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Hapur News: युद्ध के बीच 20 फीसदी तक बढ़े प्लास्टिक उत्पादों के दाम
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हापुड़। ईरान, अमेरिका और इस्राइल के युद्ध के चलते पैदा हुए पेट्रोलियम संकट का असर व्यापार पर भी पड़ने लगा है। पेट्रोलियम से बने प्लास्टिक दाने की कीमत में बढ़ोतरी होने से प्लास्टिक उत्पादों के दाम 20 फीसदी तक बढ़ गए हैं। इससे लोगों की जेब पर महंगाई की मार पड़ने लगी है।
शहर के गोल मार्केट, कोठी गेट, चंडी रोड, रेलवे रोड सहित प्रमुख बाजारों में प्लास्टिक उत्पादों की दुकानें हैं। प्लास्टिक के उत्पादों की मेन्युफैक्चरिंग जिले नहीं नहीं होती है बल्कि दूसरे जिलों से खरीदकर बिक्री की जाती है। प्लास्टिक का दाना कच्चे तेल और नेचुरल गैस से बनने वाले नेफ्था और एथिलीन से तैयार होता है। कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित होने और महंगा होने की आशंका के चलते प्लास्टिक से बने उत्पादों के दाम बढ़े हैं। प्लास्टिक के उत्पादों की कीमत में 20 प्रतिशत तक का इजाफा हो गया है।
व्यापारियों का कहना है कि प्लास्टिक के दाने महंगे हो गए हैं। इसका सीधा असर प्लास्टिक के उत्पादों पर पड़ा है। प्लास्टिक के दानों से ही प्लास्टिक के उत्पादों का निर्माण होता है। प्लास्टिक उत्पादों के महंगे होने के कारण ग्राहकों को जेब ढीली करनी पड़ रही है। हर घर व कार्यालय में प्लास्टिक उत्पादों का इस्तेमाल होता है। इसके कारण लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ा है।
गोल मार्केट स्थित क्रोकरी सेंटर के स्वामी विशाल गांधी ने बताया कि प्लास्टिक उत्पादों का चीन, दुबई के साथ ही अन्य देश व राज्यों से होता है। युद्ध के चलते प्लास्टिक दाना महंगा होने से प्लास्टिक उत्पादों के दाम भी बढ़ हैं। डिनर सेट के दाम 2200 रुपये से बढ़कर 2600 रुपये, बाल्टी 250 रुपये से बढ़कर 300 रुपये, प्लास्टिक बोतल 150 से बढ़कर 180 रुपये पहुंच गए हैं। प्लास्टिक उत्पादों में 20 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है, जिससे बाजार में महंगाई के कारण ग्राहकों की संख्या भी कम हो गई है।
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शहर के गोल मार्केट, कोठी गेट, चंडी रोड, रेलवे रोड सहित प्रमुख बाजारों में प्लास्टिक उत्पादों की दुकानें हैं। प्लास्टिक के उत्पादों की मेन्युफैक्चरिंग जिले नहीं नहीं होती है बल्कि दूसरे जिलों से खरीदकर बिक्री की जाती है। प्लास्टिक का दाना कच्चे तेल और नेचुरल गैस से बनने वाले नेफ्था और एथिलीन से तैयार होता है। कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित होने और महंगा होने की आशंका के चलते प्लास्टिक से बने उत्पादों के दाम बढ़े हैं। प्लास्टिक के उत्पादों की कीमत में 20 प्रतिशत तक का इजाफा हो गया है।
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व्यापारियों का कहना है कि प्लास्टिक के दाने महंगे हो गए हैं। इसका सीधा असर प्लास्टिक के उत्पादों पर पड़ा है। प्लास्टिक के दानों से ही प्लास्टिक के उत्पादों का निर्माण होता है। प्लास्टिक उत्पादों के महंगे होने के कारण ग्राहकों को जेब ढीली करनी पड़ रही है। हर घर व कार्यालय में प्लास्टिक उत्पादों का इस्तेमाल होता है। इसके कारण लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ा है।
गोल मार्केट स्थित क्रोकरी सेंटर के स्वामी विशाल गांधी ने बताया कि प्लास्टिक उत्पादों का चीन, दुबई के साथ ही अन्य देश व राज्यों से होता है। युद्ध के चलते प्लास्टिक दाना महंगा होने से प्लास्टिक उत्पादों के दाम भी बढ़ हैं। डिनर सेट के दाम 2200 रुपये से बढ़कर 2600 रुपये, बाल्टी 250 रुपये से बढ़कर 300 रुपये, प्लास्टिक बोतल 150 से बढ़कर 180 रुपये पहुंच गए हैं। प्लास्टिक उत्पादों में 20 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है, जिससे बाजार में महंगाई के कारण ग्राहकों की संख्या भी कम हो गई है।