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Chandauli News: ई-पास व्यवस्था का रिटायर्ड रेलकर्मियों ने किया विरोध
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पीडीडीयू नगर। रिटायर्ड रेलवे इम्प्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन, डीडीयू की कार्यकारिणी की बैठक सोमवार को आयोजित हुई। बैठक में रेलवे के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए मैनुअल मानार्थ (कॉम्प्लिमेंट्री) पास के स्थान पर ई-पास जारी करने के आदेश का सदस्यों ने विरोध किया। साथ ही मंडल रेल अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं में व्याप्त अव्यवस्थाओं पर भी नाराजगी व्यक्त करते हुए शीघ्र सुधार की मांग की गई।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि अधिकांश सेवानिवृत्त रेलकर्मी अधिक पढ़े-लिखे नहीं हैं और एंड्रॉयड मोबाइल अथवा डिजिटल प्रणाली का उपयोग करने में सक्षम नहीं हैं। ऐसे में केवल ई-पास की व्यवस्था लागू होने से उन्हें अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
सदस्यों ने मांग की कि वर्ष 2022 की व्यवस्था के अनुसार मैनुअल मानार्थ पास जारी करने की सुविधा जारी रखी जाए।
सदस्यों ने मंडल रेल अस्पताल में मरीजों को हो रही परेशानियों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उनका आरोप था कि अस्पताल में रेफरल प्रक्रिया जटिल बना दी गई है, जिससे गंभीर मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है।
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रेफरल लेटर मिलने के बाद भी मरीजों को एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं कराई जा रही है और उन्हें निजी वाहन से अस्पताल जाना पड़ रहा है। सदस्यों ने अस्पताल प्रशासन पर मरीजों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि यदि व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो सेवानिवृत्त कर्मचारी आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
बैठक में एसोसिएशन के महामंत्री जयनाथ शर्मा ने बताया कि रेलवे बोर्ड ने सर्कुलर जारी किया है। इसके तहत ऐसे कर्मचारी, जिन्होंने अनुकंपा नियुक्ति के लिए 31 दिसंबर 2003 से पहले आवेदन किया था, लेकिन उनकी नियुक्ति एक जनवरी 2004 के बाद हुई और उन्हें नई पेंशन योजना (एनपीएस) में शामिल कर दिया गया था, अब उन्हें पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) में शामिल किए जाने का प्रावधान किया गया है। संवाद
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बैठक में वक्ताओं ने कहा कि अधिकांश सेवानिवृत्त रेलकर्मी अधिक पढ़े-लिखे नहीं हैं और एंड्रॉयड मोबाइल अथवा डिजिटल प्रणाली का उपयोग करने में सक्षम नहीं हैं। ऐसे में केवल ई-पास की व्यवस्था लागू होने से उन्हें अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
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सदस्यों ने मांग की कि वर्ष 2022 की व्यवस्था के अनुसार मैनुअल मानार्थ पास जारी करने की सुविधा जारी रखी जाए।
सदस्यों ने मंडल रेल अस्पताल में मरीजों को हो रही परेशानियों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उनका आरोप था कि अस्पताल में रेफरल प्रक्रिया जटिल बना दी गई है, जिससे गंभीर मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है।
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रेफरल लेटर मिलने के बाद भी मरीजों को एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं कराई जा रही है और उन्हें निजी वाहन से अस्पताल जाना पड़ रहा है। सदस्यों ने अस्पताल प्रशासन पर मरीजों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि यदि व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो सेवानिवृत्त कर्मचारी आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
बैठक में एसोसिएशन के महामंत्री जयनाथ शर्मा ने बताया कि रेलवे बोर्ड ने सर्कुलर जारी किया है। इसके तहत ऐसे कर्मचारी, जिन्होंने अनुकंपा नियुक्ति के लिए 31 दिसंबर 2003 से पहले आवेदन किया था, लेकिन उनकी नियुक्ति एक जनवरी 2004 के बाद हुई और उन्हें नई पेंशन योजना (एनपीएस) में शामिल कर दिया गया था, अब उन्हें पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) में शामिल किए जाने का प्रावधान किया गया है। संवाद