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UP: बच्चे को अचेत कर उठाते फिर ऊंचे दाम पर बेचते हैं, बच्चा चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश; चार गिरफ्तार

अमर उजाला नेटवर्क, चंदौली। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Fri, 13 Feb 2026 05:41 AM IST
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सार

Chandauli News: बच्चा चोर गिरोह के सदस्यों ने बताया कि नशीला पदार्थ खिलाकर बच्चे को अचेत कर देते हैं। उसके बाद बच्चे को लेकर भाग जाते हैं। बच्चे को ऊंचे दाम पर नर्सिंग होम में बेच देते थे। 

Child-kidnapping gang busted four arrested after knocking children unconscious and selling high prices
आरोपियों की जानकारी देती पुलिस। - फोटो : संवाद
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विस्तार

Chandauli News: रेलवे स्टेशन से मंगलवार की रात 12 वर्षीय बालक के चोरी होने की घटना के 24 घंटे के भीतर जीआरपी, आरपीएफ की संयुक्त टीम ने बच्चे को बरामद कर लिया। यही नहीं बच्चा चुराने वाले गिरोह के 04 सदस्यों को भी गिरफ्तार किया। 

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जीआरपी बच्चा चोर गिरोह के सदस्यों का चालान कर आगे की कार्रवाई में जुटी है। जीआरपी निरीक्षक सुनील कुमार सिंह ने बताया कि रेलवे स्टेशन से बच्चा चोरी की सूचना पर आरपीएफ, सीआईबी, रेलवे चाइल्ड लाइन और बचपन बचाओ आंदोलन के साथ संयुक्त टीम गठित की। टीम के सदस्यों ने खोजबीन शुरू की। 
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बुधवार की शाम 5 बजे डीएफसीसी लाइन पर चार संदिग्ध व्यक्ति एक बालक के साथ दिखे। उन्हें पकड़ कर जीआरपी लाया गया। यहां बच्चे की पहचान गायब बालक दिव्यांशु के रूप में हुई। पूछताछ में पकडे गए चारों ने अपना नाम क्रमश: जितेंद्र कुमार निवासी गोह, औरंगाबाद, पवन प्रसाद रोहतास, मनीष कुमार शर्मा निवासी वार्ड संख्या 14 डुमरांव, बक्सर और मधु कुमारी निवासी चरपोखरी, आरा बिहार बताया। 

निरीक्षक ने बताया कि पकड़े गए बदमाशों ने बताया कि हम लोग आरा जिला में किराए के अलग अलग मकान में रहते हैं। संगठित होकर बच्चा चोरी करते हैं। बताया कि चोरी का बच्चे को मुजफ्फरपुर बिहार लेकर जाते है। यहां मंशा नर्सिंग होम में काम करने वाले मालिक नसीम नामक व्यक्ति व खुशबू नाम की महिला को एक लाख रुपये लेकर बेच देते है। 

हम सब इससे पहले भी 7-8 बार बच्चो को चोरी करके नसीम नाम के व्यक्ति को बेच चुके हैं। बदमाशों क पास से दूध पिलाने वाला प्लास्टिक का बेबी निप्पल बोतल दूध से भरा हुआ। छोटे बच्चे का नया डायपर, ऊनी टोपी, एक जोड़ी नया कपड़ा, नशीली दवाई आदि बरामद हुआ। निरीक्षक ने बताया कि चारों का चालान कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

जितना छोटा बच्चा, उतना अधिक पैसा
रेलवे स्टेशन और ट्रेन बच्चे की चोरी के लिए सबसे सेफ जगह लगता है। यही कारण है कि बच्चा चोर गिरोह यहां सक्रिय है। पकड़े गए चोरों के अनुसार चोरी का बच्चा खरीदने वालों की कमी नहीं है। जितना छोटा बच्चा रहता है, उतना ही अधिक पैसे मिलते हैं। दो से चार माह के बच्चे के लाखों रुपये मिलते हैं। बच्चा चोरी करने के तरीके के बारे बताया कि स्टेशन, ट्रेन या जहां कहीं भी मौका मिल जाए बच्चा चोरी कर उसे नया कपड़ा पहना कर नशीली दवा मिली दूध पिलाकर उसे अचेत कर देते हैं। बच्चे को महिला अपने गोद में रखती है ताकि किसी को शक न हो।

पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से तीन वर्षों में चोरी हुए चार बच्चे, दो मिले, दो लापता
हावड़ा दिल्ली रूट पर अति व्यस्त पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर बच्चा चोर गिरोह पिछले पांच वर्षों से सक्रिय है। यही कारण है कि अक्सर यहां से बच्चा चोरी हो जाता है। पिछले तीन वर्षों से चार मासूम यहां से अपहृत हो चुके हैं। इसमें जीआरपी, आरपीएफ की टीम दो बच्चे को ढूंढ पाई है। दो बच्चे का आज तक पता नहीं चला।

पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर बच्चा चोरी का सबसे पहला मामला 29 अगस्त की रात हुई। पं. दीनदयाल उपाध्याय के सर्कुलेटिंग एरिया में नए रिजर्वेशन भवन के समीप से भोर में मां के साथ सोए नौ माह के बच्चे प्रिंस की चोरी हो गई थी। मांग कर खाने वाली महिला का बच्चा चोरी की घटना पीडीडीयू जंक्शन पर पहली बार हुई थी। 

पुलिस ने की कार्रवाई

इसके बाद जीआरपी सक्रिय हुई और खोजबीन शुरू की। इस घटना की जांच पड़ताल हो रही थी कि एक सप्ताह के भीतर 03 सितंबर 2023 को पीडीडीयू जंक्शन के यात्री हाल से दो वर्षीय मासूम गायब हो गया। बिहार के औरंगाबाद जिले के जमालपुर निवासी नवीन सिंह की पत्नी रीना सिंह अपने दो वर्षीय बेटे समर को लेकर किसी काम से ट्रेन से पीडीडीयू जंक्शन पर आई थी। वह स्टेशन के यात्री हाल में बैठी थी। समर वहीं पर खेल रहा था।

रीना का ध्यान बेटे से हटा और इसी बीच किसी वह गायब हो गया। सीसीटीवी में बच्चे को ले जाती हुई एक महिला दिख गई। ऐसे में तीसरे दिन आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम ने चंदौली मझवार स्टैशन के पास से एक महिला को गिरफ्तार कर उसके पास से दो वर्षीय मासूम को बरामद कर लिया। गिरफ्तार सविता निवासी औरंगाबाद बिहार का चालान किया गया और मासूम को उसके मां बाप के हवाले किया गया लेकिन गायब प्रिंस का पता नहीं चला। 

इस घटना के नौ माह बाद 22 जून 2024 को पीडीडीयू जंक्शन के प्लेटफार्म संख्या 05 से छह माह का मासूम अनन्या गायब हो गई। सोनाव थाना बेलाव, जिला कैमूर बिहार निवासी अजय कुमार अपने पत्नी ज्येाति कुमारी के साथ हैदराबाद जाने के लिए पीडीडीयू जंक्शन पर पहुंचे थे। इस मामले में आज तक जीआरपी के हाथ खाली है।

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