UP: 50 करोड़ की 70 बिस्वा जमीन हड़पने में भाजपा जिला उपाध्यक्ष सहित 10 पर FIR, उपनिबंधक और लिपिक भी आरोपी
Varanasi News: वाराणसी में करीब 50 करोड़ रुपये मूल्य की 70 बिस्वा जमीन हड़पने के आरोप में भाजपा जिला उपाध्यक्ष सहित 10 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई है। मामले में गंगापुर के तत्कालीन उपनिबंधक अनिल कुमार और लिपिक सत्यांशु सिंह को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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Varanasi News: डायलिसिस के बहाने सेवानिवृत्त शिक्षक ओमप्रकाश मिश्रा की 50 करोड़ रुपये से ज्यादा की 70 बिस्वा जमीन हड़पने का मामला सामने आया है। तहरीर के आधार पर भाजपा जिला उपाध्यक्ष सुरेश कुमार सिंह, तत्कालीन उपनिबंधक अनिल कुमार और निबंधन कार्यालय के लिपिक सत्यांशु सिंह सहित 10 नामजद आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य आरोपों में प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह कार्रवाई सीजेएम कोर्ट के आदेश पर रोहनिया थाने की पुलिस ने पांच जुलाई को की है।
रोहनिया थाना क्षेत्र के मोहनसराय निवासी प्रमिला मिश्रा ने अधिवक्ता के माध्यम से सीजेएम कोर्ट में आवेदन दाखिल किया था। उनका आरोप था कि बीमार पति ओमप्रकाश मिश्रा की मजबूरी का फायदा उठाकर पुश्तैनी जमीन हड़प ली गई। पति सेवानिवृत्त शिक्षक हैं। वह पिछले दो साल से किडनी की बीमारी से जूझ रहे हैं। सप्ताह में दो बार डायलिसिस कराने के लिए अस्पताल जाना पड़ रहा है।
आरोप है कि भतीजे विशाल मिश्रा और घरेलू ड्राइवर रवि उपाध्याय ने पति को डायलिसिस के लिए अस्पताल ले जाने में मदद की। बाद में आयुष्मान कार्ड बनवाने और इलाज का खर्च कम कराने का झांसा दिया। इसके बाद ओमप्रकाश मिश्रा के नाम पर नया बैंक खाता खुलवा लिया। उनका मोबाइल नंबर और पेंशन खाते से पंजीकृत मोबाइल नंबर भी बदलवा दिया।
सात अप्रैल 2026 को विशाल मिश्रा और रवि उपाध्याय पति ओमप्रकाश मिश्रा को डायलिसिस के लिए महमूरगंज स्थित गैलेक्सी हॉस्पिटल ले गए। डायलिसिस के बाद पति अचेत थे। इसके बावजूद उन्हें गंगापुर निबंधन कार्यालय ले जाया गया और तत्कालीन उपनिबंधक अनिल कुमार और निबंधन लिपिक सत्यांशु सिंह की मिलीभगत से शाम 4:34 बजे से 4:41 बजे के बीच करीब 70 बिस्वा जमीन का बैनामा और दो दानपत्र आरोपियों व उनके करीबियों के नाम दर्ज करा लिए गए।
सात अप्रैल की रात 11:31 बजे से 11:35 बजे के बीच ही पूरी संपत्ति का विक्रय पत्र और अनुबंध पत्र भी निष्पादित करा लिया गया। रोहनिया इंस्पेक्टर राजू सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।
साजिश में ये आरोपी शामिल : प्रमिला मिश्रा की तहरीर के अनुसार, साजिश में मोहनसराय निवासी विशाल मिश्रा, रवि उपाध्याय, दरेखूं निवासी वरुणापति उपाध्याय, प्रवीण कुमार सिंह, घौसाबाद सनराइज टाउन यमुना अपार्टमेंट निवासी नितेश राय, लंका थाना क्षेत्र के छित्तूपुर स्थित सुंदरी सदन निवासी भाजपा जिला उपाध्यक्ष सुरेश कुमार सिंह, सिखड़ी बरकी निवासी अजय कुमार तिवारी, नरऊर निवासी प्रशांत कुमार सिंह, तत्कालीन उपनिबंधक अनिल कुमार और निबंधन लिपिक सत्यांशु सिंह शामिल हैं।
