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Bulandshahar News: ई-केवाईसी न कराने पर 50 हजार से अधिक गैस कनेक्शन ब्लॉक

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 19 Mar 2026 10:30 PM IST
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Over 50,000 gas connections blocked for not getting e-KYC done
एक गैस एजेंसी पर सिलिंडर लेने के लिए खड़े लोग। संवाद
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बुलंदशहर। गैस की कमी के बीच उपभोक्ताओं के सामने एक और बड़ी समस्या सामने आ गई है। केवाईसी न करवाने और छह माह से सिलिंडर न लेने पर जिले में 50 हजार गैस कनेक्शन ब्लॉक कर दिए गए हैं। इन उपभोक्ताओं की गैस बुकिंग नहीं हो रही है। नतीजतन, यह लोग गैस एजेंसियों के चक्कर लगाने के लिए मजबूर हैं। केंद्र सरकार ने एजेंसियों को घर पर आपूर्ति का स्पष्ट आदेश दिया है।
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जिले में इंडेन, एचपी और भारत गैस की लगभग 99 एजेंसियां हैं। इनके 10,35,081 उपभोक्ता हैं। इनमें उज्ज्वला योजना के 3,85,106 और घरेलू के ,6,49,975 कनेक्शन शामिल हैं। जिनके कनेक्शन ब्लॉक किए गए हैं, उनमें से अधिकांश ऐसे हैं, जिनकी केवाईसी नहीं हुई है। यही नहीं, इन उपभोक्ताओं ने छह माह से अधिक समय से सिलिंडर भी नहीं लिया है।
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पूरे जिले में निष्क्रिय कनेक्शनों की कुल संख्या 50 हजार से अधिक है। नगर की एक एजेंसी पर पहुंचे उपभोक्ता इंद्रपाल कौशिक, रविंद्र, सविता, सुनीता, प्रेमवती, रानी ने बताया कि उन्होंने यह सोच कर सिलिंडर लिया था कि चूल्हे से निजात मिल जाएगी। एक ओर जहां गैस की किल्लत चल रही है, इसी बीच उनके कनेक्शन ब्लॉक कर दिए गए। ऐसे में उन्हें सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। यदि सिलिंडर नहीं मिला तो भोजन बनना मुश्किल हो जाएगा।
गैस एजेंसी संचालकों ने बताया कि जिन उपभोक्ताओं के कनेक्शन ब्लॉक हुए हैं, अब वह चक्कर लगाने के लिए मजबूर हो रहे हैं। उन्हें किसी तरह समझाने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही उन्हें कनेक्शन को जारी रखने का तरीका भी बताया जा रहा है।
केवाईसी कराने के लिए उपभोक्ताओं को अपनी बुक और आधार कार्ड लेकर एजेंसी आना होगा। इससे संबंधित जानकारी लेने के लिए जिला पूर्ति विभाग से भी संपर्क किया जा सकता है। यदि ऐसे उपभोक्ता ने जल्द ही ईकेवाई नहीं कराई तो उनका कनेक्शन रद्द हो सकता है।

कनेक्शन ब्लाॅक होने के कारण

गैस एजेंसी संचालकों के अनुसार यदि किसी कनेक्शन पर 180 दिन यानी छह महीने तक गैस नहीं ली जाती है या फिर उसकी ग्राहक पहचान प्रक्रिया पूरी नहीं कराई जाती है तो उसका कनेक्शन अपने आप निष्क्रिय हो जाता है। यदि पांच साल तक गैस नहीं ली जाती है तो कनेक्शन पूरी तरह से रद्द हो जाता है। पूर्व में गैस की किल्लत न होने पर लोग बिना आरक्षण के भी एजेंसी विक्रेता से सिलिंडर ले लेते थे। अब इंटरनेट आधारित आरक्षण अनिवार्य होने पर लोगों को अपने कनेक्शन की याद आई है।


अब मांग पर मिलेंगे कॉमर्शियल सिलिंडर
बुलंदशहर। जिले में कॉमर्शिलय सिलिंडर की सप्लाई अभी तक बाधित चल रही है। वहीं, सरकार ने इसके लिए एक राहत दी है। अब मांग पर भी कॉमर्शियल सिलिंडर मिलेंगे। डीएसओ ने कंपनियों की मांग पर 1710 कॉमर्शियल सिलिंडर की डिमांड भेज दी है।
जिले में इस समय कॉमर्शियल सिलिंडर की कमी के चलते इसका असर होटल, रेस्तरां व ढाबों समेत अन्य कारोबारियों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। अब कमर्शियल गैस सिलिंडरों की 20 फीसदी आपूर्ति करने के सरकार के फैसले पर लोगों ने राहत की सांस ली है।
इस पर जिला पूर्ति अधिकारी से कारोबारियों ने 19 किलोग्राम के 500, 36 किलोग्राम के 650 और 422 किलोग्राम 400 सिलिंडर की मांग की है। वहीं, त्रिरुपति कांटेक्टर ने 19 किलोग्राम के 100 और एक और कंपनी ने अन्य ने 60 कॉमर्शिलय सिलिंडर की डिमांड की है। जिला पूर्ति अधिकारी अभय सिंह ने बताया कि इस डिमांड को कंपनियों को भेज दिया गया है। डिमांड करने वाले सिकंदराबाद औद्योगिक क्षेत्र से हैं। इनके कनेक्शन दादारी में हैं और अब गैस की कमी होने पर यहां पर डिमांड की है।

डिलीवरी नहीं होने पर उपभोक्ता ने की शिकायत, अभद्र व्यवहार का लगाया आरोप

नरौरा। नगर निवासी उपभोक्ता ने मुख्य बाजार में स्थित एक गैस एजेंसी पर समय से सिलिंडर की डिलीवरी न करने और अभद्रता करने का आरोप लगाते हुए ऑनलाइन शिकायत की है। नगर के भागीरथी एनक्लेव निवासी योगेंद्र पाल सिंह यादव ने ऑनलाइन की शिकायत में आरोप लगाया है कि वह नगर के मुख्य बाजार में स्थित एक गैस एजेंसी के उपभोक्ता हैं। गैस रिफिल बुक करा कर उन्होंने 18 मार्च को ऑनलाइन भुगतान भी कर दिया था। आरोप है कि कई दिन बीत जाने के बाद भी उन्हें गैस सिलिंडर की आपूर्ति नहीं की गई। जब उन्होंने एजेंसी से संपर्क किया, तो वहां के कर्मचारी एवं संचालक की ओर से उनके साथ उचित व्यवहार नहीं किया गया। उनके की ओर से ऑनलाइन भुगतान की राशि भी वापस नहीं की जा रही है। इसकी ऑनलाइन शिकायत खाद्य एवं रसद विभाग से कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
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