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Chandauli News: डीह बाबा का हुआ शृंगार, शहीद बाबा की चादरपोशी कर मांगीं दुआएं
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दुलहीपुर। क्षेत्र के भुजहुंवा गांव में कौमी एकता और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक माने जाने वाले डीह बाबा और शहीद बाबा का वार्षिक श्रंगार और चादरपोशी विधि-विधान से की गई। पहले डीह बाबा का श्रंगार किया गया।
भक्तों ने विधि-विधान से बाबा की पूजा कर माथा टेका। वहीं गाजे-बाजे के साथ शहीद बाबा की चादरपोशी कर अकीदतमंदों ने दुआएं मांगीं। इस मौके पर आयोजित भंडारे में सैकड़ों भक्तों ने जयकारे के बीच प्रसाद ग्रहण किया। डीह बाबा के वार्षिक श्रंगार की तैयारियां पहले से चल रही थी। रविवार की सुबह से पूजा अर्चना का सिलसिला शुरू हो गया। इसमें आसपास के विभिन्न गांवों से श्रद्धालुओं ने प्रतिभाग किया। बाबा के श्रंगार के बाद आरती उतारी गई और इसके बाद प्रसाद वितरण की शुरुआत हुई। भंडारे में भक्तों ने जयकारे के बीच प्रसाद ग्रहण किया।
दूसरी तरफ पूरी अकीदत के साथ शहीद बाबा की चादरपोशी की गई। इस मौके पर रात में भजन कीर्तन के बाद कव्वाली सुनने को लोग जुटे। आयोजन समिति के अध्यक्ष सुनील कुमार यादव ने बताया कि कई वर्षों से डीह बाबा और शहीद बाबा का वार्षिक शृंगार एक ही दिन और संयुक्त रूप से आयोजित किया जाता है।
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दिन में कव्वाली और शाम से देर रात तक भजन-जनजागरण की परंपरा इस आयोजन की विशेष पहचान है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक समरसता और कौमी एकता का संदेश भी देता है।
सांस्कृतिक संध्या में कलाकारों ने बम-बम बोल रहा है काशी, डीह बाबा के चरणों में शीश नवाते हैं सहित कई भक्ति गीत प्रस्तुत किए। वहीं ख्वाजा की शान में पेश की गई कव्वालियों ने भी लोगों का मन मोह लिया।
पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे की व्यवस्था रही, जिसमें हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
इस अवसर पर प्रमोद चौहान, विनोद पटेल, सुरेश पटेल, नवनीत तिवारी, अमन यादव, वीरेंद्र प्रजापति, धीरज यादव, पिंटू यादव, सुरेंद्र पटेल, संजय यादव, रामधनी प्रसाद, श्यामलाल, मनोज यादव, चंद्रशेखर चौहान, दिवाकर यादव, सत्यम यादव, विशाल पटेल, संजय पाल, काजू पाल आदि उपस्थित रहे।
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भक्तों ने विधि-विधान से बाबा की पूजा कर माथा टेका। वहीं गाजे-बाजे के साथ शहीद बाबा की चादरपोशी कर अकीदतमंदों ने दुआएं मांगीं। इस मौके पर आयोजित भंडारे में सैकड़ों भक्तों ने जयकारे के बीच प्रसाद ग्रहण किया। डीह बाबा के वार्षिक श्रंगार की तैयारियां पहले से चल रही थी। रविवार की सुबह से पूजा अर्चना का सिलसिला शुरू हो गया। इसमें आसपास के विभिन्न गांवों से श्रद्धालुओं ने प्रतिभाग किया। बाबा के श्रंगार के बाद आरती उतारी गई और इसके बाद प्रसाद वितरण की शुरुआत हुई। भंडारे में भक्तों ने जयकारे के बीच प्रसाद ग्रहण किया।
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दूसरी तरफ पूरी अकीदत के साथ शहीद बाबा की चादरपोशी की गई। इस मौके पर रात में भजन कीर्तन के बाद कव्वाली सुनने को लोग जुटे। आयोजन समिति के अध्यक्ष सुनील कुमार यादव ने बताया कि कई वर्षों से डीह बाबा और शहीद बाबा का वार्षिक शृंगार एक ही दिन और संयुक्त रूप से आयोजित किया जाता है।
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दिन में कव्वाली और शाम से देर रात तक भजन-जनजागरण की परंपरा इस आयोजन की विशेष पहचान है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक समरसता और कौमी एकता का संदेश भी देता है।
सांस्कृतिक संध्या में कलाकारों ने बम-बम बोल रहा है काशी, डीह बाबा के चरणों में शीश नवाते हैं सहित कई भक्ति गीत प्रस्तुत किए। वहीं ख्वाजा की शान में पेश की गई कव्वालियों ने भी लोगों का मन मोह लिया।
पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे की व्यवस्था रही, जिसमें हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
इस अवसर पर प्रमोद चौहान, विनोद पटेल, सुरेश पटेल, नवनीत तिवारी, अमन यादव, वीरेंद्र प्रजापति, धीरज यादव, पिंटू यादव, सुरेंद्र पटेल, संजय यादव, रामधनी प्रसाद, श्यामलाल, मनोज यादव, चंद्रशेखर चौहान, दिवाकर यादव, सत्यम यादव, विशाल पटेल, संजय पाल, काजू पाल आदि उपस्थित रहे।