आरोपियों का राजनीतिक प्रभाव, नकाबपोश कर रहे हैं रेकी : प्रमिला मिश्रा ने आवेदन के माध्यम से कोर्ट को बताया कि उन्हें धमकियां दी जा रही हैं। मुंह बांधे युवक परिवार की लगातार रेकी कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने रोहनिया थाना और पुलिस आयुक्त कार्यालय में शिकायती पत्र दिया था, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई।
कोर्ट के आदेश पर मोहन सराय में 70 बिस्वा जमीन हड़पने के मामले में उपनिबंधक और लिपिक सहित 10 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले की जांच कराई जा रही है। - अवधेश विश्वकर्मा, एसीपी रोहनिया
चाचा ने कोर्ट में जाकर अपने भतीजे के नाम जमीन दान की थी। भतीजे ने वही जमीन मुझे बेची है। जमीन खरीदने से पहले अभिलेख देखे थे। जमीन भतीजे के नाम दर्ज थी। सभी नियमो और कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए रजिस्ट्री कराई है। यदि इसमें कोई गलती है तो उसके लिए उनका भतीजा जिम्मेदार है। - सुरेश कुमार सिंह, जिला उपाध्यक्ष, भाजपा
इस प्रकार की घटना से पता चलता है कि भाजपा के लोग किस तरह की जालसाजी कर रहे हैं। सत्ता की आड़ में वे गलत काम कर रहे हैं। सत्ता में रहते हुए इस तरह का कृत्य करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। आने वाले चुनाव में जनता इन्हें जवाब देगी। - अजय राय, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस
बुजुर्ग की जमीन पर कब्जा करने के मामले में 5 पर प्राथमिकी
शिवपुर थाना क्षेत्र के खुशहाल नगर में बुजुर्ग सत्यभामा सिंह की चहारदीवारी ढहाने, जमीन पर कब्जे के प्रयास और मारपीट के मामले में चार नामजद और एक अज्ञात के खिलाफ रविवार की देर रात प्राथमिकी दर्ज की गई। कार्रवाई की मांग को लेकर देर रात तक अधिवक्ताओं का समूह शिवपुर थाने पर डटा रहा।
जिला न्यायालय के अधिवक्ता आशुतोष रघुवंशी ने पुलिस को बताया कि 7 जुलाई को उनकी नानी सत्यभामा सिंह ने सूचना दी थी कि ऋषिकांत सिंह, जिलेदार सिंह, रामगोपाल सिंह, अनुपम सिंह उर्फ मोंटी और उनके अज्ञात साथी जमीन की चहारदीवारी तोड़ रहे हैं। वे जमीन पर अवैध कब्जे का प्रयास कर रहे हैं। सूचना पर साथी अधिवक्ताओं विनय कुमार सिंह, धीरज सिंह और प्रतीक कुमार सिंह के साथ मौके पर पहुंच गया। इस दौरान आरोपी नाराज हो गए। साथ ही गाली-गलौज करने और जान से मारने की धमकी देने लगे।
आरोपियों ने अधिवक्ता धीरज सिंह और प्रतीक कुमार सिंह पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया। इससे तीन अधिवक्ता घायल हो गए। पीड़ित अधिवक्ता आशुतोष ने पुलिस को बताया कि अवैध कब्जा करने वाले एक संगठित गिरोह के रूप में काम करते हैं। शिवपुर इंस्पेक्टर अजीत कुमार वर्मा ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। इससे पहले 11 जुलाई को अधिवक्ता ऋषिकांत सिंह की तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज हुई थी।