{"_id":"6a593c4c2e6a8e75870ab3ec","slug":"municipal-library-in-shambles-private-libraries-locked-up-chandauli-news-c-189-1-svns1013-151489-2026-07-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandauli News: नगर पालिका की लाइब्रेरी बदहाल, निजी लाइब्रेरियों पर ताला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandauli News: नगर पालिका की लाइब्रेरी बदहाल, निजी लाइब्रेरियों पर ताला
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र-छात्राओं के सामने अब पढ़ाई के लिए उपयुक्त स्थान का संकट खड़ा हो गया है।
एक ओर नगर पालिका की ओर से संचालित सार्वजनिक लाइब्रेरी लंबे समय से बदहाल स्थिति में है, तो दूसरी ओर भवन और अग्नि सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के आरोप में वाराणसी विकास प्राधिकरण और अग्निशमन विभाग की कार्रवाई के बाद शहर की कई निजी लाइब्रेरियों पर ताला लग गया है।
ऐसे में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं को परेशनी का सामना करना पड़ रहा है।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए करीब 20 से अधिक निजी लाइब्रेरियां संचालित हो रही थीं। यहां प्रतिदिन 1200 से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययन करते थे। लाइब्रेरियों में शांत वातावरण के साथ पुस्तकें, समाचार पत्र, प्रतियोगी पत्रिकाएं और लंबे समय तक बैठकर पढ़ाई करने की सुविधा उपलब्ध रहती थी। दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले अनेक छात्र भी इन्हीं लाइब्रेरियों पर निर्भर थे।
हाल ही में वीडीए और अग्निशमन विभाग ने संयुक्त रूप से भवन निर्माण और अग्नि सुरक्षा मानकों की जांच की। इस दौरान मानकों का पालन न करने पर कई निजी लाइब्रेरियों और कोचिंग संस्थानों को सील कर दिया गया। कार्रवाई के बाद अधिकांश लाइब्रेरियां बंद हो गई हैं, जिससे विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
विज्ञापन
दूसरी तरफ नगर पालिका की सार्वजनिक लाइब्रेरी भी छात्रों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर रही है। विद्यार्थियों का कहना है कि लाइब्रेरी में पर्याप्त पुस्तकें नहीं हैं, बैठने की व्यवस्था सीमित है और रखरखाव भी संतोषजनक नहीं है।
कई बार सुविधाएं बढ़ाने और लाइब्रेरी को आधुनिक बनाने की मांग उठी, लेकिन अब तक स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ।
विज्ञापन
एक ओर नगर पालिका की ओर से संचालित सार्वजनिक लाइब्रेरी लंबे समय से बदहाल स्थिति में है, तो दूसरी ओर भवन और अग्नि सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के आरोप में वाराणसी विकास प्राधिकरण और अग्निशमन विभाग की कार्रवाई के बाद शहर की कई निजी लाइब्रेरियों पर ताला लग गया है।
ऐसे में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं को परेशनी का सामना करना पड़ रहा है।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए करीब 20 से अधिक निजी लाइब्रेरियां संचालित हो रही थीं। यहां प्रतिदिन 1200 से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययन करते थे। लाइब्रेरियों में शांत वातावरण के साथ पुस्तकें, समाचार पत्र, प्रतियोगी पत्रिकाएं और लंबे समय तक बैठकर पढ़ाई करने की सुविधा उपलब्ध रहती थी। दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले अनेक छात्र भी इन्हीं लाइब्रेरियों पर निर्भर थे।
विज्ञापन
हाल ही में वीडीए और अग्निशमन विभाग ने संयुक्त रूप से भवन निर्माण और अग्नि सुरक्षा मानकों की जांच की। इस दौरान मानकों का पालन न करने पर कई निजी लाइब्रेरियों और कोचिंग संस्थानों को सील कर दिया गया। कार्रवाई के बाद अधिकांश लाइब्रेरियां बंद हो गई हैं, जिससे विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
विज्ञापन
दूसरी तरफ नगर पालिका की सार्वजनिक लाइब्रेरी भी छात्रों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर रही है। विद्यार्थियों का कहना है कि लाइब्रेरी में पर्याप्त पुस्तकें नहीं हैं, बैठने की व्यवस्था सीमित है और रखरखाव भी संतोषजनक नहीं है।
कई बार सुविधाएं बढ़ाने और लाइब्रेरी को आधुनिक बनाने की मांग उठी, लेकिन अब तक स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ।