदराबाद और खुर्जा औद्योगिक क्षेत्र है। सिकंदराबाद औद्योगिक क्षेत्र में छोटी, बड़ी करीब 400 सौ औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं। वहीं, खुर्जा में भी करीब 400 पॉटरी इकाइयां चल रहीं हैं। जनपद के एनसीआर क्षेत्र में होने के कारण एनजीटी ने औद्योगिक इकाइयों में ठोस ईंधन पर प्रतिबंध लगा दिया था। जिसके बाद अधिकांश उद्यमियों खासकर एमएसएमई उद्यमियों ने बॉयलर को एलपीजी, पीएनजी के अनुसार परिवर्तित कर लिया था।
पश्चिम एशिया में युद्ध के चलते ऊर्जा संकट को देखते हुए सरकार ने उद्यमियों को एक माह के लिए ठोस ईंधन का प्रयोग करने की छूट दी थी। लेकिन बॉयलर के ठोस ईधन से संचालित नहीं होने के कारण उद्यमी ठोस ईधन का प्रयोग नहीं कर पा रहे हैं। अब उन्हें बॉयलर को ठोस ईधन से संचालित करने के लिए फिर से परिवर्तन कराना होगा, जिसपर काफी खर्च आएगा। एक माह की छूट और खर्च के कारण उद्यमी बॉयलर को परिवर्तित नहीं करा रहे हैं।
ऐसे में एलपीजी का प्रयोग करने वाली औद्योगिक इकाइयां बंदी की कगार पर पहुंच गई है। वहीं पीएनजी की आपूर्ति भी 80 प्रतिशत किए जाने के कारण पीएनजी का प्रयोग करने वाली इकाइयों का उत्पादन प्रभावित हो रहा है, जिससे उत्पादन लागत में वृद्धि होने के कारण उनका लाभ प्रभावित हो रहा है।
कोट...
ऊर्जा संकट के चलते सरकार ने एक माह के लिए ठोस ईधन का प्रयोग करने की छूट दी है। बॉयलर के एलपीजी, पीएनजी से संचालित होने के कारण उद्यमी ठोस ईधन का प्रयोग नहीं कर पा रहे हैं, जिससे उन्हें छूट का लाभ नहीं मिल पा रहा है। सिकंदराबाद औद्योगिक क्षेत्र में एलपीजी का प्रयोग करने वाली 20 से 25 इकाई बंद हो चुकी है। पीएनजी का प्रयोग करने वाली इकाइयों का उत्पादन भी प्रभावित हो रहा है। संदीप अग्रवाल, अध्यक्ष सिकंदराबाद इंडस्ट्रीज वेलफेयर सोसायटी
Trending Videos
जनपद में सिकंदराबाद और खुर्जा औद्योगिक क्षेत्र है। सिकंदराबाद औद्योगिक क्षेत्र में छोटी, बड़ी करीब 400 सौ औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं। वहीं, खुर्जा में भी करीब 400 पॉटरी इकाइयां चल रहीं हैं। जनपद के एनसीआर क्षेत्र में होने के कारण एनजीटी ने औद्योगिक इकाइयों में ठोस ईंधन पर प्रतिबंध लगा दिया था। जिसके बाद अधिकांश उद्यमियों खासकर एमएसएमई उद्यमियों ने बॉयलर को एलपीजी, पीएनजी के अनुसार परिवर्तित कर लिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
पश्चिम एशिया में युद्ध के चलते ऊर्जा संकट को देखते हुए सरकार ने उद्यमियों को एक माह के लिए ठोस ईंधन का प्रयोग करने की छूट दी थी। लेकिन बॉयलर के ठोस ईधन से संचालित नहीं होने के कारण उद्यमी ठोस ईधन का प्रयोग नहीं कर पा रहे हैं। अब उन्हें बॉयलर को ठोस ईधन से संचालित करने के लिए फिर से परिवर्तन कराना होगा, जिसपर काफी खर्च आएगा। एक माह की छूट और खर्च के कारण उद्यमी बॉयलर को परिवर्तित नहीं करा रहे हैं।
ऐसे में एलपीजी का प्रयोग करने वाली औद्योगिक इकाइयां बंदी की कगार पर पहुंच गई है। वहीं पीएनजी की आपूर्ति भी 80 प्रतिशत किए जाने के कारण पीएनजी का प्रयोग करने वाली इकाइयों का उत्पादन प्रभावित हो रहा है, जिससे उत्पादन लागत में वृद्धि होने के कारण उनका लाभ प्रभावित हो रहा है।
कोट...
ऊर्जा संकट के चलते सरकार ने एक माह के लिए ठोस ईधन का प्रयोग करने की छूट दी है। बॉयलर के एलपीजी, पीएनजी से संचालित होने के कारण उद्यमी ठोस ईधन का प्रयोग नहीं कर पा रहे हैं, जिससे उन्हें छूट का लाभ नहीं मिल पा रहा है। सिकंदराबाद औद्योगिक क्षेत्र में एलपीजी का प्रयोग करने वाली 20 से 25 इकाई बंद हो चुकी है। पीएनजी का प्रयोग करने वाली इकाइयों का उत्पादन भी प्रभावित हो रहा है। संदीप अग्रवाल, अध्यक्ष सिकंदराबाद इंडस्ट्रीज वेलफेयर सोसायटी