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Chandauli News: किसानों ने अमड़ा उपकेंद्र पर जड़ा ताला
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कंदवा के अमड़ा बिजली उपकेंद्र पर किसानों को समझाते अधीक्षण अभियंता जसमीर सिंह। संवाद
- फोटो : Archive
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लो वोल्टेज और अनियमित विद्युत आपूर्ति से आक्रोशित किसानों ने बृहस्पतिवार की सुबह अमड़ा विद्युत उपकेंद्र पर ताला बंद कर दिया।
किसान अधिकारियों को मौके पर बुलाने और समस्या के स्थायी समाधान की मांग करते हुए धरना पर बैठ गए। करीब दो घंटे बाद मौके पर पहुंचे अधिकारियों के आश्वासन पर किसानों ने ताला खोला, जिसके बाद बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। अमड़ा विद्युत उपकेंद्र से संचालित 10 फीडरों के माध्यम से लगभग 100 गांवों, 70 राजकीय नलकूपों, सैकड़ों निजी नलकूपों तथा कई राइस मिलों को बिजली आपूर्ति की जाती है।
किसानों का आरोप है कि पिछले 15 दिनों से क्षेत्र में अनियमित विद्युत आपूर्ति और लो वोल्टेज की समस्या बनी हुई है। इसके चलते धान की रोपाई और सिंचाई प्रभावित हो रही है तथा सबमर्सिबल पंप नहीं चल पा रहे हैं।
वहीं भीषण उमस के चलते घरों में रहना भी मुश्किल हो गया है। इससे नाराज होकर उपकेंद्र पहुंचे किसानों ने बिजली आपूर्ति बंद कर मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया और धरने पर बैठ गए।
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सूचना मिलने पर वाराणसी जोन के मुख्य अभियंता (द्वितीय) प्रवेश कुमार, अधीक्षण अभियंता जसमीर सिंह और अधिशासी अभियंता सकलडीहा नरेश कुमार मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों से वार्ता कर दो दिनों के भीतर समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया।
इसके बाद किसानों ने आंदोलन समाप्त कर ताला खोल दिया और बिजली आपूर्ति बहाल हुई। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि दो दिनों के भीतर लो वोल्टेज और अनियमित विद्युत आपूर्ति की समस्या दूर नहीं हुई तो वे दोबारा उपकेंद्र पर तालाबंदी की जाएगी।
वहीं, उपकेंद्र पर किसानों के धरने की जानकारी पाकर सीओ सदर देवेंद्र कुमार कंदवा, सकलडीहा और सैयदराजा पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। मुख्य अभियंता द्वितीय और अधीक्षण अभियंता ने कहा किसानों की समस्या सुनी गई है। दो दिनों के भीतर तकनीकी खामियों को दूर कर विद्युत आपूर्ति में सुधार कराया जाएगा।
वहीं, अधिशासी अभियंता ने बताया कि उपकेंद्र पर ओवरलोड और तकनीकी कारणों से समस्या उत्पन्न हुई है। जल्द ही लो वोल्टेज और कम आपूर्ति की समस्या का स्थायी समाधान कराया जाएगा।
रविकांत पांडेय, कम्हरिया ने कहा कि पिछले 15 दिनों से क्षेत्र में लो वोल्टेज और अनियमित बिजली आपूर्ति से किसान परेशान हैं। धान की रोपाई के समय सिंचाई नहीं हो पा रही है। व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो फिर से तालाबंदी की जाएगी। रतन सिंह ने कहा कि बिजली का वोल्टेज इतना कम रहता है कि सबमर्सिबल पंप नहीं चल पाते। कई किसानों के स्टार्टर और मोटर खराब हो गए हैं। बिजली की गड़बड़ी से धान की खेती पूरी तरह प्रभावित हो रही है। - सिकठा। देवेंद्र राय, पई ने कहा कि अमड़ा उपकेंद्र से जुड़े करीब 100 गांवों के किसान लो वोल्टेज और मनमानी कटौती की समस्या से जूझ रहे हैं। शिकायत के बावजूद स्थायी समाधान नहीं किया गया, इसलिए आंदोलन करना पड़ा। -
