खुले नालों की अनदेखी पड़ी भारी: 24 घंटे बाद भी मासूम लापता, चार अफसर निलंबित; लापरवाही पर घिरा पूरा सिस्टम
बुलंदशहर में मंगलवार को खुले नाले में कक्षा चार की छात्रा के बह जाने के बाद शासन ने नगर पालिका के दो सफाई निरीक्षकों और दो जेई को निलंबित कर दिया। छात्रा की तलाश दूसरे दिन भी जारी है।
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मंगलवार को बारिश के दौरान खुले नाले में कक्षा चार की छात्रा के बह जाने की घटना के बाद शासन ने नगर पालिका के दो सफाई निरीक्षकों और दो जूनियर इंजीनियर (जेई) को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई जिलाधिकारी की संस्तुति पर की गई। हालांकि, घटना के 24 घंटे बाद हुई इस कार्रवाई ने नगर पालिका और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मंगलवार दोपहर करीब 12:30 बजे स्कूल से घर लौट रही छात्रा बारिश के दौरान खुले नाले में बह गई थी। घटना के बाद से छात्रा की तलाश लगातार जारी है। बुधवार को भी एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पीएसी फ्लड, पुलिस और नगर पालिका की संयुक्त टीमों ने दिनभर सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक छात्रा का पता नहीं चल सका।
सर्च ऑपरेशन के दौरान तेज बहाव, नाले में जमा कूड़ा और काली नदी में फैली जलकुंभी बड़ी बाधा बनी रही। पीएसी फ्लड की एक मोटर बोट तकनीकी कारणों से प्रभावी ढंग से काम नहीं कर सकी। वहीं, शाम करीब छह बजे काली नदी में जलकुंभी हटाने के लिए पोकलेन मशीन मंगानी पड़ी, ताकि तलाश अभियान को आगे बढ़ाया जा सके। इन परिस्थितियों ने यह भी उजागर किया कि आपदा जैसी स्थिति से निपटने के लिए स्थानीय स्तर पर पर्याप्त तैयारी नहीं थी।
चार अधिकारियों का निलंबन शासन की जवाबदेही तय करने की दिशा में एक कदम है, लेकिन इससे यह सवाल खत्म नहीं होता कि शहर के खुले नालों, जलभराव और सुरक्षा इंतजामों को लेकर पहले क्यों गंभीरता नहीं दिखाई गई। स्थानीय लोग लंबे समय से खुले नालों और बरसात के दौरान बढ़ते खतरे की ओर ध्यान दिलाते रहे हैं।
यदि समय रहते नालों की नियमित सफाई, सुरक्षा बैरिकेडिंग, ढक्कन लगाने और जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त किया गया होता, तो शायद इस तरह की घटना की आशंका कम की जा सकती थी। अब प्रशासन की प्राथमिकता छात्रा की तलाश और उसके परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराना है, वहीं शहर की जनता यह भी चाहती है कि इस घटना से सबक लेकर भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थायी और प्रभावी कदम उठाए जाएं।