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Bulandshahar News: जिले में खुलेगा पहला राजकीय संस्कृत विद्यालय, जमीन की तलाश शुरू
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बुलंदशहर। जिले को एक राजकीय संस्कृत विद्यालय की सौगात मिली है। इसके लिए नरौरा क्षेत्र के गांव बैलोन में तीन एकड़ जमीन की तलाश शुरू हो गई है। यह जिले में पहला राजकीय संस्कृत विद्यालय होगा। डीआईओएस के अनुसार जमीन चिन्हित होने और बजट मिलने के बाद इसका निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
जिला विद्यालय निरीक्षक विनय कुमार ने बताया कि पूजा-पाठ व कर्मकांड के साथ संस्कृत विषय में शिक्षण कार्य को प्रोत्साहित किया जाएगा। संस्कृत स्कूलों में घटती छात्र संख्या व विद्वान पंडित व आचार्यों की आवश्यकता को देखते हुए माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद ने पहल की है। वैसे टीकर माफी स्थित परमहंस संस्कृत महाविद्यालय में संस्कृत से जुड़े विभिन्न कोर्स पढ़ाए जा रहे हैं। संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद के बीते दिनों शासन को प्रस्ताव भेजकर राजकीय संस्कृत विद्यालय की स्थापना की बात कही थी। उन्होंने बताया कि राजकीय संस्कृत विद्यालय में उत्तर मध्यमा (12वीं) पास विद्यार्थी को प्रवेश मिलेगा।
खास बात यह है कि इन कक्षाओं में प्रवेश की कोई उम्र सीमा निर्धारित नहीं है। प्रवेश के बाद पुरोहित कर्मकांड, व्यावहारिक वास्तुशास्त्र, व्यावहारिक ज्योतिष व योग विज्ञान कोर्स में शिक्षित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त इन कोर्स के संचालन को मानक पूरी करने वाले संस्थानों का मान्यता भी प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस विद्यालय का निर्माण नरौरा क्षेत्र के गांव बैलोन में होगा। इसके लिए जमीन की तलाश शुरू हो गई है। जमीन मिलने के बाद इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। इसके बाद शासन विद्यालय निर्माण के लिए बजट जारी करेगा।
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जिला विद्यालय निरीक्षक विनय कुमार ने बताया कि पूजा-पाठ व कर्मकांड के साथ संस्कृत विषय में शिक्षण कार्य को प्रोत्साहित किया जाएगा। संस्कृत स्कूलों में घटती छात्र संख्या व विद्वान पंडित व आचार्यों की आवश्यकता को देखते हुए माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद ने पहल की है। वैसे टीकर माफी स्थित परमहंस संस्कृत महाविद्यालय में संस्कृत से जुड़े विभिन्न कोर्स पढ़ाए जा रहे हैं। संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद के बीते दिनों शासन को प्रस्ताव भेजकर राजकीय संस्कृत विद्यालय की स्थापना की बात कही थी। उन्होंने बताया कि राजकीय संस्कृत विद्यालय में उत्तर मध्यमा (12वीं) पास विद्यार्थी को प्रवेश मिलेगा।
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खास बात यह है कि इन कक्षाओं में प्रवेश की कोई उम्र सीमा निर्धारित नहीं है। प्रवेश के बाद पुरोहित कर्मकांड, व्यावहारिक वास्तुशास्त्र, व्यावहारिक ज्योतिष व योग विज्ञान कोर्स में शिक्षित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त इन कोर्स के संचालन को मानक पूरी करने वाले संस्थानों का मान्यता भी प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस विद्यालय का निर्माण नरौरा क्षेत्र के गांव बैलोन में होगा। इसके लिए जमीन की तलाश शुरू हो गई है। जमीन मिलने के बाद इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। इसके बाद शासन विद्यालय निर्माण के लिए बजट जारी करेगा।