धान की सिंचाई के लिए इस समय नियमित और पर्याप्त बिजली की सख्त जरूरत है।
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किसान अधिकारियों को मौके पर बुलाने और समस्या के स्थायी समाधान की मांग करते हुए धरना पर बैठ गए। करीब दो घंटे बाद मौके पर पहुंचे अधिकारियों के आश्वासन पर किसानों ने ताला खोला, जिसके बाद बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। अमड़ा विद्युत उपकेंद्र से संचालित 10 फीडरों के माध्यम से लगभग 100 गांवों, 70 राजकीय नलकूपों, सैकड़ों निजी नलकूपों तथा कई राइस मिलों को बिजली आपूर्ति की जाती है।
किसानों का आरोप है कि पिछले 15 दिनों से क्षेत्र में अनियमित विद्युत आपूर्ति और लो वोल्टेज की समस्या बनी हुई है। इसके चलते धान की रोपाई और सिंचाई प्रभावित हो रही है तथा सबमर्सिबल पंप नहीं चल पा रहे हैं।
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वहीं भीषण उमस के चलते घरों में रहना भी मुश्किल हो गया है। इससे नाराज होकर उपकेंद्र पहुंचे किसानों ने बिजली आपूर्ति बंद कर मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया और धरने पर बैठ गए।
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सूचना मिलने पर वाराणसी जोन के मुख्य अभियंता (द्वितीय) प्रवेश कुमार, अधीक्षण अभियंता जसमीर सिंह और अधिशासी अभियंता सकलडीहा नरेश कुमार मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों से वार्ता कर दो दिनों के भीतर समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया।
इसके बाद किसानों ने आंदोलन समाप्त कर ताला खोल दिया और बिजली आपूर्ति बहाल हुई। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि दो दिनों के भीतर लो वोल्टेज और अनियमित विद्युत आपूर्ति की समस्या दूर नहीं हुई तो वे दोबारा उपकेंद्र पर तालाबंदी की जाएगी।
वहीं, उपकेंद्र पर किसानों के धरने की जानकारी पाकर सीओ सदर देवेंद्र कुमार कंदवा, सकलडीहा और सैयदराजा पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। मुख्य अभियंता द्वितीय और अधीक्षण अभियंता ने कहा किसानों की समस्या सुनी गई है। दो दिनों के भीतर तकनीकी खामियों को दूर कर विद्युत आपूर्ति में सुधार कराया जाएगा।
वहीं, अधिशासी अभियंता ने बताया कि उपकेंद्र पर ओवरलोड और तकनीकी कारणों से समस्या उत्पन्न हुई है। जल्द ही लो वोल्टेज और कम आपूर्ति की समस्या का स्थायी समाधान कराया जाएगा।
रविकांत पांडेय, कम्हरिया ने कहा कि पिछले 15 दिनों से क्षेत्र में लो वोल्टेज और अनियमित बिजली आपूर्ति से किसान परेशान हैं। धान की रोपाई के समय सिंचाई नहीं हो पा रही है। व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो फिर से तालाबंदी की जाएगी। रतन सिंह ने कहा कि बिजली का वोल्टेज इतना कम रहता है कि सबमर्सिबल पंप नहीं चल पाते। कई किसानों के स्टार्टर और मोटर खराब हो गए हैं। बिजली की गड़बड़ी से धान की खेती पूरी तरह प्रभावित हो रही है। - सिकठा। देवेंद्र राय, पई ने कहा कि अमड़ा उपकेंद्र से जुड़े करीब 100 गांवों के किसान लो वोल्टेज और मनमानी कटौती की समस्या से जूझ रहे हैं। शिकायत के बावजूद स्थायी समाधान नहीं किया गया, इसलिए आंदोलन करना पड़ा। -
धान की सिंचाई के लिए इस समय नियमित और पर्याप्त बिजली की सख्त जरूरत है।