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Bulandshahar News: अब नहीं लगना होगा लाइन में, गर्भवती महिलाएं घर बैठे करवा सकेंगी पंजीकरण
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जिला महिला चिकित्सालय में पंजीकरण को लगा बारकोड। संवाद
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बुलंदशहर। जिला महिला चिकित्सालय में आने वाली गर्भवती महिलाएं अब क्यूआर कोड के माध्यम से अपने मोबाइल से ही आनलाइन पंजीकरण करवा सकेंगी। इससे गर्भवतियों को लंबी लाइन में लगने से निजात मिलेगी। क्यूआर कोड से पंजीकरण कराने के बाद काउंटर से नंबर बताकर ओपीडी का तत्काल पर्चा ले सकेंगी। इसके लिए चिकित्सालय परिसर में जगह-जगह क्यूआर कोड चस्पा करा दिए हैं। वहीं, जल्द ही सभी चिकित्सकों के कक्ष में कंप्यूटर लगने पर पर्चा लेने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी।
जिला महिला चिकित्सालय में प्रतिदिन नगर समेत जिलेभर से 300 के करीब गर्भवती महिलाएं परामर्श व इलाज कराने के लिए आती है। परामर्श व इलाज से पूर्व गर्भवती महिलाओं को पंजीकरण काउंटर पर 30 से 50 मिनट तक लाइन में खड़ा होना पड़ता है। देर तक लाइन में खड़ा होने के चलते कई गर्भवती महिलाओं की तबियत और भी बिगड़ जाती है। इस परेशानी से गर्भवती को राहत देने के लिए चिकित्सालय परिसर को आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन से जोड़ने का कार्य शुरू कर दिया है। शुरुआत में पंजीकरण की सुविधा शुरू की गई है। इस व्यवस्था से सभी को राहत मिलेगी। गर्भवती क्यूआर कोड के जरिए घर बैठे ऑनलाइन पंजीकरण करा सकेगी। पंजीकरण कराने पर टोकन नंबर मिलेगा। जिसे पर्चा काउंटर पर बताने पर तत्काल पर्चा प्राप्त कर सकेगी। वहीं, जल्द ही सभी चिकित्सक, दवा व पैथोलॉजी लैब पर कम्प्यूटर लगने पर गर्भवती को सिर्फ नाम बताना होगा। इससे गर्भवती को सभी सुविधाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा।
पर्ची कटाने की प्रक्रिया को सरल और सुविधाजनक बनाने के लिए क्यूआर कोड की व्यवस्था शुरू की गई है। गर्भवती घर बैठे क्यूआर कोड को स्कैन कर पंजीकरण कर सकती हैं। जल्द ही डिजिटल रजिस्ट्रेशन के अन्य विकल्प भी दिए जाएंगे। - डॉ. अजय पटेल, सीएमएस जिला महिला चिकित्सालय
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जिला महिला चिकित्सालय में प्रतिदिन नगर समेत जिलेभर से 300 के करीब गर्भवती महिलाएं परामर्श व इलाज कराने के लिए आती है। परामर्श व इलाज से पूर्व गर्भवती महिलाओं को पंजीकरण काउंटर पर 30 से 50 मिनट तक लाइन में खड़ा होना पड़ता है। देर तक लाइन में खड़ा होने के चलते कई गर्भवती महिलाओं की तबियत और भी बिगड़ जाती है। इस परेशानी से गर्भवती को राहत देने के लिए चिकित्सालय परिसर को आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन से जोड़ने का कार्य शुरू कर दिया है। शुरुआत में पंजीकरण की सुविधा शुरू की गई है। इस व्यवस्था से सभी को राहत मिलेगी। गर्भवती क्यूआर कोड के जरिए घर बैठे ऑनलाइन पंजीकरण करा सकेगी। पंजीकरण कराने पर टोकन नंबर मिलेगा। जिसे पर्चा काउंटर पर बताने पर तत्काल पर्चा प्राप्त कर सकेगी। वहीं, जल्द ही सभी चिकित्सक, दवा व पैथोलॉजी लैब पर कम्प्यूटर लगने पर गर्भवती को सिर्फ नाम बताना होगा। इससे गर्भवती को सभी सुविधाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा।
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पर्ची कटाने की प्रक्रिया को सरल और सुविधाजनक बनाने के लिए क्यूआर कोड की व्यवस्था शुरू की गई है। गर्भवती घर बैठे क्यूआर कोड को स्कैन कर पंजीकरण कर सकती हैं। जल्द ही डिजिटल रजिस्ट्रेशन के अन्य विकल्प भी दिए जाएंगे। - डॉ. अजय पटेल, सीएमएस जिला महिला चिकित्सालय

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