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Chandauli News: धान की नर्सरी में रोग से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी
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चंदौली। धान की नर्सरी में रोगों और कीटों के बढ़ते खतरे को देखते हुए जिला कृषि रक्षा अधिकारी विनोद कुमार यादव ने किसानों के लिए विस्तृत गाइडलाइन जारी की है।
उन्होंने किसानों से समय रहते रोग नियंत्रण के उपाय अपनाने की अपील करते हुए कहा कि उचित प्रबंधन से फसल को नुकसान से बचाया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि धान की नर्सरी में खैरा, सफेदा और झोंका रोग के साथ-साथ भूरे धब्बे की बीमारी तथा तना छेदक कीट का प्रकोप होने की संभावना रहती है।
इससे बचाव के लिए नर्सरी लगाने के 10 दिन के भीतर ट्राइकोडर्मा का एक छिड़काव अवश्य करें। वहीं बुवाई के 10 से 14 दिन बाद रोग एवं कीट नियंत्रण के लिए सुरक्षात्मक छिड़काव करना भी जरूरी है।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी के अनुसार, खैरा रोग की रोकथाम के लिए प्रति हेक्टेयर पांच किलोग्राम जिंक सल्फेट को 20 किलोग्राम यूरिया अथवा 2.5 किलोग्राम बुझे हुए चूने के साथ एक हजार लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें। संवाद
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उन्होंने किसानों से समय रहते रोग नियंत्रण के उपाय अपनाने की अपील करते हुए कहा कि उचित प्रबंधन से फसल को नुकसान से बचाया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि धान की नर्सरी में खैरा, सफेदा और झोंका रोग के साथ-साथ भूरे धब्बे की बीमारी तथा तना छेदक कीट का प्रकोप होने की संभावना रहती है।
इससे बचाव के लिए नर्सरी लगाने के 10 दिन के भीतर ट्राइकोडर्मा का एक छिड़काव अवश्य करें। वहीं बुवाई के 10 से 14 दिन बाद रोग एवं कीट नियंत्रण के लिए सुरक्षात्मक छिड़काव करना भी जरूरी है।
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जिला कृषि रक्षा अधिकारी के अनुसार, खैरा रोग की रोकथाम के लिए प्रति हेक्टेयर पांच किलोग्राम जिंक सल्फेट को 20 किलोग्राम यूरिया अथवा 2.5 किलोग्राम बुझे हुए चूने के साथ एक हजार लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें। संवाद
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