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Chandauli News: किसानों ने विंध्य एक्सप्रेस-वे के भूमि अधिग्रहण का किया विरोध
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विंध्य एक्सप्रेस-वे के लिए प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण की सूचना के बाद सोमवार को परेवा स्थित मां द
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सैयदराजा। विंध्य एक्सप्रेस-वे के लिए प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण की सूचना के बाद सोमवार को परेवा स्थित मां दुर्गा मंदिर परिसर में भूमि बचाओ संघर्ष समिति की आपातकालीन बैठक हुई।
बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष महेश्वर सिंह तथा संरक्षक सुमंत सिंह अन्ना ने की। बैठक में बड़ी संख्या में किसानों ने हिस्सा लिया और भूमि अधिग्रहण का विरोध जताया।
बैठक में किसानों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि वे अपनी उपजाऊ कृषि भूमि किसी भी कीमत पर परियोजना के लिए नहीं देंगे। किसानों का कहना था कि प्रस्तावित परियोजना से बड़ी संख्या में किसान भूमिहीन और बेघर हो जाएंगे।
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उनके सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। समिति के अध्यक्ष महेश्वर सिंह, संरक्षक सुमंत सिंह अन्ना और अशोक सिंह ने कहा कि सरकार को भूमि अधिग्रहण से पहले किसानों के हितों, उचित मुआवजे और पुनर्वास पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
बैठक में किसानों ने कर्मनाशा नदी के तटवर्ती क्षेत्रों में प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे को लेकर भी चिंता जताई। उनका कहना था कि ऊंची सड़क बनने से बाढ़ के समय जल निकासी बाधित हो सकती है, जिससे आसपास के गांवों में जन-धन की हानि की आशंका बढ़ जाएगी।
किसानों ने अपनी कृषि भूमि को “मां” की संज्ञा देते हुए कहा कि उसकी रक्षा के लिए वे हर स्तर पर संघर्ष करेंगे। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी की गई तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
बैठक में समरेंद्र बहादुर सिंह, विजय बहादुर सिंह, दीपक कुमार सिंह, सुमन सिंह, निखिल सिंह, गोलू यादव, अशोक सिंह, टिंकू सिंह, अमित सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
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बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष महेश्वर सिंह तथा संरक्षक सुमंत सिंह अन्ना ने की। बैठक में बड़ी संख्या में किसानों ने हिस्सा लिया और भूमि अधिग्रहण का विरोध जताया।
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बैठक में किसानों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि वे अपनी उपजाऊ कृषि भूमि किसी भी कीमत पर परियोजना के लिए नहीं देंगे। किसानों का कहना था कि प्रस्तावित परियोजना से बड़ी संख्या में किसान भूमिहीन और बेघर हो जाएंगे।
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उनके सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। समिति के अध्यक्ष महेश्वर सिंह, संरक्षक सुमंत सिंह अन्ना और अशोक सिंह ने कहा कि सरकार को भूमि अधिग्रहण से पहले किसानों के हितों, उचित मुआवजे और पुनर्वास पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
बैठक में किसानों ने कर्मनाशा नदी के तटवर्ती क्षेत्रों में प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे को लेकर भी चिंता जताई। उनका कहना था कि ऊंची सड़क बनने से बाढ़ के समय जल निकासी बाधित हो सकती है, जिससे आसपास के गांवों में जन-धन की हानि की आशंका बढ़ जाएगी।
किसानों ने अपनी कृषि भूमि को “मां” की संज्ञा देते हुए कहा कि उसकी रक्षा के लिए वे हर स्तर पर संघर्ष करेंगे। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी की गई तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
बैठक में समरेंद्र बहादुर सिंह, विजय बहादुर सिंह, दीपक कुमार सिंह, सुमन सिंह, निखिल सिंह, गोलू यादव, अशोक सिंह, टिंकू सिंह, अमित सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।