{"_id":"6988c372641f131a400e1a18","slug":"six-years-after-molestation-accused-found-guilty-bulandshahr-news-c-133-1-bul1007-148347-2026-02-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bulandshahar News: छह साल बाद छेड़छाड़ का आरोपी दोषी करार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bulandshahar News: छह साल बाद छेड़छाड़ का आरोपी दोषी करार
विज्ञापन
विज्ञापन
बुलंदशहर। अहमदगढ़ थाना क्षेत्र में करीब छह साल पहले एक नाबालिग के साथ हुई छेड़छाड़ के मामले में विशेष पाॅक्सो एक्ट अधिनियम की अदालत ने मामले में सुनवाई पूरी करते हुए आरोपी को दोषी करार दिया है। उसे तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 11 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि चार फरवरी 2020 को अहमदगढ़ थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने तहरीर देकर पुलिस को बताया था कि गांव के ही युवक कौशल ने उनकी नाबालिग पुत्री के साथ छेड़छाड़ की थी। विरोध करने पर आरोपी ने पीड़िता और उसके परिजनों को जान से मारने की धमकी भी दी थी।
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए छेड़छाड़ और पाॅक्सो एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए साक्ष्य जुटाए और घटना के महज 22 दिन बाद यानी 26 फरवरी 2020 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था।
मामला विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट ओमप्रकाश वर्मा तृतीय की अदालत में विचाराधीन था। शनिवार को मामले की अंतिम सुनवाई हुई। न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को आधार मानते हुए कौशल को दोषी पाया। अदालत ने उसे तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई और 11 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड की राशि जमा न करने पर दोषी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
-- -- -- -- --
खुर्जा के दो गैंगस्टर को दो-दो वर्ष की कैद
बुलंदशहर। एडीजे अष्टम की अदालत ने गैंगस्टर में दो आरोपियों को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने दोनों दोषियों को दो-दो वर्ष के कारावास और पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अभियोजक ने बताया कि दीपक उर्फ आलू और दीपू, निवासी मोहल्ला सराय रसरुल्ला खां खुर्जा नगर शातिर किस्म के अपराधी हैं। वर्ष 2023 में इन दोनों ने मिलकर एक गिरोह बना लिया था और लगातार आपराधिक वारदातों को अंजाम देकर अवैध धन अर्जित कर रहे थे। अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए 30 अक्टूबर 2023 को तत्कालीन थाना प्रभारी खुर्जा नगर ने दोनों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। विवेचना के बाद 13 जनवरी 2024 को पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। शनिवार को न्यायाधीश चंद विजय श्रीनेत्र ने गवाहों और सबूतों के आधार पर दीपक और दीपू को दोषी मानते हुए जेल भेज दिया।
Trending Videos
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि चार फरवरी 2020 को अहमदगढ़ थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने तहरीर देकर पुलिस को बताया था कि गांव के ही युवक कौशल ने उनकी नाबालिग पुत्री के साथ छेड़छाड़ की थी। विरोध करने पर आरोपी ने पीड़िता और उसके परिजनों को जान से मारने की धमकी भी दी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए छेड़छाड़ और पाॅक्सो एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए साक्ष्य जुटाए और घटना के महज 22 दिन बाद यानी 26 फरवरी 2020 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था।
मामला विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट ओमप्रकाश वर्मा तृतीय की अदालत में विचाराधीन था। शनिवार को मामले की अंतिम सुनवाई हुई। न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को आधार मानते हुए कौशल को दोषी पाया। अदालत ने उसे तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई और 11 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड की राशि जमा न करने पर दोषी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
खुर्जा के दो गैंगस्टर को दो-दो वर्ष की कैद
बुलंदशहर। एडीजे अष्टम की अदालत ने गैंगस्टर में दो आरोपियों को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने दोनों दोषियों को दो-दो वर्ष के कारावास और पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अभियोजक ने बताया कि दीपक उर्फ आलू और दीपू, निवासी मोहल्ला सराय रसरुल्ला खां खुर्जा नगर शातिर किस्म के अपराधी हैं। वर्ष 2023 में इन दोनों ने मिलकर एक गिरोह बना लिया था और लगातार आपराधिक वारदातों को अंजाम देकर अवैध धन अर्जित कर रहे थे। अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए 30 अक्टूबर 2023 को तत्कालीन थाना प्रभारी खुर्जा नगर ने दोनों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। विवेचना के बाद 13 जनवरी 2024 को पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। शनिवार को न्यायाधीश चंद विजय श्रीनेत्र ने गवाहों और सबूतों के आधार पर दीपक और दीपू को दोषी मानते हुए जेल भेज दिया।